{"_id":"60d0ceea8ebc3e6c826702df","slug":"political-farmer-protest-sirsa-news-dushyant-chautala-sirsa-news-rtk6140586179","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीवार फांद विवि में घुसे किसान, डिप्टी सीएम के समक्ष लगाए मुर्दाबाद के नारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीवार फांद विवि में घुसे किसान, डिप्टी सीएम के समक्ष लगाए मुर्दाबाद के नारे
विज्ञापन
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में सोमवार को चौ. देवीलाल की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पहुंचे। तीन कृषि कानून का विरोध कर रहे किसान भी सीडीएलयू की दीवार फांदकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए और उपमुख्यमंत्री के समक्ष मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। सीडीएलयू के तीनों गेटों पर तीन घंटे तक किसान काले झंडे लेकर प्रदर्शन करते रहे। किसानों ने उपमुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाए और पुलिसकर्मियों के साथ भी कहासुनी हुई।
सोमवार को सीडीएलयू में स्थापित पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का विरोध करने के लिए किसान सीडीएलयू के तीनों मुख्य गेटों पर काले झंडे लेकर पहुंच गए। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उप मुख्यमंत्री के हाथों प्रतिमा का अनावरण न करवाने की मांग उठाई। उप मुख्यमंत्री का काफिला सुबह 11:20 बजे पर सीडीएलयू में पहुंचा। जिसके 10 मिनट के पश्चात ही किसान सीडीएलयू की दीवार फांदकर प्रतिमा अनावरण स्थल पर पहुंच गए और उप मुख्यमंत्री मुर्दाबाद और चौधरी देवीलाल जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालांकि सीडीएलयू में जगह-जगह पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन इसके बाद भी किसान पुलिस को चकमा देकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने किसानों को हिरासत में ले लिया और सीडीएलयू से बाहर भेज दिया।
सीडीएलयू में प्रवेश करने के लिए किसानों ने तोड़े बैरिकेड्स
सीडीएलयू के लघु सचिवालय की तरफ के गेट और बाइपास रोड की तरफ स्थित गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान किसान सीडीएलयू में प्रवेश करने का प्रयास करते रहे। पुलिस बल ने किसानों को बाहर ही रोके रखा। किसान बार- बार बैरिकेड्स को तोड़ने के लिए पुलिस से उलझते रहे। लेकिन पुलिस कर्मियों की संख्या अधिक होने के कारण किसान गेट से अंदर प्रवेश नहीं कर सके। जबकि बाइपास रोड की तरफ स्थित गेट को पुलिस ने पहले ही लोहे की जंजीर बांध गेट को बंद कर दिया और गेट के समक्ष बैरिकेड्स और पुलिस तैनात कर दी। वहीं किसान प्रेमनगर कॉलोनी की तरफ स्थित गेट पर भी उपमुख्यमंत्री के काफिले को रोकने के लिए पहुंच गए।
विज्ञापन
अपशब्द बोलने का आरोप लगा किसानों ने एसपी ऑफिस में दिया धरना
लघु सचिवालय की ओर खुलने वाले सीडीएलयू के गेट पर बैरिकेड्स को हटाने के दौरान किसानों और पुलिस कर्मियों में गहमागहमी हो गई। किसानों ने एक पुलिस कर्मचारी द्वारा अपशब्द बोलने के आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शन करते हुए किसान एसपी कार्यालय में पहुंच गए और गेट पर धरना दिया। किसान यहां पर करीब एक घंटे तक धरना दे नारेबाजी करते रहे और पुलिस कर्मी से माफी मंगवाने की मांग उठाते रहे। इसके पश्चात पुलिस कर्मियों और किसानों में सहमति बन गई और किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
उप मुख्यमंत्री बोले आंदोलन अब किसानों का नहीं पार्टियों से जुड़े लोग कर रहे विरोध
सीडीएलयू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान अब खेती वाले किसान नहीं है। अब केवल वहीं लोग ही विरोध कर रहे जो राजनीति पार्टियों से जुड़े हुए है या जिन लोगों से ग्रामीण परेशान थे, तो ग्रामीणों ने उन्हें विरोध करने की दिशा दे दी। सरकार लगातार किसानों की भलाई के लिए कार्य कर रही है। किसानों की नरमें और अन्य फसलों को सरकार एमएसपी भाव पर खरीद रही है। धान की खेती छोड़ अन्य खेती करने वाले किसानों को लाभ दिया जा रहा है। लाखों किसानों को इसका लाभ भी मिल चुका है। कृषि कानूनों से प्रदेश में न तो अभी तक कोई मंडी बंद हुई है और न ही किसी किसान की जमीन उससे छिनी गई है।
विज्ञापन
सोमवार को सीडीएलयू में स्थापित पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का विरोध करने के लिए किसान सीडीएलयू के तीनों मुख्य गेटों पर काले झंडे लेकर पहुंच गए। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उप मुख्यमंत्री के हाथों प्रतिमा का अनावरण न करवाने की मांग उठाई। उप मुख्यमंत्री का काफिला सुबह 11:20 बजे पर सीडीएलयू में पहुंचा। जिसके 10 मिनट के पश्चात ही किसान सीडीएलयू की दीवार फांदकर प्रतिमा अनावरण स्थल पर पहुंच गए और उप मुख्यमंत्री मुर्दाबाद और चौधरी देवीलाल जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालांकि सीडीएलयू में जगह-जगह पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन इसके बाद भी किसान पुलिस को चकमा देकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने किसानों को हिरासत में ले लिया और सीडीएलयू से बाहर भेज दिया।
विज्ञापन
सीडीएलयू में प्रवेश करने के लिए किसानों ने तोड़े बैरिकेड्स
सीडीएलयू के लघु सचिवालय की तरफ के गेट और बाइपास रोड की तरफ स्थित गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान किसान सीडीएलयू में प्रवेश करने का प्रयास करते रहे। पुलिस बल ने किसानों को बाहर ही रोके रखा। किसान बार- बार बैरिकेड्स को तोड़ने के लिए पुलिस से उलझते रहे। लेकिन पुलिस कर्मियों की संख्या अधिक होने के कारण किसान गेट से अंदर प्रवेश नहीं कर सके। जबकि बाइपास रोड की तरफ स्थित गेट को पुलिस ने पहले ही लोहे की जंजीर बांध गेट को बंद कर दिया और गेट के समक्ष बैरिकेड्स और पुलिस तैनात कर दी। वहीं किसान प्रेमनगर कॉलोनी की तरफ स्थित गेट पर भी उपमुख्यमंत्री के काफिले को रोकने के लिए पहुंच गए।
विज्ञापन
अपशब्द बोलने का आरोप लगा किसानों ने एसपी ऑफिस में दिया धरना
लघु सचिवालय की ओर खुलने वाले सीडीएलयू के गेट पर बैरिकेड्स को हटाने के दौरान किसानों और पुलिस कर्मियों में गहमागहमी हो गई। किसानों ने एक पुलिस कर्मचारी द्वारा अपशब्द बोलने के आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शन करते हुए किसान एसपी कार्यालय में पहुंच गए और गेट पर धरना दिया। किसान यहां पर करीब एक घंटे तक धरना दे नारेबाजी करते रहे और पुलिस कर्मी से माफी मंगवाने की मांग उठाते रहे। इसके पश्चात पुलिस कर्मियों और किसानों में सहमति बन गई और किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
उप मुख्यमंत्री बोले आंदोलन अब किसानों का नहीं पार्टियों से जुड़े लोग कर रहे विरोध
सीडीएलयू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान अब खेती वाले किसान नहीं है। अब केवल वहीं लोग ही विरोध कर रहे जो राजनीति पार्टियों से जुड़े हुए है या जिन लोगों से ग्रामीण परेशान थे, तो ग्रामीणों ने उन्हें विरोध करने की दिशा दे दी। सरकार लगातार किसानों की भलाई के लिए कार्य कर रही है। किसानों की नरमें और अन्य फसलों को सरकार एमएसपी भाव पर खरीद रही है। धान की खेती छोड़ अन्य खेती करने वाले किसानों को लाभ दिया जा रहा है। लाखों किसानों को इसका लाभ भी मिल चुका है। कृषि कानूनों से प्रदेश में न तो अभी तक कोई मंडी बंद हुई है और न ही किसी किसान की जमीन उससे छिनी गई है।