{"_id":"6769af4eb40774544a0a2544","slug":"hunters-hunted-black-deer-in-village-jandwala-bishnoiya-sirsa-news-c-128-1-svns1027-130441-2024-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: गांव जंडवाला बिश्नोईया में शिकारियों ने किया काले हिरण का शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: गांव जंडवाला बिश्नोईया में शिकारियों ने किया काले हिरण का शिकार
Tue, 24 Dec 2024 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 24 Dec 2024 12:13 AM IST
विज्ञापन
मारा गया काला हिरण।
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव जंडवाला बिश्नोईया में रविवार रात शिकारियों ने काले हिरण का शिकार कर सनसनी फैला दी। गांव गंगा निवासी जीव रक्षा टीम के चन्द्रमोहन बिश्नोई के बयानों के आधार पर पुलिस ने अज्ञात में केस दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि शिकारियों के बारे में जानकारियां जुटाई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि गांव जंडवाला बिश्नाईयां के आसा खेड़ा रोड के पास देशकमल नंबरदार के खेतों में शिकारियों ने एक काले हिरण को मार डाला है। हिरण के मारे जाने की खबर आसपास के गांवों में फैल गई। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो काले हिरण के पेट का सारा हिस्सा कटा हुआ था और अन्य अंग भी गायब थे। मौके पर ही गांव गंगा से पशु चिकित्सक को बुलाया गया और पोस्टमार्टम करवाया गया। पुलिस ने इस संबंध में वाइल्ड लाइफ अधिकारी रिछपाल सिंह से भी जानकारी जुटाई है।
20 दिन पहले भी गांव गिदड़ खेडा में वन्य जीवों की हुई थी हत्या
जानकारी के अनुसार गांव गिदड़खेडा के अंदर भी नीलगाय और गो हत्या हुई थी। इस मामले में ग्रामीणों ने धरना दिया था। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान के दो लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार करने के उपरांत उन्हें जेल भेज दिया गया था।
विज्ञापन
काले हिरण के शिकार से बिश्नोई समाज में गुस्सा
जिले में पहली बार काले हिरण का शिकार होने से बिश्नोई समाज में गुस्सा है। जंडवाला बिश्नोइयां गांव के आसपास की घटना होने से बिश्नोई समुदाय में जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी फैल गई है। काले हिरण की शिकार की सूचना मिलने पर जीव रक्षा बिश्नोई समाज के लोग और आसपास के ग्रामीण जमा हो गए। जीव रक्षा संस्था के चंद्रमोहन बिश्नोई ने बताया कि काले हिरण की रविवार रात को मारे जाने की सूचना मिली थी। पोस्टमार्टम करवाने पर पता लगा है कि गोली मारने के साथ किसी तेजधार हथियार का प्रयोग काले हिरण को मरने के लिए किया गया है। मुंह के हिस्से को छोड़कर अन्य हिस्सा शिकारी ले गए हैं, जो शक के दायरे में आता है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जीव हत्या करने वाले ग्रुप के दो ही लोग पकड़े गए थे। छह लोग अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। कोई न कोई समाज को भड़काने का काम कर रहा है। जीव हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जीव हत्या पर गांव जंड़वाला के बिश्नोई समाज के लोगों ने विरोध जताया। सभी ने प्रशासन से मांग की कि जीव हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
सिरसा। गांव जंडवाला बिश्नोईया में रविवार रात शिकारियों ने काले हिरण का शिकार कर सनसनी फैला दी। गांव गंगा निवासी जीव रक्षा टीम के चन्द्रमोहन बिश्नोई के बयानों के आधार पर पुलिस ने अज्ञात में केस दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि शिकारियों के बारे में जानकारियां जुटाई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि गांव जंडवाला बिश्नाईयां के आसा खेड़ा रोड के पास देशकमल नंबरदार के खेतों में शिकारियों ने एक काले हिरण को मार डाला है। हिरण के मारे जाने की खबर आसपास के गांवों में फैल गई। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो काले हिरण के पेट का सारा हिस्सा कटा हुआ था और अन्य अंग भी गायब थे। मौके पर ही गांव गंगा से पशु चिकित्सक को बुलाया गया और पोस्टमार्टम करवाया गया। पुलिस ने इस संबंध में वाइल्ड लाइफ अधिकारी रिछपाल सिंह से भी जानकारी जुटाई है।
विज्ञापन
20 दिन पहले भी गांव गिदड़ खेडा में वन्य जीवों की हुई थी हत्या
जानकारी के अनुसार गांव गिदड़खेडा के अंदर भी नीलगाय और गो हत्या हुई थी। इस मामले में ग्रामीणों ने धरना दिया था। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान के दो लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार करने के उपरांत उन्हें जेल भेज दिया गया था।
विज्ञापन
काले हिरण के शिकार से बिश्नोई समाज में गुस्सा
जिले में पहली बार काले हिरण का शिकार होने से बिश्नोई समाज में गुस्सा है। जंडवाला बिश्नोइयां गांव के आसपास की घटना होने से बिश्नोई समुदाय में जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी फैल गई है। काले हिरण की शिकार की सूचना मिलने पर जीव रक्षा बिश्नोई समाज के लोग और आसपास के ग्रामीण जमा हो गए। जीव रक्षा संस्था के चंद्रमोहन बिश्नोई ने बताया कि काले हिरण की रविवार रात को मारे जाने की सूचना मिली थी। पोस्टमार्टम करवाने पर पता लगा है कि गोली मारने के साथ किसी तेजधार हथियार का प्रयोग काले हिरण को मरने के लिए किया गया है। मुंह के हिस्से को छोड़कर अन्य हिस्सा शिकारी ले गए हैं, जो शक के दायरे में आता है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जीव हत्या करने वाले ग्रुप के दो ही लोग पकड़े गए थे। छह लोग अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। कोई न कोई समाज को भड़काने का काम कर रहा है। जीव हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जीव हत्या पर गांव जंड़वाला के बिश्नोई समाज के लोगों ने विरोध जताया। सभी ने प्रशासन से मांग की कि जीव हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

मारा गया काला हिरण।