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पोर्टल में खामी, 30 फीसदी आढ़तियों के पास नहीं पहुंचा अभी गेहूं
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ऑनलाइन पोर्टल में खामियां होने के कारण आढ़तियों और किसानों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले की मंडियों में बुधवार शाम तक साढ़े 21 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन एजेंसियों की ओर से अभी तक 15 लाख क्विंटल की ही खरीद की गई है। जबकि 13 लाख क्विंटल गेहूं अभी मंडियों में पड़ा है। पोर्टल में खामियों के चलते अब तक केवल दो लाख क्विंटल गेहूं का ही उठान हो पाया है। जगह न होने के कारण अब मंडियों में आवाजाही वाले रास्ते भी बंद होने शुरू हो चुके हैं। शेड्यूल प्रक्रिया के अनुसार टोकन कटने के चलते अभी तक 30 फीसदी आढ़तियों के पास गेहूं की आवक शुरू नहीं हुई है।
मंडी में आढ़तियों के पास हर रोज 10 से 12 किसान टोकन कटवाने के बाद गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। पोर्टल में खामियों के चलते अब आढ़ती एसोसिएशन ने बीते वर्ष की तरह आढ़तियों के पास कुल किसानों की संख्या अनुसार टोकन काटने की अनुमति मांगी है। इसके तहत हर रोज सभी आढ़तियों को एक सामान किसानों को बुलाने की अनुमति दी जाने की मांग की। जिलेभर में दो हजार से अधिक आढ़ती है। जिनके माध्यम से किसान गेहूं मंडी में लेकर पहुंचते हैं। आढ़ती एसोसिएशन का कहना है कि अप्रैल में जिन किसान की ओर से पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया था। उन किसानों के पास अभी तक मैसेज पहुंचने भी शुरू नहीं हुए है।
टोकन पर नहीं आ रहा गांव और आढ़ती का नाम
आढ़तियों के अनुसार मार्केटिंग बोर्ड मुख्यालय की ओर से किसानों को मैसेज भेजा जा रहा है, जिसके पश्चात किसान मंडियों में गेहूं लेकर पहुंचते हैं। जब किसान गेहूं का टोकन कटवाने के लिए पहुंचते हैं तो टोकन पर किसान के गांव और आढ़ती का नाम नहीं आ रहा। इसके कारण आढ़तियों को भी गेहूं की आवक होने की पूर्ण जानकारी नहीं मिल पाती। अब आढ़तियों ने अपने अनुसार खरीद प्रक्रिया करने की अनुमति मांगी है और लिस्ट तैयार करनी शुरू कर दी गई है।
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मंडियों में पड़ा 13 लाख क्विंटल गेहूं
मंडियों में अभी तक 20 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से 15 लाख क्विंटल की खरीद एजेंसियों की ओर से की जा चुकी है। पोर्टल में खामी होने के कारण ट्रक भी एक जगह से लोड नहीं हो पा रहा। टोकन कटने की प्रक्रिया के अनुसार ही उठान प्रक्रिया अपनाई जाने के चलते बार-बार ट्रकों को एक जगह से दूसरी जगह भेजना पड़ रहा है। जिसके चलते उठान प्रक्रिया में परेशानी आ रही है। वहीं मंडी में बारदाना कम होने के कारण अब एजेंसियों की ओर से पुराना बारदाना मंडी में पहुंचाया जा रहा है। बारदाना कटा होने और खराब होने के कारण गेहूं की भराई में भी मजदूरों को परेशानी आ रही है। हैफेड की ओर से बीते दो दिन से पुराना बारदाना मंडी में पहुंचाया जा रहा है।
ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण उठान और टोकन कटने में काफी परेशानी आ रही है। बीते वर्ष के अनुसार खरीद प्रक्रिया अपनाई जाने को लेकर अधिकारियों से बातचीत चल रही है। इसके पश्चात सभी आढ़तियों को एक समान गेहूं लाने की अनुमति दी जाएगी।
