{"_id":"649bc53d226ef87ef60a6e75","slug":"security-supervisor-on-contract-in-punjabi-university-patiala-dismissed-on-charges-of-corruption-2023-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Patiala: बेटे और पड़ोसन की फर्जी हाजिरी लगा वेतन ले रहा था पंजाबी यूनिवर्सिटी का सुपरवाइजर, बर्खास्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Patiala: बेटे और पड़ोसन की फर्जी हाजिरी लगा वेतन ले रहा था पंजाबी यूनिवर्सिटी का सुपरवाइजर, बर्खास्त
Wed, 28 Jun 2023 10:59 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 28 Jun 2023 10:59 AM IST
सार
पीयू में कानून विभाग से अध्यापक डॉ. मोनिका आहूजा ने बताया कि उनके समेत तीन मेंबरी कमेटी की ओर से इस पूरे मामले की जांच की गई है। जांच के दौरान विभिन्न सबूतों के साथ जब पुख्ता जानकारी उसके सामने रखी गई तो उसने अपने जुर्म को स्वीकार कर लिया।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला के सुरक्षा विभाग में कॉन्ट्रैक्ट पर बतौर सुरक्षा सुपरवाइजर तैनात कर्मचारी को भ्रष्टाचार के आरोपों में बर्खास्त कर दिया गया है। रूपिंदर सिंह नाम के इस कर्मचारी पर आरोप है कि वह अपने बेटे समेत दो लोगों की फर्जी हाजिरी लगाकर उनके नाम पर वेतन ले रहा था। यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से गठित तीन मेंबरी कमेटी की जांच में रूपिंदर सिंह के खिलाफ आरोप साबित हुए हैं।
बेटा न्यूजीलैंड में, पिता ने छह साल ली तन्ख्वाह
जिन दो लोगों की फर्जी हाजिरी लगाकर आरोपी रूपिंदर सिंह वेतन ले रहा था, उनमें से एक इस कर्मचारी का अपना बेटा गुरप्रीत सिंह है, जो साल 2017 से न्यूजीलैंड में रह रहा है, लेकिन आरोपी ने अपने बेटे की फर्जी हाजिरी के जरिए उसे सुरक्षा स्टाफ का कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी दिखाकर साल 2015 से 2021 तक उसका वेतन हासिल किया। जांच के दौरान रूपिंदर सिंह ने आरोप स्वीकार कर लिया है।
यह भी पढ़ें: खौफनाक: बुजुर्ग मां पर टूटा बेरहम बेटे का कहर, लात-थप्पड़ों से पीटा, बाल पकड़कर घसीटा, वीडियो वायरल
विज्ञापन
महिला को देता था 1000 रुपये प्रति महीना
दूसरे मामले में रूपिंदर सिंह ने अपने ही पड़ोस में रहने वाली एक महिला कुलदीप कौर का नाम भी सुरक्षा स्टाफ की कांट्रेक्ट कर्मी के तौर पर इस्तेमाल करते हुए उसकी फर्जी हाजिरी लगाई और साल 2019 से 2021 तक तनख्वाह प्राप्त की। जांच के दौरान जब कुलदीप कौर के साथ संपर्क किया गया, तो सामने आया कि वह घरेलू कामकाज करने वाली महिला है। आरोपी की ओर से उसे इस गलत काम के बदले में 1000 रुपये प्रति महीना दिया जाता था।
आरोपी ने स्वीकार किया जुर्म, वसूली जाएगी रकम
पीयू में कानून विभाग से अध्यापक डॉ. मोनिका आहूजा ने बताया कि उनके समेत तीन मेंबरी कमेटी की ओर से इस पूरे मामले की जांच की गई है। जांच के दौरान विभिन्न सबूतों के साथ जब पुख्ता जानकारी उसके सामने रखी गई तो उसने अपने जुर्म को स्वीकार कर लिया। जाली हाजिरी के जरिए तन्ख्वाह के रूप में हासिल की रकम को आरोपी से वसूल करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वीसी प्रो. अरविंद ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।
विज्ञापन
बेटा न्यूजीलैंड में, पिता ने छह साल ली तन्ख्वाह
जिन दो लोगों की फर्जी हाजिरी लगाकर आरोपी रूपिंदर सिंह वेतन ले रहा था, उनमें से एक इस कर्मचारी का अपना बेटा गुरप्रीत सिंह है, जो साल 2017 से न्यूजीलैंड में रह रहा है, लेकिन आरोपी ने अपने बेटे की फर्जी हाजिरी के जरिए उसे सुरक्षा स्टाफ का कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी दिखाकर साल 2015 से 2021 तक उसका वेतन हासिल किया। जांच के दौरान रूपिंदर सिंह ने आरोप स्वीकार कर लिया है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: खौफनाक: बुजुर्ग मां पर टूटा बेरहम बेटे का कहर, लात-थप्पड़ों से पीटा, बाल पकड़कर घसीटा, वीडियो वायरल
विज्ञापन
महिला को देता था 1000 रुपये प्रति महीना
दूसरे मामले में रूपिंदर सिंह ने अपने ही पड़ोस में रहने वाली एक महिला कुलदीप कौर का नाम भी सुरक्षा स्टाफ की कांट्रेक्ट कर्मी के तौर पर इस्तेमाल करते हुए उसकी फर्जी हाजिरी लगाई और साल 2019 से 2021 तक तनख्वाह प्राप्त की। जांच के दौरान जब कुलदीप कौर के साथ संपर्क किया गया, तो सामने आया कि वह घरेलू कामकाज करने वाली महिला है। आरोपी की ओर से उसे इस गलत काम के बदले में 1000 रुपये प्रति महीना दिया जाता था।
आरोपी ने स्वीकार किया जुर्म, वसूली जाएगी रकम
पीयू में कानून विभाग से अध्यापक डॉ. मोनिका आहूजा ने बताया कि उनके समेत तीन मेंबरी कमेटी की ओर से इस पूरे मामले की जांच की गई है। जांच के दौरान विभिन्न सबूतों के साथ जब पुख्ता जानकारी उसके सामने रखी गई तो उसने अपने जुर्म को स्वीकार कर लिया। जाली हाजिरी के जरिए तन्ख्वाह के रूप में हासिल की रकम को आरोपी से वसूल करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वीसी प्रो. अरविंद ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।