फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Practical knowledge is also necessary along with education

Sirsa News: शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी जरूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 May 2025 11:22 PM IST
विज्ञापन
Practical knowledge is also necessary along with education
सिलेबस को गुणवत्ता परक बनाने के लिए कार्यशाला में भाग लेने पहुंचे ​शिक्षक ।
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक अफेयर्स कार्यालय की आरे से शुक्रवार को एक्सटेंशन हाॅल में सत्र 2025-26 के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के सिलेबस को गुणवत्तापरक बनाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. सुरेश गहलावत ने किया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पीजी स्तर पर 2025-26 से एनईपी को लागू किया जाएगा। इस संबंध में अध्यादेश तैयार हो चुका है। बेहतर पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य का निर्माण करता है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देशभर के मुख्य विश्वविद्यालय में चल रहे कोर्सेज के बारे में प्रतिभागियों को अवगत करवाना है।
विज्ञापन


शिक्षकों को नवीनतम ज्ञान एवं शिक्षण विधि के बारे में निरंतर खुद को अपडेट रखना चाहिए। इस कार्यशाला में मानविकी संकाय के अधिष्ठाता एवं अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. पंकज शर्मा ने बतौर रिसोर्स पर्सन शिरकत की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यवस्थित प्रयोग से सिखने और सिखाने की प्रक्रिया को गुणवत्तापरक बनाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रो. पंकज शर्मा ने प्रतिभागियों को बताया कि वे किस प्रकार बदलते हुए परिवेश में एक अच्छा सिलेबस तैयार करके विद्यार्थियों को व्यावहारिक रूप से दक्ष कर सकते हैं। राष्ट्र की प्रगति के लिए उच्च शिक्षा आवश्यक है और शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक रूप से दक्ष करना भी है।

उन्होंने करिकुलम डेवलपमेंट में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न ए आई टूल्स की जानकारी प्रतिभागियों को दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार कौशल और रोजगार संबंधित कोर्सेज को पाठ्यक्रम में शामिल करके विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। प्रो. पंकज ने एआई और डिजिटल इंटरफेस की विभिन्न तकनीकों के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।

इसके अलावा विभिन्न एआई प्रॉम्प्ट्स के साथ-साथ सर्च इंजन के बदलते परिवेश पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजकुमार सालार, डीन यूएसजीएस प्रो. सुशील कुमार, प्रो. रानी, प्रो. हरीश, प्रो. सत्यवान दलाल आदि मौजूद रहे।


पाठ्यक्रम की सरंचना पर भी हुआ विचार-विमर्श

कार्यशाला में पाठ्यक्रम की संरचना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, मल्टी डिसिप्लिनरी अप्रोच, और कौशल विकास के घटकों पर विचार-विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने समूहों में वर्तमान पाठ्यक्रम का विश्लेषण करते हुए, रोजगारोन्मुखी विषयों जैसे डिजिटल मीडिया, उद्यमिता, डेटा एनालिटिक्स, जनसंपर्क, स्टार्टअप संस्कृति, और सॉफ्ट स्किल्स को शामिल करने का सुझाव दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed