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बिजली के नीचे लटकते तार ने ली स्कूल बस चालक की जान
sirsa
Updated Wed, 02 Jul 2014 11:15 PM IST
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नाथूसरी चौपटा खंड के गांव चाहरवाला के पास बिजली के लटकती तार से स्कूल बस में करंट आने से एनसीएम स्कूल कागदाना के बस चालक की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की है। बस चालक की सूझबूझ से कई मासूम जाने बच गई, जिससे बड़ा हादसा होते होते बच गया। घटना की सूचना मिलते ही नेशनल चिल्ड्रन मॉडल स्कूल कागदाना में छुट्टी कर दी गई।
खडं के गांव जोगीवाला निवासी 45 वर्षीय मनीराम पुत्र श्योनारायण नेशनल चिल्ड्रन मॉडल स्कूल कागदाना में स्कूल बस में चालक था। चालक मनीराम बुधवार सुबह आठ बजे स्कूल बस को लेकर रामपुरा नवाबाद और चाहरवाला गांव के पास खेतों में बनी ढाणियों से 10-12 बच्चों और स्कूल स्टाफ के सदस्यों को लेकर खेड़ी माइनर नहर के साथ लगते रास्ते पर बस दौड़ाई तो आगे बिजली के लटकते तार दिखाई दिए। बस चालक ने सभी बच्चों को बस से नीचे उतार दिया और अकेले ही बस को तार के नीचे से निकालने की कोशिश करने लगा। इस बीचे बिजली के नीचे तक लटकती तार बस को छू गए, जिससे बस में करंट आ गया और एक स्थान पर स्पार्किंग देखकर वहां खडे़ बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आसपास खेतों में काम कर रहे काश्तकारों ने आकर आनन फानन में बिजली विभाग में फोन कर बिजली सप्लाई बंद करवाई।
बाद में चालक को सिरसा अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो कागदाना चौकी में तैनात एएसआई सतबीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस दल ने शव का पंचनामा करवाया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। एएसआई सतबीर सिंह ने बताया कि मामले में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है।
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बिजली विभाग को था हादसे इंतजार
खेड़ी माइनर के पास लगते रास्ते पर नलकूपों के लिए 11000 वोल्टेज की बिजली लाइन गुजरती है। चाहरवाला और रामपुरा नवाबाद के बीच लगभग चार किलोमीटर रास्ते में छह-सात जगहों पर तार रास्ते पर क्रॉसिंग करती हैं। जो काफी नीचे लटके हुए हैं। कई जगह तो तार की ऊंचाई जमीन से मात्र 10-12 फुट पर ही है। किसानों के बार-बार अवगत कराने के बाद भी बिजली विभाग की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। शायद बिजली विभाग किसी बड़े हादसे की फिराक में था। बुधवार को बस चालक ने अपनी जान देकर किसी बड़े हादसे को टाल दिया लेकिन बिजली विभाग अब भी नहीं चेता तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
उधर, बिजली विभाग खंड नाथूसरी चौपटा के उप मंडल अधिकारी ओमप्रकाश बिशभनोई ने कहा कि कि इन दिनों आई आंधी से खंभा टेढ़ा हो गया था, जिससे तार नीचे हो गए। अब इन तार को कसा जाएगा। पहले इन तार के नीचे लटकने कि सूचना उन्हें नहीं थी।
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खडं के गांव जोगीवाला निवासी 45 वर्षीय मनीराम पुत्र श्योनारायण नेशनल चिल्ड्रन मॉडल स्कूल कागदाना में स्कूल बस में चालक था। चालक मनीराम बुधवार सुबह आठ बजे स्कूल बस को लेकर रामपुरा नवाबाद और चाहरवाला गांव के पास खेतों में बनी ढाणियों से 10-12 बच्चों और स्कूल स्टाफ के सदस्यों को लेकर खेड़ी माइनर नहर के साथ लगते रास्ते पर बस दौड़ाई तो आगे बिजली के लटकते तार दिखाई दिए। बस चालक ने सभी बच्चों को बस से नीचे उतार दिया और अकेले ही बस को तार के नीचे से निकालने की कोशिश करने लगा। इस बीचे बिजली के नीचे तक लटकती तार बस को छू गए, जिससे बस में करंट आ गया और एक स्थान पर स्पार्किंग देखकर वहां खडे़ बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आसपास खेतों में काम कर रहे काश्तकारों ने आकर आनन फानन में बिजली विभाग में फोन कर बिजली सप्लाई बंद करवाई।
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बाद में चालक को सिरसा अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो कागदाना चौकी में तैनात एएसआई सतबीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस दल ने शव का पंचनामा करवाया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। एएसआई सतबीर सिंह ने बताया कि मामले में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है।
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बिजली विभाग को था हादसे इंतजार
खेड़ी माइनर के पास लगते रास्ते पर नलकूपों के लिए 11000 वोल्टेज की बिजली लाइन गुजरती है। चाहरवाला और रामपुरा नवाबाद के बीच लगभग चार किलोमीटर रास्ते में छह-सात जगहों पर तार रास्ते पर क्रॉसिंग करती हैं। जो काफी नीचे लटके हुए हैं। कई जगह तो तार की ऊंचाई जमीन से मात्र 10-12 फुट पर ही है। किसानों के बार-बार अवगत कराने के बाद भी बिजली विभाग की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। शायद बिजली विभाग किसी बड़े हादसे की फिराक में था। बुधवार को बस चालक ने अपनी जान देकर किसी बड़े हादसे को टाल दिया लेकिन बिजली विभाग अब भी नहीं चेता तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
उधर, बिजली विभाग खंड नाथूसरी चौपटा के उप मंडल अधिकारी ओमप्रकाश बिशभनोई ने कहा कि कि इन दिनों आई आंधी से खंभा टेढ़ा हो गया था, जिससे तार नीचे हो गए। अब इन तार को कसा जाएगा। पहले इन तार के नीचे लटकने कि सूचना उन्हें नहीं थी।