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नाम सर्व सुखों की खान : दिनेशानंद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Sep 2025 11:01 PM IST
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Name is the mine of all happiness: Dineshananda
सिरसा। स्वामी दिनेशानंद महाराज श्रीमद भागवत कथा प्रवचन करते हुए।सभा
सिरसा। अनाज मंडी स्थित श्री श्याम बगीची धाम में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के तीसरे दिन योगाचार्य स्वामी भगवान देव परमहंस के शिष्य अखिल भारतीय धर्म सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी दिनेशानंद महाराज ने प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि राम से बड़ा राम का नाम है, राम से ज्यादा उसके नाम में शक्ति है।
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नाम ही है जो भक्त को भगवान से जोड़ता है। नाम भक्त का पालन-पोषण ही नही करता बल्कि उसकी प्रत्येक क्षण रक्षा भी करता है। नाम में अनेक रिद्धियां-सिद्धियां, विभूतियां व स्वर्ग के सुख छिपे हैं। स्वामी ने कहा कि राम से बड़ा राम का नाम है और राम नाम को जपकर मानव भवसागर तर सकता है।
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भक्त ध्रुव और प्रह्लाद प्रसंग पर बोलते हुए स्वामी ने कहा कि ध्रुव केवल पांच वर्ष की उम्र में ही भगवान से मिलकर अमर हो गए। भक्त ध्रुव ने कठोर तपस्या की, ध्रुव के पिता और जगत ने ध्रुव और उसकी माता सुनीती को ठुकरा दिया। तब चारों और से हताश और निराश होकर केवल छह महीने तक ध्रुव ने कठोर साधना की।
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ध्रुव की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उसे राजा ही नहीं बनाया, बल्कि प्रत्युत मरने के बाद मोक्ष भी प्रदान किया। उसके ऊपर सभी प्रकार के सुखों की वर्षा की। नाम भक्त के अंग-संग रहकर उसकी प्रत्येक क्षण रक्षा करता है। स्वामी दिनेशानंद ने प्रह्लाद भक्त का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भक्त प्रह्लाद को उसके पिता हिरण्यकश्यप ने सर्पों से डसवाया, समुद्र में डाला, पर्वत से नीचे गिराया, अग्नि में जलाया, जेल में एक महीने तक बंद रखा व उसे अन्न-पानी तक नही दिया।

भक्त प्रह्लाद के पिता ने उसका वध करने के लिए अनेक प्रकार के जतन किए। सांस-सांस में राम नाम का जाप करने वाले प्रह्लाद का कोई भी बाल भी बांका नही कर सका जाको राखे साईयां, मार सके ना कोए, बाल ना बांका कर सके जो जग बैरी होए अर्थात नाम सर्व सुखों की खान है। नाम ने संसार में बड़े-बड़े पापियों का उद्धार किया है। नाम हर बिगड़ी को बनाने वाला है।


स्वामी ने कहा कि नाम का जाप कर मनुष्य अपने हर दुख, तकलीफ से छुटकारा पा सकता है। कथा के उपरांत श्रीमद्भागवत कथा की आरती की गई और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर अखिल भारतीय धर्मसभा के संरक्षक महेश सुरेकां, प्रधान गौरव स्वामी, रतन सिंगला, हनुमान बंसल, हेमंत दड़ोलिया, पवन मित्तल, घनश्याम बंसल, अशोक गोयल व अन्य मौजूद रहे।
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