{"_id":"649be0d9480d94cd1f0a7fa4","slug":"sirsa-accused-of-embezzlement-of-recovery-amount-returned-home-after-one-year-and-11-months-2023-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa: 23 माह बाद लौटा घपले का आरोपी, सरकार से मांगे लाभ, कोरोना में मास्क न पहनने के चालान का किया था गबन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa: 23 माह बाद लौटा घपले का आरोपी, सरकार से मांगे लाभ, कोरोना में मास्क न पहनने के चालान का किया था गबन
Wed, 28 Jun 2023 01:00 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 28 Jun 2023 01:00 PM IST
सार
मास्क चालान राशि जमा न करवाने का आरोपी हेल्थ इंस्पेक्टर देवेंद्र मोंगा 31 मई 2021 से अपनी ड्यूटी से गैर हाजिर था। 31 मई 2021 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड करके उसने अपना पक्ष रखा था। खुद को बेकसूर बताते हुए सरकारी अस्पताल के डिप्टी सीएमओ, अकाउंट ऑफिसर और क्लर्क पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।
विज्ञापन
आरोपी देवेंद्र मोंगा।
- फोटो : फाइल
विस्तार
कोरोना काल में मास्क न पहनने के चालान करने के बाद लोगों से वसूली राशि का गबन करने का आरोपी एक वर्ष 11 माह बाद घर वापस लौट आया है। राशि खजाने में जमा न करवाने के बाद विभाग की ओर से कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा गया था और हेल्थ इंस्पेक्टर को भी नोटिस जारी किए गए थे। जिसके बाद उसने भाखड़ा नहर पर पहुंच उसमें छलांग लगाने का एक वीडियो भी वायरल कर ड्रामा भी किया था। ऐसे में अब वह घर वापस लौट आया है।
विज्ञापन
वहीं राशि गबन का आरोपी हेल्थ इंस्पेक्टर देवेंद्र मोंगा ने अब पत्र के जरिये सीएमओ से पेंशन सहित अन्य लाभ भी मांगे है। एप्लीकेशन में लिखा है कि मैं एमपीएचएस के पद पर कार्यरत था। मेडिकल लीव के दौरान उसे मास्क चालान राशि जमा न कराने के बारे में नोटिस जारी किया गया। तीन जून को उसने रिकार्ड प्रस्तुत करना था, लेकिन उससे पहले ही उसे कई अधिकारियों की ओर से प्रताड़ित किया गया, जिससे मानसिक दबाव में कीरतपुर साहिब के पास भाखड़ा में डूबने का फैसला किया था। लेकिन उसने नहर में छलांग नहीं लगाई थी। उसके बाद मैं यहां-वहां भटकता रहा, जैसे तैसे करके अब घर वापस लौटा हूं। जबकि 30 नवंबर 2022 को मेरी सेवानिवृत्ति थी। जिसके तहत पेंशन सहित लाभ प्रदान किए जाए, अगर कोई राशि बनती है उसका भुगतान पेंशन बेनिफिट्स से काट लिया जाए, वहीं अनुपस्थिति के दौरान लिखे पत्रों की प्रतियां मांगी हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Patiala: बेटे और पड़ोसन की फर्जी हाजिरी लगा वेतन ले रहा था पंजाबी यूनिवर्सिटी का सुपरवाइजर, बर्खास्त
विज्ञापन
धोखाधड़ी का मामला है दर्ज
गबन की राशि लेकर फरार होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले की शिकायत पुलिस को दी गई थी। उप सिविल सर्जन की शिकायत पर शहर थाना सिरसा पुलिस ने एमपीएचएस देवेंद्र सिंह व शिव कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। शिकायत में बताया कि मास्क चालान की राशि सरकारी खजाने में जमा करवाने का ब्योरा मांगा था जो रिकार्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद 31 मई 2021 को कर्मचारी देवेंद्र मोंगा अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर हो गया।
जांच के तहत रिकार्ड प्राप्त करके शिकायत दी गई। जिसमें कर्मचारी देवेंद्र मोंगा की ओर से जमा करवाई गई राशि में 43 लाख 64,500 का अंतर पाया गया था। उसकी मौजूदगी न होने पर एमपीएचडब्ल्यू शिव कुमार की ओर से प्राप्त की गई राशि का ब्योरा मांगा तो उसने भी करीब तीन लाख 10 हजार रुपये कम जमा करवाए थे। इस मामले में छानबीन करते हुए पुलिस ने दिसंबर 2021 में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
लाइव होकर नहर में कूदने का किया था ड्रामा
मास्क चालान राशि जमा न करवाने का आरोपी हेल्थ इंस्पेक्टर देवेंद्र मोंगा 31 मई 2021 से अपनी ड्यूटी से गैर हाजिर था। 31 मई 2021 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड करके उसने अपना पक्ष रखा था। एक मिनट के वीडियो में खुद को बेकसूर बताते हुए सरकारी अस्पताल के एक डिप्टी सीएमओ, अकाउंट ऑफिसर और एक क्लर्क पर प्रताड़ना के आरोप लगाकर जीवन लीला समाप्त करने की बात कही थी। हेल्थ इंस्पेक्टर ने अपने बेटे के मोबाइल पर नंबर पर भी सुसाइड नोट लिखकर भेजा था।
प्रताड़ित करने के आरोप लगाकर गायब हुए इंस्पेक्टर की गाड़ी को पंजाब के रोपड़ जिले की भरतगढ़ चौकी पुलिस ने भाखड़ा नहर के समीप से बरामद किया था। कार में उसका मोबाइल व अन्य कागजात भी मिले थे। पुलिस ने हेल्थ इंस्पेक्टर की तलाश में गोताखोरों की मदद से 3 दिन सर्च अभियान भी चलाया था। लेकिन कुछ पता नहीं चलने के बाद पुलिस ने उसे लापता की सूची में डाल रखा था।