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किसानों ने हाईवे पर दो स्थानों पर लगाया दो घंटे जाम
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हिसार में किसानों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में सिरसा के किसानों ने रविवार शाम पांच बजे भावदीन व खुइयांमलकाना टोल प्लाजा के समीप लकड़ी, मेज तथा बाइक लगाकर हाईवे जाम कर दिया। इसके अलावा शहर में किसानों ने बाबा भूमणशाह चौक पर दरी बिछाकर दो घंटे तक धरना दिया। इस दौरान रोड से एंबुलेंस, ऑक्सीजन लेकर जा रही गाड़ी व मरीजों की गाड़ियों को निकलने दिया। एसडीएम के पहुंचने पर किसानों ने करीब दो घंटे बाद जाम हटाया।
उल्लेखनीय है कि रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल हिसार में कोविड अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चे ने उनके विरोध का आह्वान किया था। हिसार में किसानों ने मुख्यमंत्री के पहुंचने पर काले झंडे दिखाए और सरकार के विरोध में नारेबाजी की । जिसके बाद पुलिस ने किसानों पर बल प्रयोग किया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद दोनों टोल पर धरने पर बैठे किसानों ने सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए शाम पांच बजे से हाईवे जाम कर दिया। जिसकी वहज से हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। हाईवे जाम होने की सूचना मिलने के बाद आननफानन में पुलिस के जवान दोनों टोल पर पहुंचे लेकिन किसान उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुए। किसानों को समझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे पर किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। धरने के दौरान एंबुलेंस, ऑक्सीजन की गाड़ी और मरीजों की गाड़ी व इमरजेंसी वाहनों को ही आने जाने की अनुमति रही।
वहीं, बाबा भूमणशाह चौक पर किसान दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उपमुख्यमंत्री व बिजली मंत्री आवास की तरफ जाने वाली मिनी बाईपास रोड पर अवरोधक लगा दिए। धरने की सूचना मिलने पर एसडीएम जयवीर यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने कोरोना संक्रमण को हवाला देते हुए किसानों को वापस जाने के लिए अनुरोध किया। किसान नेता लखा सिंह ने कहा कि हिसार में किसानों पर लाठीचार्ज किया गया है। किसान अपने हक की बात कर रहे हैं। हालांकि शाम सात बजे किसानों ने धरना समाप्त करने का ऐलान किया। इसके बाद पुलिस ने हाईवे के यातायात को शुरू कराया।
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उल्लेखनीय है कि रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल हिसार में कोविड अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चे ने उनके विरोध का आह्वान किया था। हिसार में किसानों ने मुख्यमंत्री के पहुंचने पर काले झंडे दिखाए और सरकार के विरोध में नारेबाजी की । जिसके बाद पुलिस ने किसानों पर बल प्रयोग किया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद दोनों टोल पर धरने पर बैठे किसानों ने सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए शाम पांच बजे से हाईवे जाम कर दिया। जिसकी वहज से हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। हाईवे जाम होने की सूचना मिलने के बाद आननफानन में पुलिस के जवान दोनों टोल पर पहुंचे लेकिन किसान उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुए। किसानों को समझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे पर किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। धरने के दौरान एंबुलेंस, ऑक्सीजन की गाड़ी और मरीजों की गाड़ी व इमरजेंसी वाहनों को ही आने जाने की अनुमति रही।
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वहीं, बाबा भूमणशाह चौक पर किसान दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उपमुख्यमंत्री व बिजली मंत्री आवास की तरफ जाने वाली मिनी बाईपास रोड पर अवरोधक लगा दिए। धरने की सूचना मिलने पर एसडीएम जयवीर यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने कोरोना संक्रमण को हवाला देते हुए किसानों को वापस जाने के लिए अनुरोध किया। किसान नेता लखा सिंह ने कहा कि हिसार में किसानों पर लाठीचार्ज किया गया है। किसान अपने हक की बात कर रहे हैं। हालांकि शाम सात बजे किसानों ने धरना समाप्त करने का ऐलान किया। इसके बाद पुलिस ने हाईवे के यातायात को शुरू कराया।
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