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आराम फरमा रही पुलिस, चौक सूने
sirsa
Updated Mon, 21 Apr 2014 12:27 AM IST
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शहर की खस्ता यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पुलिस प्रशासन का हर प्रयास विफल साबित हो रहा है। पुलिसकर्मी भी यह कहते नहीं थकते की यातायात व्यवस्था रामभरोसे है। यातायात पुलिस थाने में कर्मचारियों की कमी से लेकर शहर के चौक-चौराहों पर स्थित पुलिस बूथों की खस्ताहाल स्थिति हर दम शहरवासियाें को बताती है कि दुर्घटनाओं, जाम से प्रतिदिन उनको दो चार होना ही पडे़गा।
रविवार को अमर उजाला की टीम ने शहर का दौरा करके यातायात पुलिस की गतिविधियों का जायजा लिया और चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मचारियों से उनकी परेशानियां जानी।
रविवार दोपहर को एक बजे सांगवान चौक का दृश्य चौंकाने वाला था। वहां स्थापित पुलिस बूथ पर कोई पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं मिला। वाहन चालक अपने मन मुताबिक बिना रोक टोक अपनी-अपनी दिशा की ओर जा रहे थे।
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चौक के चारों तरफ घूमने के बाद एक होमगार्ड पेड़ के नीचे पानी पीता और उसका सीनियर कर्मचारी एक दुकान के अंदर कुर्सी पर बैठा आराम फरमा रहा था। एएसआई कुलदीप सिंह के पास इस चौक की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वे ड्यूटी पर नहीं मिले।
चौक का चक्कर लगाकर पेड़ के नीचे खडे़ और दुकान में आराम फरमा रहे होम गार्ड कर्मचारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पुलिस बूथ की हालत बेहद खस्ता है, जिस कारण भीषण गर्मी में वहां 20 मिनट भी खड़ा रहना मुश्किल हो जाता है।
अगर धक्के से खडे़ भी रहें तो चक्कर आने लगते हैं। इसलिए आसपास पेड़ों या किसी दुकान के अंदर बैठना मजबूरी है। होम गार्ड कर्मचारी थोड़ी हिम्मत दिखाते हुए बीच-बीच में चौक पर खडे़ होते तो हैं, पुलिस कर्मचारी तो ड्यूटी देने से ही कतराते हैं।
इसके बाद लालबत्ती चौक पर भी पुलिस बूथ पर कोई पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं मिला। सभी गर्मी से बचने के लिए चौक किनारे मेज पर बैठे हुए थे। इसके बाद परशुराम चौक पर होम गार्ड के दो कर्मचारी खडे़ मिले और हरियाणा पुलिस का थानेदार एक दुकान के बार कुर्सी पर आराम फरमाते दिखाई दिया।
बरनाला रोड स्थित लालबत्ती चौक पर भी यही स्थिति देखने को मिली। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी पुलिस बूथ छोड़कर सड़क किनारे छाया में कुर्सी पर बैठे गप्पे मार रहे थे।
चौकों पर यातायात व्यवस्था का जिम्मा संभाले हुए होम गार्ड कर्मचारी एचसी पतराम, कुलविंदर, लखविंदर, सुखविंदर सहित अन्य ने बताया कि पुलिस बूथोें पर बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। चौक के आसपास दुकानों से कुर्सी मांगकर गुजारा चलाना पड़ता है। भीषण गर्मी में पानी का प्रबंध भी ड्यूटी देने वालों के लिए नहीं है। रेहड़ी वालों से पानी मांगकर प्यास बुझाते हैं।
हरियाणा गृह रक्षी कर्मचारियों ने बताया कि ट्रैफिक कंट्रोल करने में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अधिकतर वाहन चालक अपनी मनमानी करते हैं।
लालबत्ती होने पर भी जब कोई वाहन चालक सिग्नल तोड़ता है तो वे उसे पकड़ पकड़ते हैं और सीनियर अधिकारी उनको छोड़ देते हैं। कई बार तो लोग उनसे गाली-गलौच भी करने लगते हैं। गलत पार्किंग करने वालों को रोको तो वे रौब झाड़कर बडे़ अफसर की धमकी देते हैं।
यातायात थाने के कार्यवाहक प्रभारी एसआई बृजलाल का कहना है कि चौकों पर पुलिस बूथों की अच्छी स्थिति नहीं है। गर्मी में कर्मचारी को ड्यूटी देने में बड़ी परेशानी होती है। बैठने की व्यवस्था व पीने का पानी पुलिस बूथ पर होना चाहिए। फिलहाल कर्मचारी आसपास दुकानों में जाकर पानी मांगकर प्यास बुझाते हैं।
विभाग के सीनियर अधिकारियों को इस दिशा में जरूर कदम उठाना चाहिए। आने वाले दिन बेहद कठिन होंगे क्याेंकि दिन प्रतिदिन गर्मी बढ़ती जाएगी और इससे चौकों पर ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों को बेहद दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी। इसके अलावा यातायात थाने में पुलिस कर्मचारियों की संख्या अन्य जिलों की तुलना में कम है।
