{"_id":"698e1748845519f1a805f94c","slug":"no-stadium-in-savita-punia-village-sirsa-news-c-128-1-svns1027-152980-2026-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: सिस्टम की मार...पद्मश्री सविता के गांव में खिलाड़ी लाचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: सिस्टम की मार...पद्मश्री सविता के गांव में खिलाड़ी लाचार
Thu, 12 Feb 2026 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 12 Feb 2026 11:39 PM IST
विज्ञापन
डिंग मंडी।जोधकां स्कूल का खेल मैदान ।
संदीप मेहूवाला
डिंग मंडी। गांव जोधकां को अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी व पद्मश्री सम्मान प्राप्त करने वाली सविता पूनिया के नाम से जाना जाता है। देश का नाम रोशन करने वाली सविता के गांव के बेटे व बेटियां खेल सुविधा न मिलने से लाचार हैं। सरकार की घोषणा के बाद भी गांव में न तो स्टेडियम बना न ही खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकीं। इससे खिलाड़ी खेल छोड़ रहे या पलायन करने के लिए मजबूर हैं।
सरकार पद्मश्री सविता के गांव में स्टेडियम व अन्य सुविधाओं की घोषणा के अलावा कुछ नहीं कर पाई। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। कई साल बीत जाने के बाद भी गांव में खेल सुविधाओं की सुध नहीं ली गई। ग्रामीणों के साथ ही सविता पूनिया के पिता महेंद्र कुमार भी कई बार संबंधित विभाग से इस मामले में पत्राचार कर चुके हैं। ग्रामीणों में सरकार के उदासीन रवैये से नाराजगी है।
पंचायत चार एकड़ जमीन देने के लिए तैयार : ग्रामीणों का कहना है कि सविता पूनिया की सफलता ने जोधका गांव को पहचान दिलाई है लेकिन गांव में खेल मैदान, प्रशिक्षण केंद्र और आधारभूत सुविधाओं का न होना ग्रामीणों को खल रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जोधका गांव में सभी खेलों के लिए समग्र खेल परिसर विकसित किया जाए। ताकि आने वाली पीढ़ी को खेल में दम दिखाने का अवसर मिल सके। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
डिंग मंडी। गांव जोधकां को अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी व पद्मश्री सम्मान प्राप्त करने वाली सविता पूनिया के नाम से जाना जाता है। देश का नाम रोशन करने वाली सविता के गांव के बेटे व बेटियां खेल सुविधा न मिलने से लाचार हैं। सरकार की घोषणा के बाद भी गांव में न तो स्टेडियम बना न ही खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकीं। इससे खिलाड़ी खेल छोड़ रहे या पलायन करने के लिए मजबूर हैं।
सरकार पद्मश्री सविता के गांव में स्टेडियम व अन्य सुविधाओं की घोषणा के अलावा कुछ नहीं कर पाई। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। कई साल बीत जाने के बाद भी गांव में खेल सुविधाओं की सुध नहीं ली गई। ग्रामीणों के साथ ही सविता पूनिया के पिता महेंद्र कुमार भी कई बार संबंधित विभाग से इस मामले में पत्राचार कर चुके हैं। ग्रामीणों में सरकार के उदासीन रवैये से नाराजगी है।
विज्ञापन
पंचायत चार एकड़ जमीन देने के लिए तैयार : ग्रामीणों का कहना है कि सविता पूनिया की सफलता ने जोधका गांव को पहचान दिलाई है लेकिन गांव में खेल मैदान, प्रशिक्षण केंद्र और आधारभूत सुविधाओं का न होना ग्रामीणों को खल रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जोधका गांव में सभी खेलों के लिए समग्र खेल परिसर विकसित किया जाए। ताकि आने वाली पीढ़ी को खेल में दम दिखाने का अवसर मिल सके। संवाद
विज्ञापन