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Sirsa News: पेट्रोल डीजल में आग लगी जनता की जेब जली
Mon, 25 May 2026 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 25 May 2026 11:18 PM IST
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पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते हुए लोग। संवाद
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व्यापारी से लेकर किसान तक परेशान, पेट्रोल 104.02 और डीजल पहुंचा 96.64 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पेट्रोल और डीजल के दामों में एक सप्ताह में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी हुई है। इसका असर किसानों से लेकर व्यापारियों तक पर पड़ रहा है। वहीं, गर्मी की छुट्टियों की योजना बनाने वालों पर यह भारी पड़ता नजर आ रहा है। टूर व ट्रेवल एजेंटों को अपने रेट बढ़ाने पड़ रहे हैं। प्रति व्यक्ति सफर करने वाले पर तीन से लेकर 5 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
इस कारण घूमने की लंबे समय से योजना बनाने वाले लोग भी दूरी बना रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर आम आदमी लगातार बढ़ रही कीमतों से परेशान है। कारण यह कि दैनिक जरूरत की चीजों के दाम में 5 से 10 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। यह बढ़ोतरी उनके पूरे घर के बजट को बिगाड़ रही है।
आंकड़ों पर गौर करें तो 18 मई को पेट्रोल का दाम 93.78 रुपये और डीजल 92.27 रुपये था। वहीं, अब पेट्रोल 104.02 रुपये हो गया और डीजल 96.64 पैसे पहुंच गया है। एक सप्ताह में पेट्रोल में अनुमानित 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है तो डीजल में चार रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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बिजाई पर सीधे तौर पर पड़ेगा असर
किसानों के लिए खेतों में बिजाई करने पर असर देखने को मिलेगा। किराये पर खेतों की बुआई व जुताई अब महंगी हो जाएगी। प्रति लीटर तेल में चार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इससे ट्रैक्टर के माध्यम से खेतों में खाद डालना, मिट्टी डालना व अन्य व्यवस्था करना महंगा हो गया है। वहीं, दूसरी ओर खाद, बीज और स्प्रे पर असर देखने को मिलेगा जो सीधेतौर पर किसान की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेगा।
इन पर सबसे ज्यादा असर
- फल व सब्जियों के ट्रांसपोर्ट पर
- कॅरिअर सर्विस
- मॉल ढुलाई
- अनाज व अन्य माल के ट्रांसपोर्ट पर
- वाहनों के किराये पर
कोट्स
परिवहन खर्च बढ़ने से किराने के सामान की खरीद महंगी हो गई है। कई वस्तुओं के दाम बढ़ने से ग्राहक भी परेशान हैं। बिक्री पर भी असर पड़ रहा है। महंगाई का असर पूरे बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
-राजेंद्र कुमार, किराना व्यापारी
कोटस
पेट्रोल, डीजल महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है। परिवहन लागत बढ़ने का असर सामान की कीमतों पर पड़ रहा है। इससे व्यापार और ग्राहकों दोनों पर बोझ बढ़ रहा है।
-नरेश सेठी, व्यापारी
कोट्स
महंगाई के कारण गरीब और मध्यम वर्ग का घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ रहे हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ी है।
-जग्गा सिंह बराड़, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
कोटस
तेजी से बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दामों से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। बीते 10 दिनों में चार बार तेल के दाम बढ़ने से खेती कार्य पहले से 25 प्रतिशत ज्यादा महंगे हो गए हैं। इससे किसानों को फसलों में खर्च ज्यादा और आमदनी कम होगी। - -विनोद कुमार, युवा किसान, केहरवाला।
कोट्स
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से माल ढुलाई पहले से 20 प्रतिशत कब तक ज्यादा हो गई है। इससे प्रत्येक वस्तु महंगी होगी और पूरा बोझ मध्य और किसान वर्ग पर पड़ेगा। पेट्रोल डीजल के दाम के साथ-साथ अगले कुछ दिनों में सभी वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।
- मदन लाल, ग्रामीण, गांव भून्ना।
कोट्स
पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने महंगाई को और बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। सरकार को जल्द राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
सर्वजीत सिंह मसीतां, राष्ट्रीय सचिव, जेजेपी
कोट्स
व्यापार पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। हर चीज के दाम बढ़ने लगे हैं। ग्राहक भी सोचकर सामान खरीद रहा है। एक सप्ताह के अंदर तेल में की गई बढ़ोतरी का तेजी से असर बाजार पर आ रहा है। बाजारों में रौनक गायब हो चुकी है।
-भारत भूषण मेहता, व्यापारी
कोटस
गर्मियों की छुट्टियों के साथ ही पहाड़ी क्षेत्र में टूर लेकर जाते हैं। लोगों की ओर से बड़े स्तर पर बुकिंग करवाई जाती है। अब अचानक तेल के दामों में उछाल आने के साथ ही प्रति व्यक्ति 2000 से 4000 रुपये का खर्च बढ़ गया है। बिजनेस पर बुरा असर पड़ रहा है।
- सतीश, सतगुरु ट्रेवल
कोट्स
छुट्टियों में सबसे ज्यादा काम होता है। लोग परिवार के साथ घूमने के लिए जाते हैं। अब किराया बढ़ाना पड़ रहा है और ग्राहकों की जेब पर भारी पड़ रहा है। शिमला, मनाली व अन्य पहाड़ी टूर महंगे हो गए हैं। प्रति व्यक्ति 4000 से 5000 रुपये का खर्च बढ़ गया है। अब पहले के मुकाबले बुकिंग कम हो गई है।
-सत्यप्रकाश, छापोला ट्रेवल
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पेट्रोल और डीजल के दामों में एक सप्ताह में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी हुई है। इसका असर किसानों से लेकर व्यापारियों तक पर पड़ रहा है। वहीं, गर्मी की छुट्टियों की योजना बनाने वालों पर यह भारी पड़ता नजर आ रहा है। टूर व ट्रेवल एजेंटों को अपने रेट बढ़ाने पड़ रहे हैं। प्रति व्यक्ति सफर करने वाले पर तीन से लेकर 5 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
इस कारण घूमने की लंबे समय से योजना बनाने वाले लोग भी दूरी बना रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर आम आदमी लगातार बढ़ रही कीमतों से परेशान है। कारण यह कि दैनिक जरूरत की चीजों के दाम में 5 से 10 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। यह बढ़ोतरी उनके पूरे घर के बजट को बिगाड़ रही है।
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आंकड़ों पर गौर करें तो 18 मई को पेट्रोल का दाम 93.78 रुपये और डीजल 92.27 रुपये था। वहीं, अब पेट्रोल 104.02 रुपये हो गया और डीजल 96.64 पैसे पहुंच गया है। एक सप्ताह में पेट्रोल में अनुमानित 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है तो डीजल में चार रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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बिजाई पर सीधे तौर पर पड़ेगा असर
किसानों के लिए खेतों में बिजाई करने पर असर देखने को मिलेगा। किराये पर खेतों की बुआई व जुताई अब महंगी हो जाएगी। प्रति लीटर तेल में चार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इससे ट्रैक्टर के माध्यम से खेतों में खाद डालना, मिट्टी डालना व अन्य व्यवस्था करना महंगा हो गया है। वहीं, दूसरी ओर खाद, बीज और स्प्रे पर असर देखने को मिलेगा जो सीधेतौर पर किसान की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेगा।
इन पर सबसे ज्यादा असर
- फल व सब्जियों के ट्रांसपोर्ट पर
- कॅरिअर सर्विस
- मॉल ढुलाई
- अनाज व अन्य माल के ट्रांसपोर्ट पर
- वाहनों के किराये पर
कोट्स
परिवहन खर्च बढ़ने से किराने के सामान की खरीद महंगी हो गई है। कई वस्तुओं के दाम बढ़ने से ग्राहक भी परेशान हैं। बिक्री पर भी असर पड़ रहा है। महंगाई का असर पूरे बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
-राजेंद्र कुमार, किराना व्यापारी
कोटस
पेट्रोल, डीजल महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है। परिवहन लागत बढ़ने का असर सामान की कीमतों पर पड़ रहा है। इससे व्यापार और ग्राहकों दोनों पर बोझ बढ़ रहा है।
-नरेश सेठी, व्यापारी
कोट्स
महंगाई के कारण गरीब और मध्यम वर्ग का घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ रहे हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ी है।
-जग्गा सिंह बराड़, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
कोटस
तेजी से बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दामों से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। बीते 10 दिनों में चार बार तेल के दाम बढ़ने से खेती कार्य पहले से 25 प्रतिशत ज्यादा महंगे हो गए हैं। इससे किसानों को फसलों में खर्च ज्यादा और आमदनी कम होगी। - -विनोद कुमार, युवा किसान, केहरवाला।
कोट्स
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से माल ढुलाई पहले से 20 प्रतिशत कब तक ज्यादा हो गई है। इससे प्रत्येक वस्तु महंगी होगी और पूरा बोझ मध्य और किसान वर्ग पर पड़ेगा। पेट्रोल डीजल के दाम के साथ-साथ अगले कुछ दिनों में सभी वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।
- मदन लाल, ग्रामीण, गांव भून्ना।
कोट्स
पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने महंगाई को और बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। सरकार को जल्द राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
सर्वजीत सिंह मसीतां, राष्ट्रीय सचिव, जेजेपी
कोट्स
व्यापार पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। हर चीज के दाम बढ़ने लगे हैं। ग्राहक भी सोचकर सामान खरीद रहा है। एक सप्ताह के अंदर तेल में की गई बढ़ोतरी का तेजी से असर बाजार पर आ रहा है। बाजारों में रौनक गायब हो चुकी है।
-भारत भूषण मेहता, व्यापारी
कोटस
गर्मियों की छुट्टियों के साथ ही पहाड़ी क्षेत्र में टूर लेकर जाते हैं। लोगों की ओर से बड़े स्तर पर बुकिंग करवाई जाती है। अब अचानक तेल के दामों में उछाल आने के साथ ही प्रति व्यक्ति 2000 से 4000 रुपये का खर्च बढ़ गया है। बिजनेस पर बुरा असर पड़ रहा है।
- सतीश, सतगुरु ट्रेवल
कोट्स
छुट्टियों में सबसे ज्यादा काम होता है। लोग परिवार के साथ घूमने के लिए जाते हैं। अब किराया बढ़ाना पड़ रहा है और ग्राहकों की जेब पर भारी पड़ रहा है। शिमला, मनाली व अन्य पहाड़ी टूर महंगे हो गए हैं। प्रति व्यक्ति 4000 से 5000 रुपये का खर्च बढ़ गया है। अब पहले के मुकाबले बुकिंग कम हो गई है।
-सत्यप्रकाश, छापोला ट्रेवल