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सिरसा : ज्ञापन लेने नहीं आए अधिकारी तो बिफरे किसान, डीसी कार्यालय में जाने के लिए पुलिस से की धक्का-मुक्की
Mon, 11 Sep 2023 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 11 Sep 2023 11:42 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के बैनरतले सोमवार को किसान बाढ़ से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग को लेकर लघु सचिवालय में धरना-प्रदर्शन किया। काफी देर तक कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आए तो किसान आगबबूला हो गए। किसान नेता भूपेंद्र वेदवाला व सिकंदर सिंह रोड़ी के नेतृत्व में किसान करीब पौने दो बजे लघु सचिवालय की ओर कूच करने लगे। किसानों को लघु सचिवालय के अंदर आते देख पुलिस जवानों ने लघु सचिवालय का मुख्य गेट बंद कर दिया। इस दौरान किसानों व पुलिस जवानों में धक्का-मुक्की हुई।
प्रदर्शनकारी किसानों की मांग को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि सरकार और अधिकारी किसानों की वाजिब मांग को नहीं मानकर अड़ियल रुख अपना रहे हैं, जो कि ठीक नहीं है। काफी देर बाद किसानों ने सीटीएम अजय सिंह को ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के संरक्षक सिकंदर रोड़ी, प्रधान भूपेंद्र वैदवाला व हरविंद्र थिंद सहित अन्य किसानों ने सीटीएम को सौंपे ज्ञापन के बारे में बताया कि बाढ़ से प्रभावित सभी को किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाए। मुआवजा देने को लेकर लगाई गई 5 एकड़ की तय सीमा को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। इसके अलावा प्रधानमंत्री से मांग की है कि फसल खराबा का 30000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए व बाढ़ के कारण खराब व प्रभावित हुए नलकूप का मुआवजा भी किसानों को मिलना चाहिए।
बाढ़ के कारण जिन किसानों के खेतों में रेत चढ़ चुका है उन किसानों को बिना शर्त रेत बेचने की इजाजत दी जाए। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि तेलंगाना सरकार की तर्ज पर किसान को 12000 रुपये प्रति एकड़ वार्षिक सब्सिडी दी जाए। जिन परिवारों की वार्षिक आय 6 लाख रुपये से कम है उनके मुखिया का 10 लाख रुपये का बीमा दिया जाए व प्रदेश में सभी का इलाज फ्री कराया जाए।, इस दौरान डीएसपी हेड क्वार्टर जगत सिंह मोर, अजायब सिंह व सिविल लाइन थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
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सिरसा। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के बैनरतले सोमवार को किसान बाढ़ से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग को लेकर लघु सचिवालय में धरना-प्रदर्शन किया। काफी देर तक कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आए तो किसान आगबबूला हो गए। किसान नेता भूपेंद्र वेदवाला व सिकंदर सिंह रोड़ी के नेतृत्व में किसान करीब पौने दो बजे लघु सचिवालय की ओर कूच करने लगे। किसानों को लघु सचिवालय के अंदर आते देख पुलिस जवानों ने लघु सचिवालय का मुख्य गेट बंद कर दिया। इस दौरान किसानों व पुलिस जवानों में धक्का-मुक्की हुई।
प्रदर्शनकारी किसानों की मांग को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि सरकार और अधिकारी किसानों की वाजिब मांग को नहीं मानकर अड़ियल रुख अपना रहे हैं, जो कि ठीक नहीं है। काफी देर बाद किसानों ने सीटीएम अजय सिंह को ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के संरक्षक सिकंदर रोड़ी, प्रधान भूपेंद्र वैदवाला व हरविंद्र थिंद सहित अन्य किसानों ने सीटीएम को सौंपे ज्ञापन के बारे में बताया कि बाढ़ से प्रभावित सभी को किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाए। मुआवजा देने को लेकर लगाई गई 5 एकड़ की तय सीमा को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। इसके अलावा प्रधानमंत्री से मांग की है कि फसल खराबा का 30000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए व बाढ़ के कारण खराब व प्रभावित हुए नलकूप का मुआवजा भी किसानों को मिलना चाहिए।
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बाढ़ के कारण जिन किसानों के खेतों में रेत चढ़ चुका है उन किसानों को बिना शर्त रेत बेचने की इजाजत दी जाए। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि तेलंगाना सरकार की तर्ज पर किसान को 12000 रुपये प्रति एकड़ वार्षिक सब्सिडी दी जाए। जिन परिवारों की वार्षिक आय 6 लाख रुपये से कम है उनके मुखिया का 10 लाख रुपये का बीमा दिया जाए व प्रदेश में सभी का इलाज फ्री कराया जाए।, इस दौरान डीएसपी हेड क्वार्टर जगत सिंह मोर, अजायब सिंह व सिविल लाइन थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
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