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Sirsa News: डेरों को चुप्पी निभाएगी अहम रोल, साइलेंट वोटर करेगा निर्णय

Sat, 25 May 2024 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 25 May 2024 01:22 AM IST
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Silent voters can make big changes.
सिरसा। सिरसा लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है। यह सीट पहली बार 1962 में अस्तित्व में आई थी। भाजपा को पहली बार 2019 लोकसभा चुनाव में यहां से जीत मिली। उससे पहले तक इस पर कांग्रेस और इनेलो का वर्चस्व रहा है। कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे दलबीर सिंह की बेटी कुमारी सैलजा लंबे समय बाद सिरसा लोकसभा सीट से मैदान में है।
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वहीं भाजपा खेमे से डॉ. अशोक तंवर मैदान में उतरे हैं। ऐसे में दोनों के सामने निवर्तमान सांसद सुनीता दुग्गल का 2019 का बनाया हुआ रिकॉर्ड तोड़ना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सांसद सुनीता ने इस चुनाव में 52 प्रतिशत से अधिक वोट बैंक हासिल किया था। यह रिकॉर्ड उन्होंने मौजूदा भाजपा प्रत्याशी और कांग्रेस के पूर्व सांसद अशोक तंवर को हराकर वर्ष 2019 में बनाया था। उस समय में डॉ. अशोक तंवर को 29 फीसदी वोट मिले थे।
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इस बार चुनावी रण में बदलाव देखने को मिल रहा है। साइलेंट वोटर इस बार बड़ा फेरबदल कर सकते हैं। इसको लेकर चर्चाएं सिरसा से लेकर नरवाना तक हैं। जहां कुमारी सैलजा की जीत कांग्रेस पार्टी में उनके सीएम पद की दावेदारी को मजबूती देती नजर आएगी। वहीं, भाजपा के प्रत्याशी अशोक तंवर की जीत नए आयाम स्थापित करेगी। प्रत्याशियों की जीत हार में इस बार डेरों का भी बड़ा अहम रोल रहने वाला है।
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मौजूदा समय में भले ही सिरसा डेरा सच्चा सौदा चर्चाओं में है, लेकिन कई ऐसे बड़े डेरे हैं, जो चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि इन डेरों में कांग्रेस प्रत्याशी व कांग्रेस नेता दूरी बनाए रहे। लेकिन भाजपा ने इन डेरों से कभी कोई दूरी नहीं बनाई। सीएम व अन्य प्रचारक यहां संचालकों से मिलते रहे। सभी ने डेरों से आशीर्वाद लिया।

इस बार मैदान में 19 प्रत्याशी मैदान में है
लोकसभा चुनावों में इस बार 19 प्रत्याशी हैं। नोटा को मिलाकर कुल 20 प्रत्याशी होते है। लोकसभा चुनावों के अनुसार कांग्रेस पार्टी से कुमारी सैलजा, भारतीय जनता पार्टी से डॉ. अशोक तंवर, इनेलो के संदीप लोट व जेजेपी के रमेश खटक के अलावा कई अन्य मैदान में हैं।

वर्ष 2019 में यह रहा था मत प्रतिशत
नरवाना : भाजपा जीती -51,323 (34.7%)

भाजपा -82,166 (55.56%)
कांग्रेस -30,843 (20.85%)
जजपा -19,769 (13.36%)
इनेलो-7,172 (4.84%)
टोहाना : भाजपा जीती -8,868 (5.31%)

भाजपा -71,409 (42.76%)
कांग्रेस -62,541 (37.45%)
जजपा -15,387 (9.2%)
इनेलो -3,102 (1.85%)
फतेहाबाद : भाजपा जीती - 75,896 (42.46%)
भाजपा -1,17,443 (65.7%)
कांग्रेस -41,547 (23.24%)
जजपा -6,576 (3.67%)
इनेलो -5,160 (2.88%)
रतिया : भाजपा जीती -39,682 (24.23%)
भाजपा -89,994 (55%)
कांग्रेस -50,312 (30.77%)
जजपा -8,470 (5.18%)
इनेलो -6,734 (4.11%)
कालांवाली : भाजपा जीती -20,990 (15.23%)
भाजपा -64,439 (46.75%)
कांग्रेस -43,449 (31.52%)
जजपा -11,475 (8.32%)
इनेलो -12,108 (8.78%)
डबवाली : भाजपा जीती -8,662 (5.83%)
भाजपा -59,280 (39.73%)
कांग्रेस-50,618 (33.9%)
जजपा-17,016 (11.4%)
इनेलो-15,322 (10.26%)
रानियां : भाजपा जीती -27,309 (19.47%)
भाजपा -71,154 (50.74%)
कांग्रेस -43,845 (31.27%)
जजपा -6,632 (4.7%)
इनेलो-13,272 (9.46%)
सिरसा : भाजपा जीती -41,214 (29.22%)
भाजपा - 83,987 (59.6%)
कांग्रेस -42,773 (30.38%)
जजपा -3,355 (2.38%)
इनेलो -6,328 (4.49%)
ऐलनाबाद : भाजपा जीती -34,659 (24.47%)
भाजपा - 72,593 (51.27%)
कांग्रेस -37,934 (26.8%)
जजपा -7,045 (4.97%)
इनेलो -18,749 (13.24%)

साल नेता पार्टी
1962, 1967, 1971 में चौधरी दलबीर सिंह कांग्रेस
1977 चौधरी चांदराम जनता पार्टी
1980,1984 चौधरी दलबीर सिंह कांग्रेस
1988 उप चुनाव हेतराम लोकदल
1989 हेतराम जनता दल
1991,1996 कुमारी सैलजा, कांग्रेस
1998,99, डॉ. सुशील इंदौरा इनेलो
2004 आत्मा सिंह गिल कांग्रेस
2009 अशोक तंवर कांग्रेस
2014 चरणजीत सिंह रोडी इनेलो
2019 सुनीता दुग्गल भाजपा
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