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अच्छी खबर : बेटियों के प्रति बदल रही है सोच, लिंगानुपात में आठवें से सातवें स्थान पर पहुंचा सिरसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में बेटियों के प्रति लोगों की सोच बदल रही है। यही कारण है कि लिंगानुपात में जिले के अंदर काफी सुधार आ रहा है। वर्ष 2022 में जिले में एक हजार लड़कों पर 929 बेटियों ने जन्म लिया। प्रदेशभर में सिरसा जिला लिंगानुपात के मामले में आठवें से 7वें स्थान पर पहुंच गया है।
सरकार ने भ्रूण हत्या और डिलिवरी से पहले भ्रूण लिंग की जांच पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 2022 में प्रदेश का लिंगानुपात 917 पहुंच गया। वर्ष 2022 राज्य में औसतन दो लड़कियां ज्यादा पैदा हुई हैं। 2021 में 1000 लड़कों पर ये अनुपात 914 था। लिंगानुपात में प्रदेश में पहले नंबर पर फतेहाबाद है। यहां पर एक हजार लड़कों के मुकाबले 950 बेटियों ने जन्म लिया है। सबसे कम लिंगानुपात 883 रेवाड़ी जिले का रहा है।
पंजाब में किया था गिरोह का पर्दाफाश
बता दें कि जिले में गर्भ में भ्रूण लिंग जांच को लेकर गिरोह सक्रिय है। गिरोह के सदस्य यहां से गर्भवती को पंजाब, यूपी में ले जाकर गर्भ में भ्रूण लिंग जांच करवा रहे हैं। वर्ष 2022 में ही जिला के स्वास्थ्य विभाग ने पंजाब में छापे मारकर गिरोह का पर्दाफाश कर किया है।
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कन्या जन्म पर मिलती है 21 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि
सरकार ने कन्या के जन्म पर कई तरह की प्रोत्साहन स्कीम चलाई। इसको लेकर हरियाणा कन्या कोष बनाया गया। इसके अलावा एससी व गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवार में पहली बच्ची के जन्म पर 21 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके बाद इसको दूसरी लड़की के जन्म पर भी लागू किया गया। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि योजना चलाई गई।
भ्रूण में लिंग जांच रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। सूचना मिलने पर कार्रवाई भी की जाती है। इसी का परिणाम है कि जिला का लिंगानुपात सुधरा है। भविष्य में भी प्रयास रहेगा कि स्वास्थ्य विभाग अलर्ट होकर काम करता रहेगा। --- डॉ. बुधराम, डिप्टी सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल सिरसा।
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सिरसा। जिले में बेटियों के प्रति लोगों की सोच बदल रही है। यही कारण है कि लिंगानुपात में जिले के अंदर काफी सुधार आ रहा है। वर्ष 2022 में जिले में एक हजार लड़कों पर 929 बेटियों ने जन्म लिया। प्रदेशभर में सिरसा जिला लिंगानुपात के मामले में आठवें से 7वें स्थान पर पहुंच गया है।
सरकार ने भ्रूण हत्या और डिलिवरी से पहले भ्रूण लिंग की जांच पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 2022 में प्रदेश का लिंगानुपात 917 पहुंच गया। वर्ष 2022 राज्य में औसतन दो लड़कियां ज्यादा पैदा हुई हैं। 2021 में 1000 लड़कों पर ये अनुपात 914 था। लिंगानुपात में प्रदेश में पहले नंबर पर फतेहाबाद है। यहां पर एक हजार लड़कों के मुकाबले 950 बेटियों ने जन्म लिया है। सबसे कम लिंगानुपात 883 रेवाड़ी जिले का रहा है।
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पंजाब में किया था गिरोह का पर्दाफाश
बता दें कि जिले में गर्भ में भ्रूण लिंग जांच को लेकर गिरोह सक्रिय है। गिरोह के सदस्य यहां से गर्भवती को पंजाब, यूपी में ले जाकर गर्भ में भ्रूण लिंग जांच करवा रहे हैं। वर्ष 2022 में ही जिला के स्वास्थ्य विभाग ने पंजाब में छापे मारकर गिरोह का पर्दाफाश कर किया है।
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कन्या जन्म पर मिलती है 21 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि
सरकार ने कन्या के जन्म पर कई तरह की प्रोत्साहन स्कीम चलाई। इसको लेकर हरियाणा कन्या कोष बनाया गया। इसके अलावा एससी व गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवार में पहली बच्ची के जन्म पर 21 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके बाद इसको दूसरी लड़की के जन्म पर भी लागू किया गया। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि योजना चलाई गई।
भ्रूण में लिंग जांच रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। सूचना मिलने पर कार्रवाई भी की जाती है। इसी का परिणाम है कि जिला का लिंगानुपात सुधरा है। भविष्य में भी प्रयास रहेगा कि स्वास्थ्य विभाग अलर्ट होकर काम करता रहेगा। --- डॉ. बुधराम, डिप्टी सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल सिरसा।