फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Our thinking determines the condition and direction of life: BK Shivani

जीवन की दशा व दिशा को निर्धारित करती है हमारी सोच : बीके शिवानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Nov 2022 10:57 PM IST
विज्ञापन
Our thinking determines the condition and direction of life: BK Shivani
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्य। संवाद - फोटो : Sirsa
सिरसा। ब्रह्माकुमारी आनंद सरोवर में मंगलवार को बी द बेस्ट वर्जन ऑफ योरसेल्फ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बीके शिवानी ने आध्यात्मिक ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डाला। बीके शिवानी ने कहा कि हमारी सोच ही हमारे जीवन की दशा और दिशा को निर्धारित करती है। इसलिए हमें अपने घर की बाहरी सुंदरता से ज्यादा आंतरिक सुंदरता एवं अपने विचारों पर ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन

हम स्वयं से निरंतर प्रवाहित हो रहे वाइब्रेशन को अनुभव करके उसे परिवर्तन करने का प्रयास करें, इसी से वातावरण में बढ़ रही नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति भौतिकता की चकाचौंध से दूर किसी गहरी शांति अथवा मानसिक सुकून की तलाश में है और यह तलाश आध्यात्मिक शक्तियों से संपन्न व्यक्तित्व के सानिध्य में आने से ही पूर्ण हो सकती है। उन्होंने बताया कि अपने जीवन में वाइब्रेशन को ऊंचा उठाने के लिए केवल मन की सच्चाई और सफाई चाहिए। इस मौके पर सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद सुनीता दुग्गल, उपायुक्त पार्थ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन, नगर जिला आयुक्त किरण सिंह, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज सुमित गर्ग, ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट फस्ट क्लास विशाल श्योकंद, आशुतोष, सलोनी गुप्ता तथा हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के स्टेट सेक्रेटरी सुधीर ललित आदि मौजूद थे।
विज्ञापन

मैं आत्मा हूं, ये हम भूल चुके हैं : बहन शिवानी
बहन शिवानी ने कहा कि हम लोग ये भूल चुके हैं कि हम आत्मा हैं। कभी सत्संग में ही ये सब याद आता है। जो सत्य है, वह याद रहे तो कोई समस्या नहीं है। आज हम सभी शरीर में हैं। हम सभी एक दिन शरीर को छोड़ेंगे। आत्मा अजर, अमर है। शरीर खत्म होते हैं आत्मा नहीं। किसी का देहांत हो जाए तो हम कहते हैं कि वो चले गए, जबकि शरीर सामने पड़ा होता है। मरने के बाद हम डॉक्टर से कहते हैं कि डॉक्टर साहब, बॉडी को घर कब लेकर जा सकते हैं। लेकिन शरीर को चलाने वाली आत्मा होती है। आत्मा मां के गर्भ में प्रवेश करती है। जैसे सिम कार्ड होता है, एक मोबाइल से निकाला, दूसरे मोबाइल में डाल दिया। इसी प्रकार आत्मा है। फिजिकल चीजों को साथ लेकर नहीं जा सकते, लेकिन जो यहां रिकॉर्ड है, वह साथ लेकर जाते हैं जैसे संस्कार, कर्म को साथ लेकर जाते हैं। सभी का संस्कार अलग-अलग होता है। एक दूसरे को समझना बहुत जरूरी है। सोचना होगा कि ये ऐसा क्यों है?
विज्ञापन
विज्ञापन

निस्वार्थ प्रेम का सागर हैं शिवानी दीदी : सांसद
सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि शिवानी दीदी निस्वार्थ प्रेम का सागर हैं, उनके सानिध्य में बैठकर आत्मिक ऊर्जा को अनुभव करना बहुत बड़ी उपलब्धि है। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि वर्तमान परिवेश में मानसिक संतुलन और खुशहाल जीवन के लिए शिवानी दीदी द्वारा सोशल मीडिया तथा अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से किया जा रहा प्रयास अत्यंत सराहनीय है, जो समाज को एक सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहा है।

ब्रह्माकुमारी आनंद सरोवर में बी द बेस्ट वर्जन ऑफ योरसेल्फ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त

ब्रह्माकुमारी आनंद सरोवर में बी द बेस्ट वर्जन ऑफ योरसेल्फ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त- फोटो : Sirsa

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed