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Sirsa News: बिजली गुल, जनरेटर बेदम... मंडी में बायोमेट्रिक की थमी रफ्तार, लैपटॉप चार्ज करने के लिए धर्मकांटों पर पहुंचे कर्मचारी, किसानों को डेढ़ घंटे तक करना पड़ा इंतजार
Tue, 20 Oct 2026 10:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 20 Oct 2026 10:29 PM IST
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मंडी में बिजली गुल होने पर बाहर से लैपटॉप चार्ज करने के बाद बायोमेट्रिक करता कर्मचारी।
सिरसा। अतिरिक्त अनाजमंडी में बिजली व्यवस्था लड़खड़ाने से धान खरीद की प्रक्रिया प्रभावित हो गई। बिजली सप्लाई बाधित होने के साथ ही जनरेटर भी खराब हो गया। इससे धान बेचने आने वाले किसानों की बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था ठप जैसी हो गई।
लैपटॉप की बैटरी खत्म होने पर कर्मचारी आसपास के धर्मकांटों पर उन्हें चार्ज करते नजर आए। इसके चलते किसानों को करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। मंगलवार को दशहरे के त्योहार के बीच मंडी में धान की आवक और उठान का काम जारी रहा।
मंडी डबवाली बाइपास पर स्थित अतिरिक्त अनाजमंडी में पिछले दस दिनों से धान की आवक हो रही है। यहां सरकारी खरीद बड़े स्तर पर चल रही है। मंडी में जगह-जगह धान की ढेरियां लगी हैं। मंगलवार को बिजली आपूर्ति बाधित होने से बायोमेट्रिक हाजिरी कराने में कर्मचारियों को परेशानी हुई।
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लैपटॉप चलाने के लिए न तो बिजली उपलब्ध थी और न ही जनरेटर काम कर रहा था। इन्वर्टर या बैटरी बैकअप की व्यवस्था भी नहीं थी। ऐसे में किसानों को हाजिरी के लिए इंतजार करना पड़ा। देर शाम तक व्यवस्था प्रभावित रही।
मंडी के एक कर्मचारी के अनुसार सुबह से ही बिजली सप्लाई में दिक्कत थी। मंडी के एक हिस्से में खराबी आने के कारण मरम्मत का काम चल रहा था। जनरेटर एक दिन पहले तक ठीक चल रहा था लेकिन मंगलवार को चालू करने पर वह भी खराब हो गया।
जनरेटर बदलने के लिए कहा गया लेकिन उसे बदला नहीं गया। ऐसे में कर्मचारियों को धर्मकांटों और अन्य स्थानों पर जाकर लैपटॉप चार्ज करने पड़े। लगातार काम के कारण लैपटॉप की बैटरी ज्यादा देर तक नहीं चल पाती थी। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से बायोमेट्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई।
दशहरे पर भी जारी रही धान की उठान
अतिरिक्त अनाजमंडी में मंगलवार को दशहरे के बावजूद धान की आवक और उठान जारी रहा। मंडी का एक हिस्सा भरने के बाद अब दूसरे हिस्से में धान डलवाया जा रहा है। बड़े ट्रकों के जरिये सूखे धान की उठान की जा रही है। नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक होने पर एजेंसी धान को सुखा रही है। गुणवत्ता बनाए रखने के बाद उसका उठान किया जा रहा है।
अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में बढ़ेगी आवक
मौजूदा समय में मंडी का करीब 60 प्रतिशत क्षेत्र भर चुका है जबकि कुल धान की आवक अभी लगभग 10 से 15 प्रतिशत ही हुई है। पिछले दो दिनों से आवक में तेजी आई है। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में धान की आवक और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में समय पर उठान करना एजेंसी और अधिकारियों के लिए चुनौती रहेगा। फिलहाल किसान और आढ़ती आपसी तालमेल से धान उतरवाने और जगह खाली कराने का काम कर रहे हैं।
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हमारी ओर से बिजली सप्लाई की व्यवस्था की गई है। जनरेटर लगाने के आदेश भी दिए गए हैं। जनरेटर खराब होने संबंधी कोई जानकारी नहीं दी गई। कहीं कोई कमी है तो उसे दुरुस्त करवा दिया जाएगा। - विरेंद्र मेहता, मार्केट कमेटी सचिव।
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लैपटॉप की बैटरी खत्म होने पर कर्मचारी आसपास के धर्मकांटों पर उन्हें चार्ज करते नजर आए। इसके चलते किसानों को करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। मंगलवार को दशहरे के त्योहार के बीच मंडी में धान की आवक और उठान का काम जारी रहा।
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मंडी डबवाली बाइपास पर स्थित अतिरिक्त अनाजमंडी में पिछले दस दिनों से धान की आवक हो रही है। यहां सरकारी खरीद बड़े स्तर पर चल रही है। मंडी में जगह-जगह धान की ढेरियां लगी हैं। मंगलवार को बिजली आपूर्ति बाधित होने से बायोमेट्रिक हाजिरी कराने में कर्मचारियों को परेशानी हुई।
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लैपटॉप चलाने के लिए न तो बिजली उपलब्ध थी और न ही जनरेटर काम कर रहा था। इन्वर्टर या बैटरी बैकअप की व्यवस्था भी नहीं थी। ऐसे में किसानों को हाजिरी के लिए इंतजार करना पड़ा। देर शाम तक व्यवस्था प्रभावित रही।
मंडी के एक कर्मचारी के अनुसार सुबह से ही बिजली सप्लाई में दिक्कत थी। मंडी के एक हिस्से में खराबी आने के कारण मरम्मत का काम चल रहा था। जनरेटर एक दिन पहले तक ठीक चल रहा था लेकिन मंगलवार को चालू करने पर वह भी खराब हो गया।
जनरेटर बदलने के लिए कहा गया लेकिन उसे बदला नहीं गया। ऐसे में कर्मचारियों को धर्मकांटों और अन्य स्थानों पर जाकर लैपटॉप चार्ज करने पड़े। लगातार काम के कारण लैपटॉप की बैटरी ज्यादा देर तक नहीं चल पाती थी। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से बायोमेट्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई।
दशहरे पर भी जारी रही धान की उठान
अतिरिक्त अनाजमंडी में मंगलवार को दशहरे के बावजूद धान की आवक और उठान जारी रहा। मंडी का एक हिस्सा भरने के बाद अब दूसरे हिस्से में धान डलवाया जा रहा है। बड़े ट्रकों के जरिये सूखे धान की उठान की जा रही है। नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक होने पर एजेंसी धान को सुखा रही है। गुणवत्ता बनाए रखने के बाद उसका उठान किया जा रहा है।
अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में बढ़ेगी आवक
मौजूदा समय में मंडी का करीब 60 प्रतिशत क्षेत्र भर चुका है जबकि कुल धान की आवक अभी लगभग 10 से 15 प्रतिशत ही हुई है। पिछले दो दिनों से आवक में तेजी आई है। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में धान की आवक और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में समय पर उठान करना एजेंसी और अधिकारियों के लिए चुनौती रहेगा। फिलहाल किसान और आढ़ती आपसी तालमेल से धान उतरवाने और जगह खाली कराने का काम कर रहे हैं।
हमारी ओर से बिजली सप्लाई की व्यवस्था की गई है। जनरेटर लगाने के आदेश भी दिए गए हैं। जनरेटर खराब होने संबंधी कोई जानकारी नहीं दी गई। कहीं कोई कमी है तो उसे दुरुस्त करवा दिया जाएगा। - विरेंद्र मेहता, मार्केट कमेटी सचिव।