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ऐलनाबाद उप चुनाव के साथ पंचायती और नगर परिषद चुनावों में इनेलो दे सकती है चुनौती
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सिरसा। इनेलो सुप्रीमो चौधरी ओम प्रकाश चौटाला की सजा पूरी होने के बाद इनेलो कार्यकर्ताओं में जोश का माहौल है। साथ ही प्रदेश में होने वाले पंचायती चुनावों और नगर पालिकाओं के चुनाव में भी इनेलो सत्तापक्ष और विपक्षी पार्टी कांग्रेस को चुनौती दे सकती है। सिरसा जिले में दो नगर परिषद व पांच नगर पालिकाओं के चुनाव होंगे। इनेलो सुप्रीमो फिलहाल गुरुग्राम के मेदांता में दाखिल हैं। उनके स्वस्थ होने और रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनेलो जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी की मीटिंग बुला सकती है।
इनेलो की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जसबीर सिंह जस्सा का कहना है कि प्रदेश के कई दिग्गज नेता आने वाले दिनों में इनेलो में शामिल होंगे। ओपी चौटाला की रिहाई ऐसे समय में हुई है, जब प्रदेश में ऐलनाबाद उप चुनाव के साथ-साथ पंचायती और नगर परिषद व पालिकाओं के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में न इनेलो सुप्रीमो के आने के बाद न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं में जनून पैदा हुआ है, जबकि जजपा और भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के लिए चुनौतियां पैदा होंगी। ऐलनाबाद उप चुनाव की अभी तक तारीख की घोषणा नहीं हुई। ऐलनाबाद हल्का इनेलो का गढ़ रहा है। हालांकि इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला अपना त्यागपत्र देने से पहले ही लोगों से गांव-गांव जाकर रायशुमारी कर चुके हैं। इनेलो सुप्रीमो की रिहाई के बाद इस किले को भेदना भाजपा और जजपा के लिए आसान नहीं होगा। वहीं भाजपा के उम्मीदवार रह चुके पवन बैनीवाल ने किसान आंदोलन के चलते भाजपा को अलविदा कह दिया। पवन बैनीवाल का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है, लेकिन उन्होंने अभी किसी पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं की। ऐसे में भाजपा नए चेहरे पर दांव खेलेगी। वहीं पिछले कुछ दिनों से ऐलनाबाद हल्के में कैप्टन अमरदीप सिंह की सक्रियता भी बढ़ गई है। वे चौधरी देवीलाल के बड़े भाई साहबराम के पोते हैं। इनेलो के युवा महासचिव व जिला पार्षद जरनैल सिंह चंदी का कहना है कि इनेलो का काडर आज भी सबसे मजबूत है।
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इनेलो की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जसबीर सिंह जस्सा का कहना है कि प्रदेश के कई दिग्गज नेता आने वाले दिनों में इनेलो में शामिल होंगे। ओपी चौटाला की रिहाई ऐसे समय में हुई है, जब प्रदेश में ऐलनाबाद उप चुनाव के साथ-साथ पंचायती और नगर परिषद व पालिकाओं के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में न इनेलो सुप्रीमो के आने के बाद न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं में जनून पैदा हुआ है, जबकि जजपा और भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के लिए चुनौतियां पैदा होंगी। ऐलनाबाद उप चुनाव की अभी तक तारीख की घोषणा नहीं हुई। ऐलनाबाद हल्का इनेलो का गढ़ रहा है। हालांकि इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला अपना त्यागपत्र देने से पहले ही लोगों से गांव-गांव जाकर रायशुमारी कर चुके हैं। इनेलो सुप्रीमो की रिहाई के बाद इस किले को भेदना भाजपा और जजपा के लिए आसान नहीं होगा। वहीं भाजपा के उम्मीदवार रह चुके पवन बैनीवाल ने किसान आंदोलन के चलते भाजपा को अलविदा कह दिया। पवन बैनीवाल का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है, लेकिन उन्होंने अभी किसी पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं की। ऐसे में भाजपा नए चेहरे पर दांव खेलेगी। वहीं पिछले कुछ दिनों से ऐलनाबाद हल्के में कैप्टन अमरदीप सिंह की सक्रियता भी बढ़ गई है। वे चौधरी देवीलाल के बड़े भाई साहबराम के पोते हैं। इनेलो के युवा महासचिव व जिला पार्षद जरनैल सिंह चंदी का कहना है कि इनेलो का काडर आज भी सबसे मजबूत है।
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