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रक्षाबंधन 28 अगस्त को, शुभ मुहूर्त में बांधें राखी : धनराज
Thu, 27 Aug 2026 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 27 Aug 2026 12:21 AM IST
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सुकर्मा योग और शतभिषा नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस बार सुकर्मा योग और शतभिषा नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। प्रबल महाराज के शिष्य यायावर धनराज तिवारी ने शुभ मुहूर्त में राखी बांधने की सलाह दी है।
धनराज ने बताया कि सुकर्मा योग शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है। शतभिषा नक्षत्र इस दिन की धार्मिक महत्ता को बढ़ा रहा है। 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। पूर्णिमा तिथि भी सुबह 9:48 बजे तक ही रहेगी।
बहनों को इसी अवधि में विधि-विधान से राखी बांधने का प्रयास करना चाहिए। इस बार भद्रा का साया नहीं रहेगा जिससे राखी बांधने में कोई बाधा नहीं होगी। हालांकि, राहुकाल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। इस अवधि में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। इसलिए सुबह के शुभ समय में ही राखी बांधना बेहतर होगा।
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पूजा विधि और महत्व
यायावर धनराज तिवारी ने पूजा की थाली तैयार करने की विधि बताई। बहनों को सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखी जा सकती है। भगवान का स्मरण कर परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें। इसके बाद भाई को तिलक लगाकर आरती उतारें और दाहिनी कलाई पर राखी बांधें।
पर्व का सांस्कृतिक महत्व
राखी का धागा भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। बहन भाई की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना करती है। भाई अपनी बहन के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लेता है। रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करता है। यह पर्व परिवार के सदस्यों को फिर से जोड़ने का अवसर देता है और नई पीढ़ी को इसके महत्व से अवगत कराता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस बार सुकर्मा योग और शतभिषा नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। प्रबल महाराज के शिष्य यायावर धनराज तिवारी ने शुभ मुहूर्त में राखी बांधने की सलाह दी है।
धनराज ने बताया कि सुकर्मा योग शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है। शतभिषा नक्षत्र इस दिन की धार्मिक महत्ता को बढ़ा रहा है। 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। पूर्णिमा तिथि भी सुबह 9:48 बजे तक ही रहेगी।
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बहनों को इसी अवधि में विधि-विधान से राखी बांधने का प्रयास करना चाहिए। इस बार भद्रा का साया नहीं रहेगा जिससे राखी बांधने में कोई बाधा नहीं होगी। हालांकि, राहुकाल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। इस अवधि में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। इसलिए सुबह के शुभ समय में ही राखी बांधना बेहतर होगा।
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पूजा विधि और महत्व
यायावर धनराज तिवारी ने पूजा की थाली तैयार करने की विधि बताई। बहनों को सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखी जा सकती है। भगवान का स्मरण कर परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें। इसके बाद भाई को तिलक लगाकर आरती उतारें और दाहिनी कलाई पर राखी बांधें।
पर्व का सांस्कृतिक महत्व
राखी का धागा भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। बहन भाई की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना करती है। भाई अपनी बहन के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लेता है। रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करता है। यह पर्व परिवार के सदस्यों को फिर से जोड़ने का अवसर देता है और नई पीढ़ी को इसके महत्व से अवगत कराता है।