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Sirsa News: डिस्पोजल स्टेशनों पर कचरे का अंबार, अमरुत के तहत बिछीं लाइनें बेकार
Tue, 07 Jul 2026 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 07 Jul 2026 12:13 AM IST
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सिरसा। डबवाली रोड डिस्पोजल के मोटर चैबर के हालात। संवाद
मानसून में नालों की सफाई अधर में, डीएमसी की फटकार भी बेअसर
फोटो - 29,30
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में मौसम के बदलते मिजाज के बीच जनसुविधाओं की बदहाली ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोमवार सुबह बादल छाए रहे और बारिश की उम्मीद जगी। मगर दिन चढ़ने के साथ ही तेज धूप और उमस ने लोगों को पसीना-पसीना कर दिया। मानसून सिर पर है लेकिन बरसाती नालों और मुख्य सीवर लाइनों की सफाई का कार्य अब भी अधर में है।
बरसाती डिस्पोजल की सफाई नहीं हुई हैं। डबवाली रोड पर बने डिस्पोजल में पुराने पड़े पानी में कचरे का आलम है। अमरुत वन और टू के तहत बिछीं बरसाती लाइनों की अब तक सफाई नहीं हुई है। ये हालात तब हैं जब दो से तीन दिन पहले जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बेनीवाल ने शहर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान बरसाती डिस्पोजल, नालों और रंगोई नाले तक के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में भारी कमियां पाए जाने पर जिला नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। डीएमसी ने लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को युद्ध स्तर पर नालों की गाद निकालने और सीवरेज सफाई के कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए थे। इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों की फटकार का ठेकेदारों पर कोई असर नजर नहीं आ रहा है।
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हाल यह है कि जिला नगर आयुक्त के आदेशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। यदि जल्द ही सफाई कार्य पूरा नहीं किया गया तो पहली ही भारी बारिश में पूरा शहर जलमग्न होने की कगार पर पहुंच जाएगा।
डिस्पोजल स्टेशनों पर गंदगी की भरमार
शहर के डिस्पोजल की स्थिति बेहद चिंताजनक है। इन स्टेशनों पर बने टैंकों और गंदे पानी के अंदर बड़ी मात्रा में कचरा पड़ा हुआ है। इस दूषित पानी की वजह से जहां बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है वहीं दूसरी ओर इन स्टेशनों पर सफाई नहीं करवाई गई है। आलम यह है कि डिस्पोजल को बरसाती लाइन बिछाने वाले ठेकेदार ने पूरी तरह से कब्जा रखा है। हालात यह है कि डिस्पोजल पूरी तरह से ठेकेदार के सामान से भरा हुआ और कर्मचारी डिस्पोजल की बिजली सप्लाई के कमरों में रह रहे हैं। यदि कोई हादसा होता है तो बड़े स्तर पर जनहानि हो सकती है।
चैंबरों की सफाई गायब, जनता भवन रोड पर काम की कछुआ चाल
सफाई व्यवस्था में ढिलाई का सबसे बड़ा उदाहरण शहर के बीचोबीच देखने को मिल रहा है। जहां मुख्य बरसाती लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इस निर्माण कार्य की गति इतनी धीमी है कि कछुआ चाल भी इसके आगे तेज नजर आए। इसके अलावा, व्यस्ततम इलाके जनता भवन रोड और मुख्य अनाज मंडी के आसपास स्थित सीवरेज चैंबरों की सफाई का काम अब तक नहीं हुआ है। ठेकेदार को टेंडर देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कोट्स
बरसाती लाइनों और बरसाती नालों की सफाई के लिए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है। जल्द से जल्द सफाई करवाई जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही है तो जल्द ही निरीक्षण कर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
-वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद।
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फोटो - 29,30
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में मौसम के बदलते मिजाज के बीच जनसुविधाओं की बदहाली ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोमवार सुबह बादल छाए रहे और बारिश की उम्मीद जगी। मगर दिन चढ़ने के साथ ही तेज धूप और उमस ने लोगों को पसीना-पसीना कर दिया। मानसून सिर पर है लेकिन बरसाती नालों और मुख्य सीवर लाइनों की सफाई का कार्य अब भी अधर में है।
बरसाती डिस्पोजल की सफाई नहीं हुई हैं। डबवाली रोड पर बने डिस्पोजल में पुराने पड़े पानी में कचरे का आलम है। अमरुत वन और टू के तहत बिछीं बरसाती लाइनों की अब तक सफाई नहीं हुई है। ये हालात तब हैं जब दो से तीन दिन पहले जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बेनीवाल ने शहर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया था।
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निरीक्षण के दौरान बरसाती डिस्पोजल, नालों और रंगोई नाले तक के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में भारी कमियां पाए जाने पर जिला नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। डीएमसी ने लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को युद्ध स्तर पर नालों की गाद निकालने और सीवरेज सफाई के कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए थे। इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों की फटकार का ठेकेदारों पर कोई असर नजर नहीं आ रहा है।
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हाल यह है कि जिला नगर आयुक्त के आदेशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। यदि जल्द ही सफाई कार्य पूरा नहीं किया गया तो पहली ही भारी बारिश में पूरा शहर जलमग्न होने की कगार पर पहुंच जाएगा।
डिस्पोजल स्टेशनों पर गंदगी की भरमार
शहर के डिस्पोजल की स्थिति बेहद चिंताजनक है। इन स्टेशनों पर बने टैंकों और गंदे पानी के अंदर बड़ी मात्रा में कचरा पड़ा हुआ है। इस दूषित पानी की वजह से जहां बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है वहीं दूसरी ओर इन स्टेशनों पर सफाई नहीं करवाई गई है। आलम यह है कि डिस्पोजल को बरसाती लाइन बिछाने वाले ठेकेदार ने पूरी तरह से कब्जा रखा है। हालात यह है कि डिस्पोजल पूरी तरह से ठेकेदार के सामान से भरा हुआ और कर्मचारी डिस्पोजल की बिजली सप्लाई के कमरों में रह रहे हैं। यदि कोई हादसा होता है तो बड़े स्तर पर जनहानि हो सकती है।
चैंबरों की सफाई गायब, जनता भवन रोड पर काम की कछुआ चाल
सफाई व्यवस्था में ढिलाई का सबसे बड़ा उदाहरण शहर के बीचोबीच देखने को मिल रहा है। जहां मुख्य बरसाती लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इस निर्माण कार्य की गति इतनी धीमी है कि कछुआ चाल भी इसके आगे तेज नजर आए। इसके अलावा, व्यस्ततम इलाके जनता भवन रोड और मुख्य अनाज मंडी के आसपास स्थित सीवरेज चैंबरों की सफाई का काम अब तक नहीं हुआ है। ठेकेदार को टेंडर देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कोट्स
बरसाती लाइनों और बरसाती नालों की सफाई के लिए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है। जल्द से जल्द सफाई करवाई जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही है तो जल्द ही निरीक्षण कर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
-वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद।