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Sirsa News: ओढां में प्रशासन ने निर्माण गिराकर हटवाया कब्जा, महिलाओं ने छत पर चढ़कर की नारेबाजी
Wed, 11 Oct 2023 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 11 Oct 2023 11:47 PM IST
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गांव ओढां में कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार अजय मलिक के साथ उलझते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ओढां। जिला प्रशासन ने बुधवार को गांव ओढां में सरकारी भूमि पर किए गए कब्जे को हटावाया। इस दौरान बीईओ विनोद श्योराण को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। कार्रवाई के दौरान किसान नेताओं व ग्रामीणों ने विरोध जताया। इस दौरान नायब तहसीलदार व किसान नेता में बहस भी हो गई। अधिकारियों के अनुसार प्रथम तौर पर कुछ निर्माण तोड़े गए हैं। कब्जाधारियों को एक सप्ताह का नोटिस देकर जगह खाली करवाई जाएगी। इसके बाद निर्माण पूरी तरह से तोड़ दिया जाएगा।
बुधवार जब प्रशासनिक अमला कब्जा हटाने को बल के साथ पहुंचा। जब प्रशासन ने जेसीबी से कार्रवाई शुरू की तो महिलाओं व अन्य लोगों ने छत पर चढ़ कर नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध के वाबजूद प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने घर की चारदीवारी, गोवंश के लिए बनाई गई जगह की चारदीवारी व ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन का शेड तोड़ने के बाद बड़ी दुकान का ऊपरी हिस्सा तोड़ दिया। जब प्रशासन ने लोगों को समझाया तो लोगों ने स्वयं कब्जा हटाने की बात कही।
धरने पर बैठे लोग, बोले- कार्रवाई करनी है तो समान करो
प्रशासनिक अमले के पहुंचे से दो घंटे पहले ही लोग धरना लगाकर बैठ गए। लोग जनता अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी करनैल सिंह ओढां, प्रदेशाध्यक्ष जसविंदर सिंह बब्बू व महासचिव सुरेन्द्र टोनी ने आरोप लगाया कि बड़े लोग सरेआम सरकारी भूमि पर कब्जे कर मकान बना रहे हैं। प्रशासन उन्हें कुछ नहीं कहता। गरीब तबके के लोगों ने सरकारी भूमि पर कूड़ा-कर्कट क्या डाल दिया कि प्रशासन कब्जे का नाम लेकर पीला पंजा व पुलिस फोर्स लेकर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि अगर कब्जा कार्रवाई करनी है तो समान रूप से करो। नायब तहसीलदार ने मौके पर मौजूद ग्राम सरपंच संदीप सिंह से कहा कि वे उक्त लोगों के लिए कूड़ा-कर्कट डालने के लिए कोई जगह निर्धारित करें। इसके बाद सरपंच ने कहा कि वे इस विषय में प्रस्ताव पारित करेंगे।
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यह है मामला
वर्ष 2002 में तत्कालीन पंचायत ने गांव ओढां में कालांवाली रोड पर जेबीटी की इमारत बनाने के लिए नौ एकड़ भूमि शिक्षा विभाग के नाम की थी। करीब 7 एकड़ भूमि पर गांव के कुछ लोगों ने कूड़ा-कर्कट डालकर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। पंचायत की शिकायत के बाद बुधवार को कब्जा हटाने की कार्रवाई निश्चित की गई थी। प्रशासन को आशंका थी कि इस कार्रवाई के दौरान विवाद हो सकता है। इसके चलते अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
कोट्स
प्रशासन के आदेश पर करीब नौ एकड़ भूमि पर कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। इसमें कुछ जगहों पर मकान बने हुए थे और कुछ जगह खाली थी। प्रथम तौर पर कुछ निर्माण तोड़े गए हैं। कब्जाधारियों को एक सप्ताह का नोटिस देकर जगह खाली करवाई जाएगी। इसके बाद निर्माण पूरी तरह से तोड़ दिया जाएगा। - विनोद श्योराण, ड्यूटी मजिस्ट्रेट (बीईओ)।
