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Sirsa News: शारदीय नवरात्र शुरू, मंदिरों से घरों तक गूंजे मां के जयकारे

Sun, 11 Oct 2026 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 11 Oct 2026 11:16 PM IST
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Sharadiya Navaratri begins; chants hailing the Goddess echo from temples to homes.
पहले नवरात्र पर मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु। संवाद
सिरसा। शारदीय नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही जिलेभर में आस्था और श्रद्धा का माहौल बन गया। रविवार को नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर नौ दिवसीय पर्व की शुरुआत की।
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मंदिरों और घरों में विधि-विधान से घट स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, खुशहाली और परिवार की मंगलकामना की। पर्व को लेकर मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, वहीं बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है।
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शहर के सरसाईं मंदिर और श्री सालासर मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यहां सुबह से ही पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। घरों में भी श्रद्धालुओं ने पूजा स्थलों की साफ-सफाई कर उन्हें सजाया और विधि-विधान से घट स्थापना की। पूजा में नारियल, चुनरी, रोली-मोली, पान-सुपारी, लौंग, सूखे मेवे सहित अन्य सामग्री अर्पित की गई।
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कई श्रद्धालुओं ने नौ दिनों तक अखंड ज्योति प्रज्वलित रखने का संकल्प लिया। मिट्टी के पात्रों में जौ बोए गए जिन्हें नौ दिनों तक सींचा जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार जौ का अंकुरण सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है।

पूजन सामग्री और फलाहार की खरीदारी बढ़ी
नवरात्र शुरू होते ही बाजारों में खरीदारी बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने माता की चौकी सजाने के लिए चुनरी, मुकुट, सुंदर पोशाक, कलावा, धूप, अगरबत्ती, कपूर, रोली, नारियल और हवन सामग्री खरीदी। व्रत रखने वाले लोगों ने फलाहार के लिए कुट्टू और सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, मखाना, मूंगफली तथा मौसमी फल खरीदे।


नौ दिनों तक नौ स्वरूपों की होगी पूजा
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री—की पूजा की जाएगी। श्रद्धालु व्रत और नियमित पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
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