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Sirsa News: पुरुष नसबंदी सुरक्षित और प्रभावी परिवार नियोजन तरीका
Wed, 16 Sep 2026 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:21 AM IST
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फोटो - 28
- एनएसवी में चीरा-टांका नहीं लगता, 20 मिनट में पूरी होती है प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. पवन कुमार ने पुरुष नसबंदी को सुरक्षित और प्रभावी तरीका बताया। उन्होंने कहा कि यह महिला नसबंदी से सरल है और इसमें कम संसाधन लगते हैं।
डॉ. पवन कुमार ने जोर दिया कि परिवार नियोजन केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है। पुरुषों को इसके उपलब्ध विकल्पों की सही जानकारी लेकर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता बताई।
सही जानकारी के अभाव में कई पुरुष इस सुरक्षित प्रक्रिया से दूर रहते हैं। उप सिविल सर्जन डॉ. भारत भूषण मित्तल ने एनएसवी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि नो-स्केलपेल वेसिक्टोमी में चीरा या टांका नहीं लगता। यह प्रक्रिया एक दक्ष शल्य चिकित्सक द्वारा करीब 20 मिनट में पूरी हो जाती है।
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एनएसवी के लाभ और प्रक्रिया
डॉ. भारत भूषण मित्तल ने स्पष्ट किया कि एनएसवी का पुरुष की पौरुष क्षमता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। इससे शारीरिक कमजोरी भी नहीं आती है। प्रक्रिया के बाद व्यक्ति चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है। एनएसवी करवाने वाला लाभार्थी दो दिन बाद सामान्य कार्य कर सकता है। करीब सात दिन बाद वह भारी काम भी शुरू कर सकता है। पुरुषों को भ्रांतियों पर विश्वास न करके स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों से जानकारी लेनी चाहिए।
प्रोत्साहन और परिवार नियोजन का महत्व
जिला काउंसलर कमल कक्कड़ ने बताया कि पुरुष नसबंदी करवाने वाले लाभार्थी को 2000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। परिवार नियोजन की जानकारी के लिए जिला नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 21 में संपर्क किया जा सकता है। इच्छुक पुरुष यहां एनएसवी की प्रक्रिया, सावधानियों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि छोटा परिवार आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाता है। यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए भी उपयोगी है। इसलिए पति-पत्नी दोनों को मिलकर परिवार नियोजन का निर्णय लेना चाहिए।
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- एनएसवी में चीरा-टांका नहीं लगता, 20 मिनट में पूरी होती है प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. पवन कुमार ने पुरुष नसबंदी को सुरक्षित और प्रभावी तरीका बताया। उन्होंने कहा कि यह महिला नसबंदी से सरल है और इसमें कम संसाधन लगते हैं।
डॉ. पवन कुमार ने जोर दिया कि परिवार नियोजन केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है। पुरुषों को इसके उपलब्ध विकल्पों की सही जानकारी लेकर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता बताई।
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सही जानकारी के अभाव में कई पुरुष इस सुरक्षित प्रक्रिया से दूर रहते हैं। उप सिविल सर्जन डॉ. भारत भूषण मित्तल ने एनएसवी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि नो-स्केलपेल वेसिक्टोमी में चीरा या टांका नहीं लगता। यह प्रक्रिया एक दक्ष शल्य चिकित्सक द्वारा करीब 20 मिनट में पूरी हो जाती है।
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एनएसवी के लाभ और प्रक्रिया
डॉ. भारत भूषण मित्तल ने स्पष्ट किया कि एनएसवी का पुरुष की पौरुष क्षमता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। इससे शारीरिक कमजोरी भी नहीं आती है। प्रक्रिया के बाद व्यक्ति चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है। एनएसवी करवाने वाला लाभार्थी दो दिन बाद सामान्य कार्य कर सकता है। करीब सात दिन बाद वह भारी काम भी शुरू कर सकता है। पुरुषों को भ्रांतियों पर विश्वास न करके स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों से जानकारी लेनी चाहिए।
प्रोत्साहन और परिवार नियोजन का महत्व
जिला काउंसलर कमल कक्कड़ ने बताया कि पुरुष नसबंदी करवाने वाले लाभार्थी को 2000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। परिवार नियोजन की जानकारी के लिए जिला नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 21 में संपर्क किया जा सकता है। इच्छुक पुरुष यहां एनएसवी की प्रक्रिया, सावधानियों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि छोटा परिवार आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाता है। यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए भी उपयोगी है। इसलिए पति-पत्नी दोनों को मिलकर परिवार नियोजन का निर्णय लेना चाहिए।