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Sirsa News: दसवीं-बारहवीं के कमजोर परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों पर रहेगा विशेष फोकस
Wed, 04 Nov 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 04 Nov 2026 01:06 AM IST
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सिरसा में ‘मिशन सफलता’ शुरू, स्कूलों को रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटकर बनेगी सुधार की रणनीति
फोटो-- -- 16
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने मिशन सफलता अभियान आरंभ किया है। इस अभियान के तहत दसवीं और बारहवीं के विद्यालयों की शैक्षणिक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
पिछले परीक्षा परिणामों के आधार पर अलग-अलग रणनीति अपनाई जाएगी। कम परिणाम वाले विद्यालयों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के अनुभवों से अन्य विद्यालयों को सीखने का अवसर मिलेगा।
इसी क्रम में, खंड ओढ़ां और बड़ागुढ़ा के खंड शिक्षा कार्यालयों में समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने इन बैठकों की अध्यक्षता की। दोनों खंडों के सभी राजकीय हाई और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के मुखियाओं ने इसमें भाग लिया।
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खंड ओढ़ां के खंड शिक्षा अधिकारी राम अवतार और खंड बड़ागुढ़ा की खंड शिक्षा अधिकारी कुलदीप कौर भी मौजूद रहीं। जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार भी बैठक में उपस्थित थे। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के बोर्ड परीक्षा परिणामों का विद्यालयवार विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर विद्यालयों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
50 फीसदी से कम परिणाम वाले स्कूल रेड जोन में रखे गए हैं। 51 से 80 फीसदी तक परिणाम वाले स्कूल येलो जोन में शामिल हैं। 80 फीसदी से अधिक परिणाम वाले स्कूल ग्रीन जोन में रखे गए हैं। विभाग का उद्देश्य कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों की कमियों को पहचानकर सुधारात्मक कदम उठाना है।
कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने विद्यालय मुखियाओं और शिक्षकों को कई निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को पिछले दस वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास करवाने को कहा। विषयवार कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगेंगी। नमूना प्रश्नपत्र हल करवाने, नियमित लिखित अभ्यास और उत्तर लेखन कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों में विषयवस्तु को समझकर अपने शब्दों में उत्तर लिखने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए ओपन टेक्स्ट बुक परीक्षा की तर्ज पर समझ आधारित अध्ययन और पीयर लर्निंग को बढ़ावा मिलेगा। विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और उनकी प्रगति का लगातार आकलन करने पर भी जोर दिया गया।
जोन आधारित रणनीति और लक्ष्य
बैठक में ग्रीन जोन के विद्यालय मुखियाओं को अपने स्कूलों की प्रभावी शिक्षण तकनीकों, नवाचारों और बेहतर परिणाम देने वाली रणनीतियों को साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं रेड और येलो जोन के विद्यालयों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार लगातार प्रयास करते हुए प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए गए। लक्ष्य है कि रेड जोन के स्कूल येलो जोन और येलो जोन के स्कूल ग्रीन जोन में पहुंचें। ग्रीन जोन के विद्यालयों को भी अपने बेहतर प्रदर्शन को बनाए रखते हुए परिणाम और सुधारने के लिए कहा गया। फुटेला ने स्पष्ट किया कि ''मिशन सफलता'' केवल परीक्षा परिणाम बढ़ाने तक सीमित नहीं है। यह प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता पहचानकर उसे शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाने का सामूहिक प्रयास है।
मिशन बुनियाद और सुपर-100 पर जोर
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने बैठक में मिशन बुनियाद और सुपर-100 कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों का अधिक से अधिक पंजीकरण करवाने का आह्वान किया। ये कार्यक्रम विद्यार्थियों को शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर उपलब्ध करवाने में सहायक हैं। विकल्प फाउंडेशन के केंद्र समन्वयक विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को इन योजनाओं के प्रति जागरूक करेंगे। इसके लिए वीडियो, पोस्टर, शंका समाधान और ऑनलाइन पंजीकरण में भी सहयोग दिया जाएगा। बैठक के अंत में खंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालय मुखियाओं ने नियमित समीक्षा, निगरानी, अतिरिक्त कक्षाओं और प्रभावी शिक्षण गतिविधियों से आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम हासिल करने का भरोसा दिलाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने मिशन सफलता अभियान आरंभ किया है। इस अभियान के तहत दसवीं और बारहवीं के विद्यालयों की शैक्षणिक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
