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सैंपलिंग में सहयोग न करने वाले सरपंच होंगे सस्पेंड : डीसी
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जिले में लगातार कोरोना संक्रमण फैलने के साथ-साथ मृत्यु दर में बढ़ोतरी होना चिंता का विषय है। जिला में मृत्यु दर बढ़ने का मुख्य कारण लोगों का आगे आकर समय पर जांच व उपचार न करवाना है। इसके साथ ही सरपंच व आमजन स्वास्थ्य विभाग की सैंपलिंग टीम का सहयोग करें। सहयोग न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह बातें उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण नेवीरवार को कैंप कार्यालय में कोरोना नियंत्रण प्रबंधों को लेकर बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए कही। इस दौरान उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान की भी समीक्षा की। उपायुक्त ने कहा कि गांव में कोरोना लक्षण वाले लोगों की सैंपलिंग करवाने में सरपंच सहयोग करें। यदि कोई सरपंच इस कार्य में सहयोग नहीं करेगा तो उसे सस्पेंड किया जाएगा। इसके अलावा सैंपलिंग जांच कर रही मोबाइल टीमों के जांच कार्य में बाधा डालने वाले नागरिकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि अपने क्षेत्र में तहसीलदार की ड्यूटी लगाए की वे पांच-पांच गांवों की पंचायतों से बैठक कर सरपंच, पंच व नंबरदारों को जांच कार्य में सहयोग व ग्रामीणों को कोविड-19 के बारे में जागरूक करें। पंचायत प्रतिनिधि गांव में मुनादी व अन्य माध्यमों से हर ग्रामीण को कोरोना की गंभीरता के प्रति जागरूक करें। अगर गांव के किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। सभी एसडीएम तहसीलदार द्वारा किए गए कार्यों की निगरानी करें और प्रतिदिन की रिपोर्ट लें। तथा कांट्रेक्ट ट्रेसिंग व सैंपलिंग कार्य में तेजी लाएं। जितनी अधिक सैंपलिंग होगी, उससे संक्रमण फैलाव को नियंत्रण करने में उतनी ही आसानी होगी।
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यह बातें उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण नेवीरवार को कैंप कार्यालय में कोरोना नियंत्रण प्रबंधों को लेकर बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए कही। इस दौरान उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान की भी समीक्षा की। उपायुक्त ने कहा कि गांव में कोरोना लक्षण वाले लोगों की सैंपलिंग करवाने में सरपंच सहयोग करें। यदि कोई सरपंच इस कार्य में सहयोग नहीं करेगा तो उसे सस्पेंड किया जाएगा। इसके अलावा सैंपलिंग जांच कर रही मोबाइल टीमों के जांच कार्य में बाधा डालने वाले नागरिकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि अपने क्षेत्र में तहसीलदार की ड्यूटी लगाए की वे पांच-पांच गांवों की पंचायतों से बैठक कर सरपंच, पंच व नंबरदारों को जांच कार्य में सहयोग व ग्रामीणों को कोविड-19 के बारे में जागरूक करें। पंचायत प्रतिनिधि गांव में मुनादी व अन्य माध्यमों से हर ग्रामीण को कोरोना की गंभीरता के प्रति जागरूक करें। अगर गांव के किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। सभी एसडीएम तहसीलदार द्वारा किए गए कार्यों की निगरानी करें और प्रतिदिन की रिपोर्ट लें। तथा कांट्रेक्ट ट्रेसिंग व सैंपलिंग कार्य में तेजी लाएं। जितनी अधिक सैंपलिंग होगी, उससे संक्रमण फैलाव को नियंत्रण करने में उतनी ही आसानी होगी।
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