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Sirsa News: पूर्व पार्षदों के आवास से साइन बोर्ड उखाड़ कबाड़ में डाले
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उतारकर कबाड में डाले गए साइन बोर्ड।
सिरसा। पूर्व पार्षदों के साइन बोर्ड हटाने पर शुक्रवार को विवाद खड़ा हो गया। नगर परिषद के पूर्व पार्षदों ने इस मामले में मुख्यमंत्री व जिला नगर आयुक्त को शिकायत की। क्योंकि बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के एक ठेकेदार ओर से उनके साइन बोर्ड काटकर नगर परिषद में कबाड़ में डाल दिए गए।
पूर्व पार्षदों ने कहा कि आठ लाख रुपये का खर्च सात साल पहले नगर परिषद ने साइन बोर्डों पर किया था। नगर परिषद को बोर्ड हटाने थे तो वह पहले हटाकर उनका सदुपयोग करते और नए बने पार्षदों के नामों को उन पर प्रकाशित करवा सकते थे। इससे नगर परिषद के लाखों रुपये बच जाते। इस मामले में जिला नगर आयुक्त विरेंद्र सहरावत ने अधिकारियों को मामले की रिपोर्ट देने के आदेश दिए।
पूर्व पार्षद नीतू सोनी ने बताया कि उनके बतौर नगर पार्षद रहते वर्ष 2017 में नगर परिषद की तरफ में करीब आठ लाख की लागत से सभी नगर पार्षदों के आवास के आगे साइन बोर्ड लगाए गए थे। आठ साल बाद अब नगरपरिषद प्रशासन इन साइन बोर्ड को हटवाने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व नगर पार्षदों के बोर्ड को उखड़वाकर कबाड़ में डाल दिया गया है।
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नगर परिषद के अधिकारियों ने नहीं जारी किए आदेश
पूर्व पार्षद नीतू सोनी ने बताया कि नगर परिषद के अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किए हैं। इतना ही नहीं, हाउस की प्रोसिडिंग में इन्हें हटाने की अनुमति मांगी गई थी, जो अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में गलत तरीके से बोर्ड को हटाने मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इतना ही नहीं, नउ लगाए गए साइन बोर्ड में नए से लेकर पूर्व पार्षद तक के नाम लिखे गए हैं, जो नियमानुसार नहीं है। ऐसे साइन बोर्ड बनाने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शिकायत दी है ।
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पूर्व पार्षदों ने कहा कि आठ लाख रुपये का खर्च सात साल पहले नगर परिषद ने साइन बोर्डों पर किया था। नगर परिषद को बोर्ड हटाने थे तो वह पहले हटाकर उनका सदुपयोग करते और नए बने पार्षदों के नामों को उन पर प्रकाशित करवा सकते थे। इससे नगर परिषद के लाखों रुपये बच जाते। इस मामले में जिला नगर आयुक्त विरेंद्र सहरावत ने अधिकारियों को मामले की रिपोर्ट देने के आदेश दिए।
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पूर्व पार्षद नीतू सोनी ने बताया कि उनके बतौर नगर पार्षद रहते वर्ष 2017 में नगर परिषद की तरफ में करीब आठ लाख की लागत से सभी नगर पार्षदों के आवास के आगे साइन बोर्ड लगाए गए थे। आठ साल बाद अब नगरपरिषद प्रशासन इन साइन बोर्ड को हटवाने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व नगर पार्षदों के बोर्ड को उखड़वाकर कबाड़ में डाल दिया गया है।
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नगर परिषद के अधिकारियों ने नहीं जारी किए आदेश
पूर्व पार्षद नीतू सोनी ने बताया कि नगर परिषद के अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किए हैं। इतना ही नहीं, हाउस की प्रोसिडिंग में इन्हें हटाने की अनुमति मांगी गई थी, जो अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में गलत तरीके से बोर्ड को हटाने मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इतना ही नहीं, नउ लगाए गए साइन बोर्ड में नए से लेकर पूर्व पार्षद तक के नाम लिखे गए हैं, जो नियमानुसार नहीं है। ऐसे साइन बोर्ड बनाने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शिकायत दी है ।