विस उपाध्यक्ष की गाड़ी पर पथराव का मामला: सिरसा जिला प्रशासन व किसानों की वार्ता बेनतीजा, अनिश्चितकालीन धरना शुरू
- किसानों ने लघु सचिवालय की ओर जाने वाले रास्ते पर दक्ष प्रजापति चौक पर डाला पड़ाव
- एसपी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे किसानों से प्रशासन ने एक घंटे वार्ता की
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राजद्रोह समेत अन्य धाराओं में गिरफ्तार पांच किसानों की रिहाई की मांग करते हुए संयुक्त किसान मोर्चे के नेतृत्व में किसान शनिवार को एसपी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। किसानों को डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा की गाड़ी पर हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया था। प्रशासन के अनुरोध पर 20 सदस्यीय कमेटी ने एक घंटे तक वार्ता की। किसानों ने प्रशासन से गिरफ्तार पांचों के ही पथराव करने की फुटेज दिखाने को कहा। वहीं अफसरों ने कहा कि यदि केस में राजद्रोह की धारा गलत हो तो किसान कोर्ट जा सकते हैं। समाधान न निकलने पर वार्ता का बहिष्कार कर किसान धरनास्थल पर लौट गए।
किसानों के एसपी कार्यालय के घेराव के एलान के बाद सभी रास्ते अवरोधक लगाकर बंद कर दिए और वज्र वाहन तैनात किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर 45 ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाए गए। वहीं सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन फोर्स और आईटीबीपी की पांच कंपनियां सिरसा पहुंचीं। संयुक्त किसान मोर्चा से राकेश टिकैत, जगजीत सिंह दल्लेवाल, बलदेव सिंह सिरसा, अभिमन्यु कोहाड, विकास सीसर की अगुवाई में किसान सिरसा पहुंचे।
उम्मीद से ज्यादा भीड़ देख एसडीएम जयबीर यादव और डीएसपी कुलदीप सिंह बैनीवाल वार्ता का न्योता लेकर पहुंचे। किसानों की 20 सदस्यीय कमेटी 3:00 बजे वार्ता के लिए लघु सचिवालय पहुंची। प्रशासन की ओर से उपायुक्त अनीश यादव, एसपी अर्पित जैन, एडीसी उत्तम सिंह, एसडीएम जयबीर यादव शामिल हुए।
एक घंटे बाद भी समाधान न निकलने पर किसानों ने बैठक की और फैसला किया कि जब तक पांचों किसानों को रिहा नहीं किया जाता तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। इसके बाद किसानों ने लघु सचिवालय की ओर जाने वाले रास्ते पर दक्ष प्रजापति चौक पर पड़ाव डाल दिया।
किसानों के प्रश्न, प्रशासन के जवाब
- राकेश टिकैत : पांच किसानों को क्यों गिरफ्तार किया गया?
- एसपी जैन : पांचों के खिलाफ राजद्रोह का मामला है। पांचों पर डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर पथराव करने का आरोप है।
- किसान नेता : डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर पथराव होने पर क्या राजद्रोह का मुकदमा बन जाता है? आपके पास सुबूत क्या है, कि इन्हीं पांच किसानों ने पथराव किया। आपने राजद्रोह का मुकदमा प्रहलाद सिंह भारूखेडा के खिलाफ दर्ज किया था, जो आपके सामने बैठे हैं। पांचों को क्यों गिरफ्तार किया?
- प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पर किसानों को घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज दिखाए।
- किसान नेता : फुटेज में डिप्टी स्पीकर की गाड़ी का पीछे से टूटा शीशा दिख रहा है लेकिन पांचों किसान कहीं भी पत्थर फेंकते नहीं दिख रहे हैं। हमें वो वीडियो दिखाओ। यदि आपके पास फुटेज नहीं है तो फिर ये दावा कैसे किया गया।
- किसान नेताओं ने राजद्रोह का मुकदमा रद्द करने और गिरफ्तार पांचों किसानों की रिहाई की मांग की।
- प्रशासन ने किसानों की इस मांग को मानने से इनकार कर दिया। साथ ही बीच का रास्ता निकालते हुए एसआईटी बनाने की बात कही। किसानों के इससे इनकार के बाद अफसरों ने कहा कि यदि किसानों को लगता है कि राजद्रोह की धारा गलत लगाई गई है तो वे कोर्ट जाएं। कोर्ट जो फैसला देगा वो मान्य होगा।
- किसान नेताओं ने कहा राजद्रोह की धारा रद्द करें। प्रशासन ने उच्च अधिकारियों से सलाह मशविरा करने का समय मांगा और किसानों को कुछ समय अलग बैठ कर फैसला करने का समय भी दिया।