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सुरक्षा घेरा तोड़ लघु सचिवालय कैंपस में घुसे किसान, देखती रह गई पुलिस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 12:00 AM IST
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Farmers entered the Mini Secretariat campus breaking the security cordon, the police kept watching
किसानों से बातचीत करते एसडीएम जयवीर यादव। - फोटो : Sirsa
सिरसा। लघु सचिवालय में जिला प्रशासन बैठता और यहां की सुरक्षा सबसे अहम है। लेकिन प्रदर्शनकारी किसान सुरक्षा घेरा तोड़कर मुख्य भवन के परिसर में पहुंच गए। लघु सचिवालय की सुरक्षा में दूसरी बार चूक होने के बावजूद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। डीसी को ज्ञापन सौंपने आए किसानों ने उनकी अनुपस्थिति में एसडीएम जयवीर यादव को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
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मंगलवार को किसान गुलाबी सूंडी से नरमे और बीमारी से खराब हुई धान की फसल के मुआवजे की मांग को लेकर लघु सचिवालय के समक्ष एकत्र हुए। किसानों ने दो घंटे तक वहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की ओर बाद में उपायुक्त को मांग पत्र सौंपने की जिद्द पर अड़ गए। किसानों द्वारा चेतावनी देने के बाद भी जब उपायुक्त मांग पत्र लेने के लिए नहीं पहुंचे तो वे गेट पर तैनात सीआरपीएफ और पुलिस जवानों के साथ भीड़ गए और उनके साथ धक्का मुक्की करनी शुरू कर दी। इस दौरान कुछ किसान दीवार फांदकर सचिवालय के परिसर में पहुंच गए और वहीं पर धरना दे दिया। किसानों को रोकने के लिए तैनात किया गया भारी पुलिस बल भी उनको नहीं रोक पाया। बता दें कि 29 सितंबर को भी किसान मुआवजे और धान की खरीद शुरू करने की मांग को लेकर लघु सचिवालय का सुरक्षा घेरा तोड़कर उपायुक्त कार्यालय तक पहुंच गए थे और वहां धरना दे दिया था। हालांकि इस बार किसान उपायुक्त कार्यालय तक तो नहीं पहुंच पाए, लेकिन परिसर में दाखिल होने में जरूर कामयाब हो गए।
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खराब फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर एकत्र हुए थे किसान
मंगलवार को भारतीय किसान एकता मंच के बैनर तले किसान सुबह 11 बजे लघु सचिवालय के समक्ष एकत्र हुए थे। किसान खराब हुई नरमे और धान की फसल को भी लेकर भी साथ पहुंचे थे। किसानों ने प्रशासन से स्पेशल गिरदावरी करवाने, एक एकड़ के अनुसार 50 हजार रुपये मुआवजा देने, मजदूर वर्ग को मुआवजा देने की मांग को लेकर दो घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद किसान उपायुक्त अनीश यादव को ही मांग पत्र सौंपने की जिद्द पर अड़े रहे। किसानों से मांग पत्र लेने के लिए अन्य अधिकारी पहुंचे लेकिन वे नहीं माने। किसानों ने 10 मिनट का अल्टीमेटम देकर कहा कि अगर उपायुक्त कार्यालय में नहीं है तो वह खाली कुर्सी पर मांग पत्र रखकर वापस आ जाएंगे।
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उपायुक्त के ऐलनाबाद जाने की मिली सूचना, तो भड़के किसान
दो घंटे के इंतजार के बाद भी जब उपायुक्त मांग पत्र लेने के लिए नहीं पहुंचे तो अधिकारियों ने उनके ऐलनाबाद में जाने की सूचना दी। इस पर किसान भड़क उठे। किसानों का कहना था कि अगर उपायुक्त पहले से ही बाहर है तो उन्हें पहले क्यों नहीं बताया गया। ऐसे में गुस्साएं किसान लघु सचिवालय के अंदर जाने का प्रयास करने लगे। इस दौरान पुलिस और किसानों में धक्का मुक्की हो गई। किसान काफी समय तक जोर आजमाइश करते रहे। इसी दौरान मौके पर एसडीएम पहुंचे तो दीवार पर खड़े किसान सचिवालय की तरफ कूद गए और भागकर अधिकारियों के कार्यालय में जाने लगे। ऐसे में पहले से ही पुलिस ने अधिकारियों के कार्यालय की तरफ जाने वाले मुख्य गेट को बंद कर दिया था। जिसके बाद किसानों ने भवन के सामने ही धरना दे दिया और नारेबाजी करने के बाद एसडीएम जयवीर यादव को मांग पत्र सौंप वापस लौट गए। इस मौके पर मंच प्रधान लखविंद्र सिंह औलख, मैक्स साहुवाला, गुरप्रीत सिंह गिल, राज कुमार, गुरी, गुरमीत, आशीष, सेवक सिंह आदि उपस्थित रहे।
यह रही मुख्य मांगें
नरमा, कपास, धान, मूंग, ग्वार, मूंगफली, तिल, अरंडी इत्यादि का 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। धान की खरीद पर 25 क्विंटल कैप व पोर्टल हटाया जाए, ताकि किसान अपनी मर्जी से फसल बेच पाएं। डीजल पर सब्सिडी मिलनी चाहिए। खेती संसाधनों पर जीएसटी नहीं लगनी चाहिए। पंचायती जमीन जिसके पास ठेका है, उसे मुआवजा मिलना चाहिए। किसान व मजदूर का बीमा सरकार की तरफ से हो।
किसानों ने फाड़ा भाजपा नेता के जन्मदिन का पोस्टर
भाजपा नेता गोबिंद कांडा के जन्मदिन को लेकर सब्जी मंडी में लगे पोस्टर को देखकर किसान आक्रोशित हो गए। किसानों ने सब्जी मंडी एसोसिएशन के सदस्यों को पोस्टर हटाने की बात कहीं तो एसोसिएशन के सदस्य उसे हटाने के लिए नहीं पहुंचे। इस पर किसानों ने रोष प्रदर्शन करते हुए पोस्टर को फाड़ दिया। वहीं किसानों ने उपचुनाव में भी भाजपा नेताओं के विरोध करने की बात कहीं।

रात को किसानों ने किसान चौक पर लगाया जाम
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी को गिरफ्तार करने के विरोध में किसानों देर रात को शहर में स्थित किसान चौक पर जाम लगा आवाजाही को बाधित कर दिया। किसानों द्वारा रोड जाम करने की सूचना मिलने के बाद मौके पर मंत्रियों के आवास और चौक पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। इसके बाद पुलिस ने वाहनों के रूट को डायवर्ट कर दिया। रात 12 बजे के बाद किसान नेता के रिहा होने की सूचना मिलने के बाद किसानों ने जाम खोल दिया।

लघु सचिवालय की दीवार फांदने के लिए दीवार पर बैठे किसान।

लघु सचिवालय की दीवार फांदने के लिए दीवार पर बैठे किसान। - फोटो : Sirsa

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