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Sirsa News: वैध कॉलोनियों के साथ अवैध का रकबा, सत्यापन में देरी से लटक रहीं परियोजनाएं

Tue, 07 Jan 2025 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 07 Jan 2025 11:48 PM IST
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Illegal land along with legal colonies, delay in verification is causing delay in projects
प्रीत नगर में धंसी सड़क, जिसको लेकर उठा वैध व अवैध कॉलोनी का मुद्दा। फाइल फोटो। 
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। नगर परिषद की सीमा में आने वाली 25 कॉलोनियों को साल 2024 में वैध किया गया। इन कॉलोनियों के साथ अवैध कॉलोनियों का रकबा भी पड़ता है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग को इन कॉलोनियों को नगर परिषद से सत्यापित करवाना पड़ता है। इस पूरी प्रक्रिया के चलते विकास की रफ्तार प्रभावित हो रही है।

वैध हुई 25 कॉलोनियों के लोगों द्वारा जन स्वास्थ्य विभाग के पास सीवरेज और पेयजल सुविधा मुहैया करवाने को लेकर मांग आती रहती है। विधायक से लेकर अन्य राजनेता भी इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर पत्र लिखते हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी यह रहती है कि इन कॉलोनियों के साथ अवैध कॉलोनियों का रकबा भी पड़ता है। ऐसे में नगर परिषद के पास कॉलोनी के सत्यापन को लेकर विभाग पत्र भेजता है और इसका जवाब आने में एक माह से दो माह का वक्त लग जाता है। इस कारण वैध कॉलोनियों के लिए परियोजना बनाने में अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, परियोजनाओं में देरी से परेशान लोग जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाते नजर आते हैं।
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प्रीत नगर में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। इस दौरान सड़क पर ट्रैक्टर ट्राॅली धंस गई। इसके बाद सड़क को लेकर विवाद पैदा हो गया। इसी विवाद में कॉलोनी के वैध और अवैध होने पर सवाल खड़े हो गए। जन स्वास्थ्य विभाग ने 26 दिसंबर को नगर परिषद को पत्र लिखकर कॉलोनी के वैध नक्शे की मांग की, ताकि पता चल सके जिस हिस्से में लाइन बिछाई जा रही है, वह सही है या नहीं। इस पत्र का नगर परिषद के अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं, कुछ इसी प्रकार का पत्र विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया है। उक्त पत्र भी नगर परिषद कार्यालय पहुंच चुका है। इस पत्र के आधार पर डिटेल रिपोर्ट बनाने में अधिकारी जुटे हुए हैं।
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बॉक्स

काटी जा चुकी हैं कई अवैध कॉलोनियां

खाजा खेड़ा, केलनियां रोड, बेगू रोड, कंगनपुर रोड, रंगड़ी रोड का क्षेत्र नगर परिषद के दायरे में आ गया है। नगर परिषद के दायरे में आने के बाद तेजी से इन क्षेत्र में अवैध कॉलोनियां कटनी शुरू हो गई हैं। यह कॉलोनियां पुरानी आबादी क्षेत्र के साथ लगती है। ऐसे में हाल ही में वैध हुए क्षेत्र में जन स्वास्थ्य विभाग पेयजल व सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य कर रहा है। इसका फायदा उठाकर कुछ कॉलोनाइजर अपनी अवैध कॉलोनियों में लाइन बिछाने का प्रयास करते हैं।

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यह करवाया जाता है सत्यापित

- कॉलोनी वैध या अवैध

- कॉलोनी का हिस्सा वैध है तो उसका नक्शा उपलब्ध करवाया जाए।

- नगर परिषद ने कहां तक सड़क बनाई है या पूर्व में बनी हुई है, उसकी डिटेल दी जाए।

- कॉलोनी में सड़क निर्माण को लेकर कोई प्रपोजल बनाया गया है तो उसके बारे में जानकारी दी जाए।

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दोनों विभागों का आपसी तालमेल न होना बना है परेशानी

नियमानुसार नगर परिषद की कॉलोनियां वैध होने के साथ ही जन स्वास्थ्य विभाग को सेटेलाइट लोकेशन, सत्यापित नक्शा, खसरा नंबर किलो नंबर आदि की डिटेल रिपोर्ट उपलब्ध करवा दी जाती। इसके साथ ही जिन जिन गलियों में नगर परिषद सड़क निर्माण को लेकर परियोजना बनाता है, उसकी डिटेल रिपोर्ट जन स्वास्थ्य विभाग को दी जाती है, ताकि पेयजल व सीवरेज लाइन बिछाने की परियोजना भी शुरू की जाए। दोनों विभागों की आपसी खींचतान के चलते ऐसा संभव नहीं हो पाता।

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कोट्स

हमारे पास कॉलोनियों में सीवरेज व पेयजल लाइन बिछाने की मांग आती है, तो नगर परिषद को भेज देते हैं। वहां से सत्यापित होने व डिटेल रिपोर्ट आने के बाद ही परियोजना बनाने का कार्य करते हैं। शहर में वैध हिस्से के साथ साथ अवैध कॉलोनियां भी बसी हुई है। इनमें लाइन बिछाती है तो लाइनों पर लोड बढ़ेगा। जिससे आमजन को परेशानी होगी। - दीपक कुमार, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग




जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से मांगी गई जानकारी समय रहते हुए उन्हें उपलब्ध करवा दी जाती है। वैध काॅलोनियों की पूर्ण जानकारी विभाग को उपलब्ध करवा दी जाएगी, ताकि भविष्य में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। - अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद
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