{"_id":"686969dd77f960aa150c6d0b","slug":"on-chess-day-competitions-were-organized-for-students-in-two-categories-sirsa-news-c-128-1-svns1027-140405-2025-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: शतरंज दिवस पर विद्यार्थियों के लिए दो वर्गों में करवाईं प्रतियोगिताएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: शतरंज दिवस पर विद्यार्थियों के लिए दो वर्गों में करवाईं प्रतियोगिताएं
विज्ञापन
शतरंज खेलते हुए प्रतिभागी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डबवाली। स्वतंत्रता सेनानी वैद्य रामदयाल राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए दो वर्गों में प्रतियोगिताएं करवाई गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य लक्ष्मण दास नाहर ने किया।
उन्होंने कहा कि शतरंज केवल एक खेल ही नहीं, बल्कि मानसिक विकास का श्रेष्ठ साधन भी है। यह विद्यार्थियों में धैर्य, रणनीतिक सोच और एकाग्रता को विकसित करता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से खेल भावना के साथ भाग लेने का आह्वान किया। इस प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय के शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता गुरप्रीत सिंह और गणित अध्यापक प्रवीण बांडी के संयोजन एवं संचालन में किया गया।
पंजाबी अध्यापक जसवीर सिंह ने सहयोगी की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बड़ी रुचि और निपुणता का परिचय देते हुए कई रोचक मुकाबले खेले। दोनों वर्गों में विजयी प्रतिभागियों को विद्यालय द्वारा मैडल पहना कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अंग्रेजी प्रवक्ता कृष्ण कायत और गणित अध्यापक प्रवीण बांडी ने शतरंज के इतिहास और इसके विकास पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि शतरंज का उद्भव भारत में ही हुआ और यह आज विश्वभर में सबसे अधिक खेले जाने वाले बौद्धिक खेलों में से एक है। साथ ही उन्होंने इस खेल के लाभों पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे खेलों में भी भाग लें, जो मानसिक क्षमता को बढ़ाते हैं
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शतरंज केवल एक खेल ही नहीं, बल्कि मानसिक विकास का श्रेष्ठ साधन भी है। यह विद्यार्थियों में धैर्य, रणनीतिक सोच और एकाग्रता को विकसित करता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से खेल भावना के साथ भाग लेने का आह्वान किया। इस प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय के शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता गुरप्रीत सिंह और गणित अध्यापक प्रवीण बांडी के संयोजन एवं संचालन में किया गया।
विज्ञापन
पंजाबी अध्यापक जसवीर सिंह ने सहयोगी की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बड़ी रुचि और निपुणता का परिचय देते हुए कई रोचक मुकाबले खेले। दोनों वर्गों में विजयी प्रतिभागियों को विद्यालय द्वारा मैडल पहना कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अंग्रेजी प्रवक्ता कृष्ण कायत और गणित अध्यापक प्रवीण बांडी ने शतरंज के इतिहास और इसके विकास पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि शतरंज का उद्भव भारत में ही हुआ और यह आज विश्वभर में सबसे अधिक खेले जाने वाले बौद्धिक खेलों में से एक है। साथ ही उन्होंने इस खेल के लाभों पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे खेलों में भी भाग लें, जो मानसिक क्षमता को बढ़ाते हैं