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Sirsa News: आनंद विहार में टूटी गलियां देखकर बिफरे विधायक, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
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आनंद विहार में अधर में पड़ी गली।
सिरसा। आनंद विहार की गलियों के बदतर हालात का विधायक गोकुल सेतिया ने सोमवार को निरीक्षण किया। दो माह पहले बनाई गईं गलियां जगह-जगह से टूट गईं। इस पर विधायक नाराज हो गए और जिला नगर आयुक्त को नगर परिषद के अधिकारियों के घटिया कार्यप्रणाली के बारे में अवगत करवाया।
विधायक ने मौके पर फोन के माध्यम से ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि आनंद विहार के बदतर हालात पर अमर उजाला ने रविवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए सोमवार को विधायक गोकुल सेतिया आनंद विहार में जनसमस्याएं सुनी उसके बाद टूटी गलियाें का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गोकुल सेतिया आनंद विहार की गली नंबर 6 में पहुंचे। वार्ड के लोगों ने बताया कि विजय झूंथरा नामक ठेकेदार ने करीबन दो माह पहले इंटरलॉकिंग गली का निर्माण किया गया था। यह अब जगह-जगह से धंस गई और किनारों से टूट चुकी है। इस पर विधायक ने मौके पर संबंधित विभाग के डीएमसी को फोन कर मामले की जानकारी दी।
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विधायक ने डीएमसी से कहा कि इस तरह का घटिया निर्माण करने वाली एजेंसी व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। विधायक ने कहा कि आनंद विहार में गली तो ठीक से बनवानी ही है। वहीं, निर्माणकारी ठेकेदार पर कार्रवाई भी करनी है, क्योंकि घटिया निर्माण करने के बाद भी नगर परिषद ऐसे ठेकेदारों पर मेहरबान है।
चार गलियों का किया था ठेकेदार ने निर्माण
आनंद विहार में करीब दो माह पहले चार गलियों को बनाने का काम किया गया था। ये गलियां करीब दो माह में ही धंसने के साथ टूट चुकी हैं। वहीं, जिस गली में विधायक गोकुल सेतिया पहुंचे थे। वह करीब 400 फीट लंबी गली है, जिसमें पानी की पाइप न डलने के चलते ठेकेदार की ओर से करीब 150 फीट गली अधर में ही छोड़ दी थी। इसके अलावा जिन गलियों को बनाया गया है, उनमें घटिया निर्माण का आरोप है।
क्यों नहीं लगाते ठेकेदार विकास कार्यों के बोर्ड
नगर परिषद के नियमानुसार, गलियों के निर्माण के बाद ठेकेदार उस टेंडर व विकास कार्य की पूर्ण जानकारी का बोर्ड लगाएगा। इस बोर्ड पर टेंडर की कीमत, उसका वारंटी पीरियड, ठेकेदार का मोबाइल नंबर आदि पूर्ण जानकारी होगी। नगर परिषद की ओर से किसी भी निर्माण कार्य के बाद कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है। जानकारों के अनुसार, यदि जानकारी बोर्ड पर होगी तो ठेकेदार को लेकर सीधे तौर पर शिकायत होगी और ठेकेदार को जुर्माना लगेगा। सूत्रों की मानें तो पूर्व में कई सड़कों के फर्जी बिल पास किए गए हैं, जो सड़कें बनी ही नहीं है। बोर्ड लगने पर इस तरह की फर्जी सड़कों के बारे में आमजन को पता चल जाएगा। हालांकि, अधिकारियों का तर्क है कि नशेड़ी बोर्ड चोरी कर ले जाते हैं।
वर्जन : विधायक ने आनंद विहार में गलियाें का निरीक्षण किया है। इस दौरान वार्ड के मौजूदा हालातों के बारे में जाना है। आनंद विहार में आमजन समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस संबंध में अधिकारियों को भी कई बार अवगत करवाया है, लेकिन समाधान नहीं हुआ है। अब शायद समाधान हो सकता है।-- -- चंचल रानी, पार्षद, वार्ड नंबर 2, सिरसा।
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विधायक ने मौके पर फोन के माध्यम से ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि आनंद विहार के बदतर हालात पर अमर उजाला ने रविवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए सोमवार को विधायक गोकुल सेतिया आनंद विहार में जनसमस्याएं सुनी उसके बाद टूटी गलियाें का निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान गोकुल सेतिया आनंद विहार की गली नंबर 6 में पहुंचे। वार्ड के लोगों ने बताया कि विजय झूंथरा नामक ठेकेदार ने करीबन दो माह पहले इंटरलॉकिंग गली का निर्माण किया गया था। यह अब जगह-जगह से धंस गई और किनारों से टूट चुकी है। इस पर विधायक ने मौके पर संबंधित विभाग के डीएमसी को फोन कर मामले की जानकारी दी।
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विधायक ने डीएमसी से कहा कि इस तरह का घटिया निर्माण करने वाली एजेंसी व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। विधायक ने कहा कि आनंद विहार में गली तो ठीक से बनवानी ही है। वहीं, निर्माणकारी ठेकेदार पर कार्रवाई भी करनी है, क्योंकि घटिया निर्माण करने के बाद भी नगर परिषद ऐसे ठेकेदारों पर मेहरबान है।
चार गलियों का किया था ठेकेदार ने निर्माण
आनंद विहार में करीब दो माह पहले चार गलियों को बनाने का काम किया गया था। ये गलियां करीब दो माह में ही धंसने के साथ टूट चुकी हैं। वहीं, जिस गली में विधायक गोकुल सेतिया पहुंचे थे। वह करीब 400 फीट लंबी गली है, जिसमें पानी की पाइप न डलने के चलते ठेकेदार की ओर से करीब 150 फीट गली अधर में ही छोड़ दी थी। इसके अलावा जिन गलियों को बनाया गया है, उनमें घटिया निर्माण का आरोप है।
क्यों नहीं लगाते ठेकेदार विकास कार्यों के बोर्ड
नगर परिषद के नियमानुसार, गलियों के निर्माण के बाद ठेकेदार उस टेंडर व विकास कार्य की पूर्ण जानकारी का बोर्ड लगाएगा। इस बोर्ड पर टेंडर की कीमत, उसका वारंटी पीरियड, ठेकेदार का मोबाइल नंबर आदि पूर्ण जानकारी होगी। नगर परिषद की ओर से किसी भी निर्माण कार्य के बाद कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है। जानकारों के अनुसार, यदि जानकारी बोर्ड पर होगी तो ठेकेदार को लेकर सीधे तौर पर शिकायत होगी और ठेकेदार को जुर्माना लगेगा। सूत्रों की मानें तो पूर्व में कई सड़कों के फर्जी बिल पास किए गए हैं, जो सड़कें बनी ही नहीं है। बोर्ड लगने पर इस तरह की फर्जी सड़कों के बारे में आमजन को पता चल जाएगा। हालांकि, अधिकारियों का तर्क है कि नशेड़ी बोर्ड चोरी कर ले जाते हैं।
वर्जन : विधायक ने आनंद विहार में गलियाें का निरीक्षण किया है। इस दौरान वार्ड के मौजूदा हालातों के बारे में जाना है। आनंद विहार में आमजन समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस संबंध में अधिकारियों को भी कई बार अवगत करवाया है, लेकिन समाधान नहीं हुआ है। अब शायद समाधान हो सकता है।