पिछले परीक्षा परिणामों के आधार पर अलग-अलग रणनीति अपनाई जाएगी। कम परिणाम वाले विद्यालयों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के अनुभवों से अन्य विद्यालयों को सीखने का अवसर मिलेगा।
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इसी क्रम में, खंड ओढ़ां और बड़ागुढ़ा के खंड शिक्षा कार्यालयों में समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने इन बैठकों की अध्यक्षता की। दोनों खंडों के सभी राजकीय हाई और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के मुखियाओं ने इसमें भाग लिया।
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खंड ओढ़ां के खंड शिक्षा अधिकारी राम अवतार और खंड बड़ागुढ़ा की खंड शिक्षा अधिकारी कुलदीप कौर भी मौजूद रहीं। जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार भी बैठक में उपस्थित थे। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के बोर्ड परीक्षा परिणामों का विद्यालयवार विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर विद्यालयों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
50 फीसदी से कम परिणाम वाले स्कूल रेड जोन में रखे गए हैं। 51 से 80 फीसदी तक परिणाम वाले स्कूल येलो जोन में शामिल हैं। 80 फीसदी से अधिक परिणाम वाले स्कूल ग्रीन जोन में रखे गए हैं। विभाग का उद्देश्य कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों की कमियों को पहचानकर सुधारात्मक कदम उठाना है।
कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने विद्यालय मुखियाओं और शिक्षकों को कई निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को पिछले दस वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास करवाने को कहा। विषयवार कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगेंगी। नमूना प्रश्नपत्र हल करवाने, नियमित लिखित अभ्यास और उत्तर लेखन कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों में विषयवस्तु को समझकर अपने शब्दों में उत्तर लिखने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए ओपन टेक्स्ट बुक परीक्षा की तर्ज पर समझ आधारित अध्ययन और पीयर लर्निंग को बढ़ावा मिलेगा। विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और उनकी प्रगति का लगातार आकलन करने पर भी जोर दिया गया।
जोन आधारित रणनीति और लक्ष्य
बैठक में ग्रीन जोन के विद्यालय मुखियाओं को अपने स्कूलों की प्रभावी शिक्षण तकनीकों, नवाचारों और बेहतर परिणाम देने वाली रणनीतियों को साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं रेड और येलो जोन के विद्यालयों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार लगातार प्रयास करते हुए प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए गए। लक्ष्य है कि रेड जोन के स्कूल येलो जोन और येलो जोन के स्कूल ग्रीन जोन में पहुंचें। ग्रीन जोन के विद्यालयों को भी अपने बेहतर प्रदर्शन को बनाए रखते हुए परिणाम और सुधारने के लिए कहा गया। फुटेला ने स्पष्ट किया कि ''मिशन सफलता'' केवल परीक्षा परिणाम बढ़ाने तक सीमित नहीं है। यह प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता पहचानकर उसे शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाने का सामूहिक प्रयास है।
मिशन बुनियाद और सुपर-100 पर जोर
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने बैठक में मिशन बुनियाद और सुपर-100 कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों का अधिक से अधिक पंजीकरण करवाने का आह्वान किया। ये कार्यक्रम विद्यार्थियों को शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर उपलब्ध करवाने में सहायक हैं। विकल्प फाउंडेशन के केंद्र समन्वयक विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को इन योजनाओं के प्रति जागरूक करेंगे। इसके लिए वीडियो, पोस्टर, शंका समाधान और ऑनलाइन पंजीकरण में भी सहयोग दिया जाएगा। बैठक के अंत में खंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालय मुखियाओं ने नियमित समीक्षा, निगरानी, अतिरिक्त कक्षाओं और प्रभावी शिक्षण गतिविधियों से आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम हासिल करने का भरोसा दिलाया।