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ऐलनाबाद में 4 साल बाद सुनाई दी ट्रेन की सीटी
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Tue, 24 May 2016 11:47 PM IST
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रेलगाड़ी
- फोटो : bureau
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चार साल बाद ऐलनाबाद के रेलवे स्टेेशन पर मंगलवार को पहली बार ट्रेन की सीटी सुनाई दी। जनता ने स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेन ड्राइवर को मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। अब इस ट्रैक पर नियमित रूप से ट्रेनों का संचालन होगा। जिससे लोगों को राहत मिलेगी। बता दें कि सादूलपुर-हनुमानगढ़ वाया ऐलनाबाद ट्रैक पर पिछले चार साल से ब्रॉडगेज निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके कारण पूरी तरह से रेल यातायात संचालन बंद था। इसके पहले वर्ष 1927 से इस ट्रैक पर ट्रेनें मीटर गेज पर दौड़ती थी। हनुमानगढ़ में मंगलवार को इस ट्रेन को रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
24 मई को सुबह साढ़े दस बजे पहली ट्रेन इंजन नंबर डब्ल्यूडीजी 4डी 70518, ट्रेन नंबर हनुमानगढ़-सादुलपुर 04744 रवाना हुई। जिसे ऐलनाबाद 11.37 पर पहुंचना था, लेकिन रास्ते में पड़ने वाले प्रत्येक स्टेशनों पर लोगों द्वारा चालक दल का स्वागत किए जाने के कारण पहले ही दिन यह ट्रेन एक घंटा 13 मिनट की देरी से ठीक एक बजे ऐलनाबाद पहुंची। जहां रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही ट्रेन का इंतजार कर रहे सैकड़ों नागरिकों ने चालक दल का स्वागत करते हुए उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। ट्रेन की पहली टिकट लेने को युवाओं में होड़ मची हुई थी। सबसे पहले सुनीत सरदाना ने रेल टिकट खरीदा। हालांकि पहले ही दिन पानी की किल्लत लोगों के सामने नजर आई।
रेल अधिकारियों ने बताया कि इस रेलगाड़ी की गोगामेड़ी तक 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार रहेगी, जबकि बाद में ट्रेन की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी। स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हनुमानगढ़ जंक्शन से चलने के बाद ऐलनाबाद होती हुई यह ट्रेन दोपहर बाद सादुलपुर पहुंचेगी। इसके बाद वहां से सवा चार बजे रवाना होकर ऐलनाबाद होते हुए रात 8.45 बजे हनुमानगढ़ स्टेशन पहुंचेगी। इस ब्रॉडगेज रेलवे ट्रैक का निरीक्षण दो माह पूर्व रेलवे के सीआरएस ने किया था, जिसमें सुरक्षा व्यवस्थाओं को जांच कर कुछ कमियों को दुरुस्त करने की शर्त पर ट्रेन चलाने की मंजूरी दी थी। अधिकारियों के अनुसार सीआरएस ने ट्रैक की जो कमियां बताई थी वह अब दूर कर ली गई थी।
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अगले दिन से इस ट्रेन के फेरे बढ़ाए जाने की संभावना है। हनुमानगढ़-सादुलपुर वाया ऐलनाबाद मीटर गेज रेल ट्रैक सन 1927 में बीकानेर रियासत एवं अंग्रेजों के राज में शुरू हुआ था। तब से इस रेल ट्रैक पर निरंतर मीटर गेज गाड़ियां दौड़ रही थी। रेलवे ने 30 सितंबर 2012 को इस रेल खंड पर ब्रॉडगेज का कार्य शुरू किया। उस समय रेलवे ने अप्रैल 2015 तक अर्थात 27 माह की समयावधि में इस मीटर गेज रेल ट्रैक को ब्रॉडगेज रेल ट्रैक में परिवर्तन कर गाड़ियां चलाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। उस समय रेलवे ने 400 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावनाएं जताई थी लेकिन अब तक इस कार्य पर 497 करोड़ रुपये खर्च हो चुके है।
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24 मई को सुबह साढ़े दस बजे पहली ट्रेन इंजन नंबर डब्ल्यूडीजी 4डी 70518, ट्रेन नंबर हनुमानगढ़-सादुलपुर 04744 रवाना हुई। जिसे ऐलनाबाद 11.37 पर पहुंचना था, लेकिन रास्ते में पड़ने वाले प्रत्येक स्टेशनों पर लोगों द्वारा चालक दल का स्वागत किए जाने के कारण पहले ही दिन यह ट्रेन एक घंटा 13 मिनट की देरी से ठीक एक बजे ऐलनाबाद पहुंची। जहां रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही ट्रेन का इंतजार कर रहे सैकड़ों नागरिकों ने चालक दल का स्वागत करते हुए उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। ट्रेन की पहली टिकट लेने को युवाओं में होड़ मची हुई थी। सबसे पहले सुनीत सरदाना ने रेल टिकट खरीदा। हालांकि पहले ही दिन पानी की किल्लत लोगों के सामने नजर आई।
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रेल अधिकारियों ने बताया कि इस रेलगाड़ी की गोगामेड़ी तक 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार रहेगी, जबकि बाद में ट्रेन की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी। स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हनुमानगढ़ जंक्शन से चलने के बाद ऐलनाबाद होती हुई यह ट्रेन दोपहर बाद सादुलपुर पहुंचेगी। इसके बाद वहां से सवा चार बजे रवाना होकर ऐलनाबाद होते हुए रात 8.45 बजे हनुमानगढ़ स्टेशन पहुंचेगी। इस ब्रॉडगेज रेलवे ट्रैक का निरीक्षण दो माह पूर्व रेलवे के सीआरएस ने किया था, जिसमें सुरक्षा व्यवस्थाओं को जांच कर कुछ कमियों को दुरुस्त करने की शर्त पर ट्रेन चलाने की मंजूरी दी थी। अधिकारियों के अनुसार सीआरएस ने ट्रैक की जो कमियां बताई थी वह अब दूर कर ली गई थी।
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अगले दिन से इस ट्रेन के फेरे बढ़ाए जाने की संभावना है। हनुमानगढ़-सादुलपुर वाया ऐलनाबाद मीटर गेज रेल ट्रैक सन 1927 में बीकानेर रियासत एवं अंग्रेजों के राज में शुरू हुआ था। तब से इस रेल ट्रैक पर निरंतर मीटर गेज गाड़ियां दौड़ रही थी। रेलवे ने 30 सितंबर 2012 को इस रेल खंड पर ब्रॉडगेज का कार्य शुरू किया। उस समय रेलवे ने अप्रैल 2015 तक अर्थात 27 माह की समयावधि में इस मीटर गेज रेल ट्रैक को ब्रॉडगेज रेल ट्रैक में परिवर्तन कर गाड़ियां चलाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। उस समय रेलवे ने 400 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावनाएं जताई थी लेकिन अब तक इस कार्य पर 497 करोड़ रुपये खर्च हो चुके है।