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Sirsa News: 9 बच्चों को दिलाई बाल मजदूरी से मुक्ति, अब शिक्षा से जोड़ा जाएगा
Fri, 21 Jul 2023 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 21 Jul 2023 11:15 PM IST
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सिरसा। ऑपरेशन स्माइल के तहत शहर में बाल मजदूरी रोकने के लिए डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स कमेटी ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स कमेटी टीम में क्राइम ब्रांच, सीडब्ल्यूसी, डीसीपीयू व जिला पुलिस शामिल रही। टीम ने शहर के विभिन्न बाजारों में जाकर दुकानों की जांच की।
इस दौरान 9 बच्चे बाल मजदूरी करते हुए मिले। जिन्हें बाल श्रम से मुक्त करवाया गया। उक्त बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अनीता वर्मा ने जागरूक करते हुए उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी। अनीता वर्मा ने बताया कि बाल मजदूरी कानून अपराध है। नाबालिगों को बाल मजदूरी से मुक्ति दिलाने के लिए समय-समय पर शहर में स्पेशल ऑपरेशन चलाया जाता है। उपायुक्त के निर्देश पर ये ऑपरेशन चलाया गया और 9 नाबालिगों को बाल श्रम से मुक्ति दिलाई गई। इस दौरान डीसीपीयू से डॉ. मोनिका चौधरी, एएचटीयू से नाहम सिंह, राजेश कुमार व नरेश,चाइल्ड लाइन से सुमित व बाल कल्याण समिति की सदस्य सोनिया मित्तल व पूर्निमा मोंगा भी मौजूद रहीं।
इस दौना बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अनीता वर्मा ने दुकानदारों को चेताते हुए कहा कि दुकानदार के पास अपने यहां काम करने वाले वर्कर की आईडी होनी चाहिए और उसे उसका इतिहास भी मालूम होना चाहिए। जिस बालिग के पास कोई आईडी नहीं उसके दुकानदार काम पर न रखें। अक्सर देखने में मिलता है कि आपराधिक तत्व अपराध को अंजाम देने के बाद दूसरे शहर या राज्य में जाकर काम करने लगते हैं। दुकानदार भी बिना किसी जांच के उन्हें काम पर रख लेता है।
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यदि कोई 14 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी कार्य पर लगाता है तो ऐसा करने पर उसे 2 साल तक की कैद की सजा या जुर्माना और अधिकतम 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। बीते दिवस बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्ति दिलाने के लिए शहर में ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान 9 बच्चों को बाल श्रम से मुक्ति दिलाई गई। बच्चों व उनके परिजनों की काउंसलिंग कराई गई। साथ ही दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को काम पर न रखें। रेस्क्यू किए गए बच्चों को शिक्षा के साथ जोड़ा जाएगा और इनकों सरकार की योजनाओं का लाभ मिलेगा।-- - अनीता वर्मा, अध्यक्ष सीडब्ल्यूसी सिरसा।
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इस दौरान 9 बच्चे बाल मजदूरी करते हुए मिले। जिन्हें बाल श्रम से मुक्त करवाया गया। उक्त बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अनीता वर्मा ने जागरूक करते हुए उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी। अनीता वर्मा ने बताया कि बाल मजदूरी कानून अपराध है। नाबालिगों को बाल मजदूरी से मुक्ति दिलाने के लिए समय-समय पर शहर में स्पेशल ऑपरेशन चलाया जाता है। उपायुक्त के निर्देश पर ये ऑपरेशन चलाया गया और 9 नाबालिगों को बाल श्रम से मुक्ति दिलाई गई। इस दौरान डीसीपीयू से डॉ. मोनिका चौधरी, एएचटीयू से नाहम सिंह, राजेश कुमार व नरेश,चाइल्ड लाइन से सुमित व बाल कल्याण समिति की सदस्य सोनिया मित्तल व पूर्निमा मोंगा भी मौजूद रहीं।
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इस दौना बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अनीता वर्मा ने दुकानदारों को चेताते हुए कहा कि दुकानदार के पास अपने यहां काम करने वाले वर्कर की आईडी होनी चाहिए और उसे उसका इतिहास भी मालूम होना चाहिए। जिस बालिग के पास कोई आईडी नहीं उसके दुकानदार काम पर न रखें। अक्सर देखने में मिलता है कि आपराधिक तत्व अपराध को अंजाम देने के बाद दूसरे शहर या राज्य में जाकर काम करने लगते हैं। दुकानदार भी बिना किसी जांच के उन्हें काम पर रख लेता है।
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यदि कोई 14 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी कार्य पर लगाता है तो ऐसा करने पर उसे 2 साल तक की कैद की सजा या जुर्माना और अधिकतम 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। बीते दिवस बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्ति दिलाने के लिए शहर में ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान 9 बच्चों को बाल श्रम से मुक्ति दिलाई गई। बच्चों व उनके परिजनों की काउंसलिंग कराई गई। साथ ही दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को काम पर न रखें। रेस्क्यू किए गए बच्चों को शिक्षा के साथ जोड़ा जाएगा और इनकों सरकार की योजनाओं का लाभ मिलेगा।