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ओढां। जिला प्रशासन ने बुधवार को गांव ओढां में सरकारी भूमि पर किए गए कब्जे को हटावाया। इस दौरान बीईओ विनोद श्योराण को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। कार्रवाई के दौरान किसान नेताओं व ग्रामीणों ने विरोध जताया। इस दौरान नायब तहसीलदार व किसान नेता में बहस भी हो गई। अधिकारियों के अनुसार प्रथम तौर पर कुछ निर्माण तोड़े गए हैं। कब्जाधारियों को एक सप्ताह का नोटिस देकर जगह खाली करवाई जाएगी। इसके बाद निर्माण पूरी तरह से तोड़ दिया जाएगा।
बुधवार जब प्रशासनिक अमला कब्जा हटाने को बल के साथ पहुंचा। जब प्रशासन ने जेसीबी से कार्रवाई शुरू की तो महिलाओं व अन्य लोगों ने छत पर चढ़ कर नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध के वाबजूद प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने घर की चारदीवारी, गोवंश के लिए बनाई गई जगह की चारदीवारी व ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन का शेड तोड़ने के बाद बड़ी दुकान का ऊपरी हिस्सा तोड़ दिया। जब प्रशासन ने लोगों को समझाया तो लोगों ने स्वयं कब्जा हटाने की बात कही।
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धरने पर बैठे लोग, बोले- कार्रवाई करनी है तो समान करो
प्रशासनिक अमले के पहुंचे से दो घंटे पहले ही लोग धरना लगाकर बैठ गए। लोग जनता अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी करनैल सिंह ओढां, प्रदेशाध्यक्ष जसविंदर सिंह बब्बू व महासचिव सुरेन्द्र टोनी ने आरोप लगाया कि बड़े लोग सरेआम सरकारी भूमि पर कब्जे कर मकान बना रहे हैं। प्रशासन उन्हें कुछ नहीं कहता। गरीब तबके के लोगों ने सरकारी भूमि पर कूड़ा-कर्कट क्या डाल दिया कि प्रशासन कब्जे का नाम लेकर पीला पंजा व पुलिस फोर्स लेकर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि अगर कब्जा कार्रवाई करनी है तो समान रूप से करो। नायब तहसीलदार ने मौके पर मौजूद ग्राम सरपंच संदीप सिंह से कहा कि वे उक्त लोगों के लिए कूड़ा-कर्कट डालने के लिए कोई जगह निर्धारित करें। इसके बाद सरपंच ने कहा कि वे इस विषय में प्रस्ताव पारित करेंगे।
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यह है मामला
वर्ष 2002 में तत्कालीन पंचायत ने गांव ओढां में कालांवाली रोड पर जेबीटी की इमारत बनाने के लिए नौ एकड़ भूमि शिक्षा विभाग के नाम की थी। करीब 7 एकड़ भूमि पर गांव के कुछ लोगों ने कूड़ा-कर्कट डालकर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। पंचायत की शिकायत के बाद बुधवार को कब्जा हटाने की कार्रवाई निश्चित की गई थी। प्रशासन को आशंका थी कि इस कार्रवाई के दौरान विवाद हो सकता है। इसके चलते अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
कोट्स
प्रशासन के आदेश पर करीब नौ एकड़ भूमि पर कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। इसमें कुछ जगहों पर मकान बने हुए थे और कुछ जगह खाली थी। प्रथम तौर पर कुछ निर्माण तोड़े गए हैं। कब्जाधारियों को एक सप्ताह का नोटिस देकर जगह खाली करवाई जाएगी। इसके बाद निर्माण पूरी तरह से तोड़ दिया जाएगा। - विनोद श्योराण, ड्यूटी मजिस्ट्रेट (बीईओ)।