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अगर कोई नशा छोड़ना चाहता है तो हमारे पास आए, हम उसका इलाज करवाएंगे : डीएसपी
Sun, 07 Jul 2024 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 07 Jul 2024 11:04 PM IST
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गांव बड़ागुढ़ा में ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए डीएसपी।
बडागुढ़ा। पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए गए नशा मुक्ति अभियान के तहत गांव बडागुढ़ा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डीएसपी राकेश मलिक ने विशेष रूप से शिरकत कर लोगों को जागरूक किया। इस अवसर पर विभिन्न गांवों के सरपंच व काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि सिरसा जिला नशे से सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां से नशा बड़ी मात्रा में सप्लाई होता है। ऐेसे में पुलिस ने सख्ती बरतने के अलावा नशा मुक्ति जागरूकता अभियान भी चला रखा है। जिसके तहत क्षेत्र के ढाबां, नेजाडेला खुर्द, शेखूपुरिया, फतेहपुरिया नियामत खां, कर्मगढ़ व झिड़ी सहित 6 गांवों को ड्रग फ्री किया जा चुका है।
इस अभियान के सार्थक परिणाम सामने आए हैं। पुलिस की ओर से 4 टीमें बनाई गई हैं जो खेल के रूप में युवाओं को जागरूक कर नशा से दूर रहने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि गांव का हर बच्चा पढ़ाई व खेलों की ओर ध्यान दें न कि नशे की ओर। गांव को नशे से दूर रखना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। जो युवा नशे के आदी हो गए हैं उन्हें हमें नशेड़ी नहीं कहना, जिस तरह से सभी गंभीर बीमारियों का इलाज है उस तरह नशे का भी इलाज है। सबसे जो जरूरी बात है वह नशा करने वाले व्यक्ति को सांत्वना देने की है।
डीएसपी ने आह्वान किया कि अगर कोई नशे से ग्रस्त व्यक्ति नशा छोड़ना चाहता है तो वह हमारे पास आए हम उनका इलाज करवाएंगे। वहीं उन्होंने मेडिकल नशे बारे भी कहा कि बहुत सी ऐसी दवाइयां हैं जो एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत नहीं आती, लेकिन पुलिस ने अपने तौर पर प्रयास कर उन पर पाबंदी लगाने की पहल की है। उन्होंने सभी से अपील की कि नशे के खिलाफ हमें इस अभियान को जन आंदोलन बनाना होगा।
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इस अभियान के सार्थक परिणाम सामने आए हैं। पुलिस की ओर से 4 टीमें बनाई गई हैं जो खेल के रूप में युवाओं को जागरूक कर नशा से दूर रहने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि गांव का हर बच्चा पढ़ाई व खेलों की ओर ध्यान दें न कि नशे की ओर। गांव को नशे से दूर रखना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। जो युवा नशे के आदी हो गए हैं उन्हें हमें नशेड़ी नहीं कहना, जिस तरह से सभी गंभीर बीमारियों का इलाज है उस तरह नशे का भी इलाज है। सबसे जो जरूरी बात है वह नशा करने वाले व्यक्ति को सांत्वना देने की है।
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डीएसपी ने आह्वान किया कि अगर कोई नशे से ग्रस्त व्यक्ति नशा छोड़ना चाहता है तो वह हमारे पास आए हम उनका इलाज करवाएंगे। वहीं उन्होंने मेडिकल नशे बारे भी कहा कि बहुत सी ऐसी दवाइयां हैं जो एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत नहीं आती, लेकिन पुलिस ने अपने तौर पर प्रयास कर उन पर पाबंदी लगाने की पहल की है। उन्होंने सभी से अपील की कि नशे के खिलाफ हमें इस अभियान को जन आंदोलन बनाना होगा।
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