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छोटे पशु, बड़े बिल: पकड़ने के नाम पर खेल

Tue, 06 May 2025 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 06 May 2025 01:17 AM IST
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Small animals, big bills: The name of the game of catching
सिरसा। शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए चलाया गया अभियान अब सवालों के घेरे में आ गया है। गोशालाओं और नंदीशालाओं में भेजे गए करीब 2 हजार पशुओं का रिकॉर्ड मेल नहीं खा रहा है। जांच में सामने आया है कि छोटे पशुओं को बड़े दिखाकर उनका भुगतान लिया गया है। गड़बड़ी पकड़ने के साथ नगर परिषद अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप ने मामले में जांच बैठा दी है। इसके साथ ही ठेकेदार के टेंडर को रद्द करके भुगतान पर रोक लगा दी है।
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जिला नगर आयुक्त ने वर्ष 2024 में सर्दी के मौसम में बेसहारा पशु पकड़ने के लिए अभियान चलाया था। स्वयं आगे आकर उन्होंने इस अभियान में तेजी लाने का कार्य किया। इसके बाद धीरे-धीरे अधिकारियों और कर्मचारियों के स्तर पर अभियान चलाया गया। इसके बाद इस अभियान ने धांधली का रूप ले लिया। अभियान के तहत पशुओं को पकड़ने के साथ नंदीशाला और गोशाला रखवाया गया था। इसके बाद भी पशुओं का मिलान नहीं हो रहा है। नगर परिषद की ओर से नंदीशालाओं, गोशालाओं और एजेंसी के रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है, लेकिन इसमें पशुओं का मिलान नहीं हो पा रहा है।
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दो हजार पशुओं के रिकॉर्ड का नहीं हो रहा मिलान
नगर परिषद के अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप ने बताया कि जांच के दौरान पशु पकड़ो अभियान में गड़बड़ी मिली है। छोटे पशुओं को पकड़कर गोशालाओं और नंदीशाला ले जाया गया है। इनका पैसा व्यस्क पशु के तौर पर वसूला गया है। पूर्व में पकड़े गए दो हजार पशुओं के रिकॉर्ड का मिलान नहीं हो रहा है। इसकी जांच की जा रही है। जनता के पैसे को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। ठेकेदार के टेंडर को रद्द कर दिया गया। नया टेंडर जांच के बाद ही दिया जाएगा।
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प्रति पशु 30 से 50 रुपये दे रही नगर परिषद
नगर परिषद की ओर से बेसहारा पशुओं को पकड़ कर गोशाला और नंदीशाला में भेजा जाता है। इसके लिए संचालकों को प्रति पशु 30 से 50 रुपये दिए जाते हैं। छोटे और बड़े पशुओं के लिए रुपये अलग अलग होते है। करीब तीन हजार पशुओं के लिए लाखों रुपये नगर परिषद गोशालाओं ओर नंदीशालाओं को दे रहे है।




पशु पकड़ो अभियान के तहत दो हजार से ज्यादा पशुओं को नंदीशाला व गोशाला भेजा गया था। इन पशुओं के आंकलन में गड़बड़ी सामने आई है। इसकी जांच बैठाई गई है। ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाकर उसका ठेका रद्द कर दिया है। - वीर शांतिस्वरूप, अध्यक्ष, नगर परिषद।
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