- हरदीप सरकारियां, प्रधान, दी आढ़ती एसोसिएशन।
पोर्टल में खामी होने के कारण उठान में परेशानी आ रही थी। अब पोर्टल में कमियों को दूर करने के लिए पत्र लिखा गया है। जल्द ही पोर्टल में बदलाव कर गेहूं उठान में तेजी लाई जाएगी।
- सुरेंद्र सैनी, डीएफएससी, सिरसा
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मंडी में आढ़तियों के पास हर रोज 10 से 12 किसान टोकन कटवाने के बाद गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। पोर्टल में खामियों के चलते अब आढ़ती एसोसिएशन ने बीते वर्ष की तरह आढ़तियों के पास कुल किसानों की संख्या अनुसार टोकन काटने की अनुमति मांगी है। इसके तहत हर रोज सभी आढ़तियों को एक सामान किसानों को बुलाने की अनुमति दी जाने की मांग की। जिलेभर में दो हजार से अधिक आढ़ती है। जिनके माध्यम से किसान गेहूं मंडी में लेकर पहुंचते हैं। आढ़ती एसोसिएशन का कहना है कि अप्रैल में जिन किसान की ओर से पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया था। उन किसानों के पास अभी तक मैसेज पहुंचने भी शुरू नहीं हुए है।
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टोकन पर नहीं आ रहा गांव और आढ़ती का नाम
आढ़तियों के अनुसार मार्केटिंग बोर्ड मुख्यालय की ओर से किसानों को मैसेज भेजा जा रहा है, जिसके पश्चात किसान मंडियों में गेहूं लेकर पहुंचते हैं। जब किसान गेहूं का टोकन कटवाने के लिए पहुंचते हैं तो टोकन पर किसान के गांव और आढ़ती का नाम नहीं आ रहा। इसके कारण आढ़तियों को भी गेहूं की आवक होने की पूर्ण जानकारी नहीं मिल पाती। अब आढ़तियों ने अपने अनुसार खरीद प्रक्रिया करने की अनुमति मांगी है और लिस्ट तैयार करनी शुरू कर दी गई है।
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मंडियों में पड़ा 13 लाख क्विंटल गेहूं
मंडियों में अभी तक 20 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से 15 लाख क्विंटल की खरीद एजेंसियों की ओर से की जा चुकी है। पोर्टल में खामी होने के कारण ट्रक भी एक जगह से लोड नहीं हो पा रहा। टोकन कटने की प्रक्रिया के अनुसार ही उठान प्रक्रिया अपनाई जाने के चलते बार-बार ट्रकों को एक जगह से दूसरी जगह भेजना पड़ रहा है। जिसके चलते उठान प्रक्रिया में परेशानी आ रही है। वहीं मंडी में बारदाना कम होने के कारण अब एजेंसियों की ओर से पुराना बारदाना मंडी में पहुंचाया जा रहा है। बारदाना कटा होने और खराब होने के कारण गेहूं की भराई में भी मजदूरों को परेशानी आ रही है। हैफेड की ओर से बीते दो दिन से पुराना बारदाना मंडी में पहुंचाया जा रहा है।
ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण उठान और टोकन कटने में काफी परेशानी आ रही है। बीते वर्ष के अनुसार खरीद प्रक्रिया अपनाई जाने को लेकर अधिकारियों से बातचीत चल रही है। इसके पश्चात सभी आढ़तियों को एक समान गेहूं लाने की अनुमति दी जाएगी।
- हरदीप सरकारियां, प्रधान, दी आढ़ती एसोसिएशन।
पोर्टल में खामी होने के कारण उठान में परेशानी आ रही थी। अब पोर्टल में कमियों को दूर करने के लिए पत्र लिखा गया है। जल्द ही पोर्टल में बदलाव कर गेहूं उठान में तेजी लाई जाएगी।
- सुरेंद्र सैनी, डीएफएससी, सिरसा