पुलिस अधीक्षक सौरभ सिंह का कहना है कि पुलिस बूथों की दशा को सुधारा जाएगा और पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान जो परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं, वह जल्द ही दूर कर दी जाएंगी। गर्मी को देखते हुए चौकों पर स्थित पुलिस बूथों पर तैनात कर्मचारी के लिए बैठने व पेयजल की व्यवस्था भी होगी।
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रविवार को अमर उजाला की टीम ने शहर का दौरा करके यातायात पुलिस की गतिविधियों का जायजा लिया और चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मचारियों से उनकी परेशानियां जानी।
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रविवार दोपहर को एक बजे सांगवान चौक का दृश्य चौंकाने वाला था। वहां स्थापित पुलिस बूथ पर कोई पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं मिला। वाहन चालक अपने मन मुताबिक बिना रोक टोक अपनी-अपनी दिशा की ओर जा रहे थे।
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चौक के चारों तरफ घूमने के बाद एक होमगार्ड पेड़ के नीचे पानी पीता और उसका सीनियर कर्मचारी एक दुकान के अंदर कुर्सी पर बैठा आराम फरमा रहा था। एएसआई कुलदीप सिंह के पास इस चौक की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वे ड्यूटी पर नहीं मिले।
चौक का चक्कर लगाकर पेड़ के नीचे खडे़ और दुकान में आराम फरमा रहे होम गार्ड कर्मचारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पुलिस बूथ की हालत बेहद खस्ता है, जिस कारण भीषण गर्मी में वहां 20 मिनट भी खड़ा रहना मुश्किल हो जाता है।
अगर धक्के से खडे़ भी रहें तो चक्कर आने लगते हैं। इसलिए आसपास पेड़ों या किसी दुकान के अंदर बैठना मजबूरी है। होम गार्ड कर्मचारी थोड़ी हिम्मत दिखाते हुए बीच-बीच में चौक पर खडे़ होते तो हैं, पुलिस कर्मचारी तो ड्यूटी देने से ही कतराते हैं।
इसके बाद लालबत्ती चौक पर भी पुलिस बूथ पर कोई पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं मिला। सभी गर्मी से बचने के लिए चौक किनारे मेज पर बैठे हुए थे। इसके बाद परशुराम चौक पर होम गार्ड के दो कर्मचारी खडे़ मिले और हरियाणा पुलिस का थानेदार एक दुकान के बार कुर्सी पर आराम फरमाते दिखाई दिया।
बरनाला रोड स्थित लालबत्ती चौक पर भी यही स्थिति देखने को मिली। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी पुलिस बूथ छोड़कर सड़क किनारे छाया में कुर्सी पर बैठे गप्पे मार रहे थे।
चौकों पर यातायात व्यवस्था का जिम्मा संभाले हुए होम गार्ड कर्मचारी एचसी पतराम, कुलविंदर, लखविंदर, सुखविंदर सहित अन्य ने बताया कि पुलिस बूथोें पर बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। चौक के आसपास दुकानों से कुर्सी मांगकर गुजारा चलाना पड़ता है। भीषण गर्मी में पानी का प्रबंध भी ड्यूटी देने वालों के लिए नहीं है। रेहड़ी वालों से पानी मांगकर प्यास बुझाते हैं।
हरियाणा गृह रक्षी कर्मचारियों ने बताया कि ट्रैफिक कंट्रोल करने में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अधिकतर वाहन चालक अपनी मनमानी करते हैं।
लालबत्ती होने पर भी जब कोई वाहन चालक सिग्नल तोड़ता है तो वे उसे पकड़ पकड़ते हैं और सीनियर अधिकारी उनको छोड़ देते हैं। कई बार तो लोग उनसे गाली-गलौच भी करने लगते हैं। गलत पार्किंग करने वालों को रोको तो वे रौब झाड़कर बडे़ अफसर की धमकी देते हैं।
यातायात थाने के कार्यवाहक प्रभारी एसआई बृजलाल का कहना है कि चौकों पर पुलिस बूथों की अच्छी स्थिति नहीं है। गर्मी में कर्मचारी को ड्यूटी देने में बड़ी परेशानी होती है। बैठने की व्यवस्था व पीने का पानी पुलिस बूथ पर होना चाहिए। फिलहाल कर्मचारी आसपास दुकानों में जाकर पानी मांगकर प्यास बुझाते हैं।
विभाग के सीनियर अधिकारियों को इस दिशा में जरूर कदम उठाना चाहिए। आने वाले दिन बेहद कठिन होंगे क्याेंकि दिन प्रतिदिन गर्मी बढ़ती जाएगी और इससे चौकों पर ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों को बेहद दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी। इसके अलावा यातायात थाने में पुलिस कर्मचारियों की संख्या अन्य जिलों की तुलना में कम है।
पुलिस अधीक्षक सौरभ सिंह का कहना है कि पुलिस बूथों की दशा को सुधारा जाएगा और पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान जो परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं, वह जल्द ही दूर कर दी जाएंगी। गर्मी को देखते हुए चौकों पर स्थित पुलिस बूथों पर तैनात कर्मचारी के लिए बैठने व पेयजल की व्यवस्था भी होगी।