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फसल बेचने के मैसेज आने का किसानों को इंतजार

Mon, 05 Oct 2020 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2020 12:00 AM IST
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Farmers wait for messages to sell crops
जिले में न्यूनतम मूल्य पर फसलों की खरीद शुरू हुए छह दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन जिले के इक्के दुक्के किसानों के पास ही अभी तक मैसेज पहुंचे हैं। इस कारण से किसान अपनी फसल को बेचने के लिए मंडी में नहीं ला पा रहे हैं।
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बता दें कि जिले में करीब 94 हजार हेक्टेयर में किसान धान की फसल बोई गई है, लेकिन अभी तक छह दिनों में एक ही किसान से केवल 50 क्विंटल फसल की खरीद हुई है। इसके अलावा जिले में करीब 3600 हेक्टेयर में बाजरा बो रखा रखा है, लेकिन अभी तक 36 क्विंटल बाजरा ही खरीदा गया है। इसके अलावा 2.10 लाख हेक्टेयर में नरमे, 47 हजार हेक्टेयर में ग्वार और बाकी बचे 47 हजार हेक्टेयर में अन्य फसलों की बुवाई कर रखी है। बता दें कि सरकार ने इन सभी फसलों को न्यूनतम मूल्य पर खरीदने के लिए किसानों के लिए पंजीकरण करवाना आवश्यक कर दिया है। उसी किसान की फसल सरकारी रेट पर खरीदी जाएगी, जिसका पंजीकरण होगा। वहीं पंजीकरण करवाने किसानों को अपनी फसल मंडी में लाने के लिए मोबाइल पर मैसेज भेजकर सूचित किया जाता है।
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12 नवंबर तक बेच सकेंगे धान व बाजरे की फसल
सरकार की तरफ से धान व बाजरे की खरीद के लिए 45 दिनों का समय निर्धारित किया गया है। इन दोनों फसलों की खरीद 29 सितंबर से शुरू हुई थी। इस हिसाब से किसान 12 नवंबर तक इन दोनों फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए मंडी में ला सकेंगे।
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कोट
मैंने 1 एकड़ में कपास की खेती की हुई है और 2 एकड़ में ग्वार व बाजरा की खेती है। मैंने अपना पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत करीब एक माह पहले करवाया था। अब मैं कपास की चुगाई मैं लगा हुआ हूं। ग्वार और बाजरे की कटाई भी शुरू कर रखी है, लेकिन अभी तक फसल बेचने के लिए कोई भी मैसेज नहीं आया है।
-किसान महावीर डारा गांव कुम्हारिया।
मैंने आठ एकड़ में कपास, नरमा, ग्वार, बाजरा व मूंग फसलों की बिजाई की हुई है। उसका पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत करवाया है। मैंने मूंग की फसल तो निकाल ली है, लेकिन मेरे पास कोई भी सूचना अभी तक नहीं आई है। अब मैं मूंग की फसल को बेचने के लिए कहां ले जाऊं मेरे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
-किसान बसंत कुमार।
मैं हिस्सेदारी पर खेती करता हूं और मैंने सात एकड़ जमीन में कपास, नरमा, ग्वार व बाजरे की फसल बोई हुई है। उनका पंजीकरण भी करवा दिया है। अभी तक मेरे पास कोई भी मैसेज नहीं आया है कि मैं अपनी फसलों को कहां और किस भाव से भेजूंगा। अभी फसल बेचने के लिए सूचना का इंतजार कर रहा हूं।
-किसान दलबीर सिंह।
मैंने अपनी फसलों का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत करीब डेढ़ माह पहले करवाया था। जिसमें कपास, नरमा व बाजरे और मूंग का पंजीकरण करवाया हुआ है। मूंग की फसल पकने के बाद मैंने कटाई करके कढ़ाई भी कर ली है, लेकिन मेरे पास कोई मैसेज नहीं आया अब मैं उस फसल को कहां पर बेचूं यह भी पता नहीं है।

-किसान मनीराम।
कोट
सरकारी खरीद का धान कम है। वहीं किसानों को ही पोर्टल से समय लेना पड़ेगा। तभी वह अपनी फसल बेच पाएगा। किसानों को सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यम से बताया जा रहा है कि वह पोर्टल से अपना समय लें।
--विकास सेतिया, मार्केट सचिव, सिरसा।
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