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Sirsa News: रोडवेज कर्मचारी कल परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करेंगे
Fri, 24 Jul 2026 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 24 Jul 2026 01:50 AM IST
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कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होने से रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। रोडवेज कर्मचारियों की लंबित मांगों की अनदेखी के विरोध में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर के कर्मचारी 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के अंबाला स्थित आवास का घेराव करेंगे। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होने से उनमें भारी रोष है।
साझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य मुकेश दुहन, निशान सिंह, जयबीर घणघस, लाधू राम, डिपो प्रधान रिछपाल सिंह और डिपो सचिव सुरेंद्र सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि रोडवेज विभाग में लगातार सेवानिवृत्ति हो रही है जबकि नई भर्तियां पर्याप्त संख्या में नहीं की जा रही हैं। इसके चलते चालक, परिचालक, मैकेनिक, हेल्पर, सफाई कर्मचारी सहित विभिन्न पदों पर हजारों रिक्तियां हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यभार बढ़ गया है जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आम जनता, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भी पर्याप्त परिवहन सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने बताया कि चालक-परिचालक और तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में बसें वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं।
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मोर्चा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार महंगी दरों पर इलेक्ट्रिक बसें ठेके पर ले रही है, जबकि इनमें रोडवेज की बसों की तरह कई रियायतें और निशुल्क यात्रा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि ठेका प्रणाली को समाप्त कर प्रदेश की जनसंख्या के अनुसार नई सरकारी बसें खरीदी जाएं ताकि जनता को सस्ती और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके तथा युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें।
नेताओं ने कहा कि सरकार कई बार यूनियन प्रतिनिधियों से वार्ता कर चुकी है और मांगों को उचित भी माना गया है लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर कर्मचारी न्याय मार्च निकालेंगे। यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मोर्चा की प्रमुख मांगें
चालक-परिचालक का पे ग्रेड बढ़ाना, हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से नियमित करना, अर्जित अवकाश और धुलाई भत्ता पूर्व की तरह बहाल करना, लंबित बोनस का भुगतान, 2018 के ग्रुप-डी कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति, कर्मचारी हितैषी तबादला नीति लागू करना, 2016 के चालकों को पक्का करना, एक्सग्रेशिया नीति की शर्तें हटाना और जोखिम ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देना शामिल है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। रोडवेज कर्मचारियों की लंबित मांगों की अनदेखी के विरोध में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर के कर्मचारी 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के अंबाला स्थित आवास का घेराव करेंगे। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होने से उनमें भारी रोष है।
साझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य मुकेश दुहन, निशान सिंह, जयबीर घणघस, लाधू राम, डिपो प्रधान रिछपाल सिंह और डिपो सचिव सुरेंद्र सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि रोडवेज विभाग में लगातार सेवानिवृत्ति हो रही है जबकि नई भर्तियां पर्याप्त संख्या में नहीं की जा रही हैं। इसके चलते चालक, परिचालक, मैकेनिक, हेल्पर, सफाई कर्मचारी सहित विभिन्न पदों पर हजारों रिक्तियां हो गई हैं।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यभार बढ़ गया है जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आम जनता, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भी पर्याप्त परिवहन सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने बताया कि चालक-परिचालक और तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में बसें वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं।
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मोर्चा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार महंगी दरों पर इलेक्ट्रिक बसें ठेके पर ले रही है, जबकि इनमें रोडवेज की बसों की तरह कई रियायतें और निशुल्क यात्रा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि ठेका प्रणाली को समाप्त कर प्रदेश की जनसंख्या के अनुसार नई सरकारी बसें खरीदी जाएं ताकि जनता को सस्ती और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके तथा युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें।
नेताओं ने कहा कि सरकार कई बार यूनियन प्रतिनिधियों से वार्ता कर चुकी है और मांगों को उचित भी माना गया है लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर कर्मचारी न्याय मार्च निकालेंगे। यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मोर्चा की प्रमुख मांगें
चालक-परिचालक का पे ग्रेड बढ़ाना, हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से नियमित करना, अर्जित अवकाश और धुलाई भत्ता पूर्व की तरह बहाल करना, लंबित बोनस का भुगतान, 2018 के ग्रुप-डी कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति, कर्मचारी हितैषी तबादला नीति लागू करना, 2016 के चालकों को पक्का करना, एक्सग्रेशिया नीति की शर्तें हटाना और जोखिम ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देना शामिल है।