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कर्मचारियों का हल्ला बोल कार्यक्रम, उपायुक्त ने घेराव से 15 मिनट पहले दिया लिखित में आश्वासन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 11:54 PM IST
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Employees' attack program, Deputy Commissioner gave assurance in writing 15 minutes before the gherao
उपायुक्त कार्यालय की ओर कूच करते कर्मचारी। - फोटो : Sirsa
सिरसा। विभिन्न मांगों को लेकर सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर सभी विभागों के कर्मचारी उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मांगे पूरी न होने पर उपायुक्त आवास के घेराव की चेतावनी दी। आवास की तरफ कूच करने के 15 मिनट पहले ही उपायुक्त का लिखित में भेजा आश्वासन पत्र कर्मचारियों के पास पहुंचा। जिसके बाद कर्मचारियों और अधिकारियों में सोमवार को बैठक होगी और मांगों पर चर्चा होगी।
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सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले 30 से अधिक विभागों के कर्मचारी सुबह 10 बजे शहीद भगत सिंह स्टेडियम में एकत्र हुए । जिसके बाद कर्मचारी रोष प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए वहीं धरना दे दिया। कर्मचारियों ने 3 घंटे तक लघु सचिवालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेताओं ने 2 बजे उपायुक्त कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी, लेकिन घेराव के 15 मिनट पहले ही कर्मचारियों के पास एसडीएम जयवीर यावद और डीएसपी दल बल सहित कर्मचारियों के बीच पहुंचे और सोमवार को कर्मचारियों की कमेटी को उपायुक्त के साथ बातचीत के लिए बुलाया है। वहीं कर्मचारियों को लिखित में आश्वासन दिया जिसके बाद कर्मचारी शांत हुए और वापस शहीद भगत सिंह स्टेडियम पहुंचकर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रदर्शन समाप्त किया।
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कर्मचारी नेता राजेश भाकर ने कहा कि आंदोलन के दबाव में आकर सरकार ने एसकेएस प्रतिनिधिमंडल को 14 दिसंबर को वार्ता के लिए बुलाया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ ने की। भाकर ने बताया कि विभिन्न विभागों में आऊटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत लगे कर्मचारियों को ठेकेदारों व अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर जबरन बिना किसी नोटिस व कारण बताए नौकरी से निकाल जा रहा है, जोकि बर्दाश्त योग्य नहीं है। इस मौके पर रिटायर कर्मचारी एसोसिएशन से राजेंद्र अहलावत, अशोक पटवारी, हेमसा से त्रिलोक नागोकी, सीटू से जिला प्रधान कृपा शंकर त्रिपाठी, कानूनगो-पटवारी एसोसिएशन से लाभ सिंह, सुमित कुमार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन से जिला प्रधान सुभाष भट्टी मौजूद रहे।
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ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:
1. विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
2. पक्का न होने तक सामान काम, सामान वेतन लागू किया जाए।
3. नई पेंशन प्रणाली को रद्द कर पुरानी पेंशन नीति लागू की जाए।
4. छंटनी व बर्खास्त किए कर्मचारियों को बहाल किया जाए।
5. मिनिस्ट्रियल स्टाफ के वेतन में संशोधन कर लिपिक को पे-मैट्रिक्स लेवल 6 में 35400 वेतन दिया जाए।
6. पंजाब की तर्ज पर 65, 70, 75, 80 साल की आयु होने पर 5 से लेकर 25 प्रतिशत तक की पेंशन में बढ़ोत्तरी की जाए।
7. सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
8. एक्सग्रेसिया स्कीम में लगाई गई शर्तों को हटाया जाए।
9. ग्रुप डी से सी में प्रमोशन का कोटा 20 से बढ़ाकर, 50 प्रतिशत किया जाए।
10. मेडिक्लेम में आश्रित की मासिक आय 3500 से बढ़ाकर दस हजार रुपये की जाए।
11. महंगाई भत्ते के बकाया 18 महीने के एरियर का भुगतान किया जाए।
12. खाली पड़े पदों को नियमित भर्ती कर भरा जाए।
13. जोखिमपूर्ण कार्य करने वाले कर्मचारियों को 5 हजार रुपये प्रति महीना जोखिम भत्ता दिया जाए।

भगत सिंह स्टेडियम में इकट्ठा होते कर्मचारी।

भगत सिंह स्टेडियम में इकट्ठा होते कर्मचारी।- फोटो : Sirsa

लघु सचिवालय के समक्ष धरना देकर बैठे कर्मचारी।

लघु सचिवालय के समक्ष धरना देकर बैठे कर्मचारी।- फोटो : Sirsa

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