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हिंदी कमजोर होने पर शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को करवा रहा अक्षर ज्ञान
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प्रारंभिक भाषा शिक्षण कार्यक्रम के तहत कक्षा में अक्षर ज्ञान पढ़ते विद्यार्थी।
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। वर्तमान समय में अंग्रेजी भाषा प्रचलन इतना बढ़ गया है कि हिंदी भाषा का ज्ञान विद्यार्थियों में खत्म होता जा रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा 2019 में पहली से लेकर तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों का सर्वे करवाया। जिसमें पाया गया कि विद्यार्थियों की प्रारंभिक भाषा बहुत कमजोर है। जिसके चलते विभाग ने प्रारंभिक भाषा शिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। जिसके तहत विद्यार्थियों को मातृ भाषा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आज हर कोई अंग्रेजी भाषा बोलना चाहता है। लेकिन अंग्रेजी भाषा बोलने व सीखने की भागदौड़ में हिंदी भाषा का ज्ञान आज किसी को भी नहीं है। वहीं विद्यार्थियों में तो मातृ भाषा का ज्ञान बिल्कुल ही खत्म होता जा रहा है। जो एक चिंता का विषय है। शिक्षा विभाग द्वारा जिले के 7 खंडों में मातृ भाषा को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें बच्चों को हिंदी भाषा सिखाई जा रही है।
विभाग ने करवाया था सर्वे
शिक्षा विभाग द्वारा प्राइमरी कक्षा तक का सर्वे करवाया गया। जिसमें पाया गया कि बच्चों की प्रारंभिक भाषा हिंदी अत्यंत कमजोर है। वहीं सर्वे में पाया गया कि बच्चे हिंदी भाषा में ठीक से पढ़ तक नहीं पा रहे है। ऐसे विभाग ने प्रारंभिक भाषा शिक्षण कार्यक्रम के तहत बच्चों को हिंदी भाषा सीखाने का कार्य शुरू किया।
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इस प्रकार से किया गया विस्तार
2019 में मात्र सिरसा में ही यह कार्यक्रम शुरू किया गया था। जिसके तहत सिर्फ पहली कक्षा के ही विद्यार्थी जोड़े गए। जिसके बाद 2020 में 7 खंडों में कार्यक्रम शुरू किया गया। वहीं सिरसा में पहली के साथ दूसरी कक्षा के विद्यार्थी भी जोड़े गए। इसके बाद 2021 में जिले के 7 खंडों में पहली, दूसरी की कक्षा को जोड़ा और सिरसा खंड में तीसरी की कक्षा को जोड़ा गया।
वॉलंटियर स्कूल के बाद देते हैं शिक्षा
अभियान के तहत पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विभाग द्वारा वॉलंटियर नियुक्त किए गए हैं। जो बच्चों को स्कूल के बाद शिक्षा देते हैं। जिले में इस समय विभाग के 524 से अधिक वॉलंटियर बच्चों को निशुल्क प्रारंभिक भाषा का ज्ञान दे रहे हैं। वहीं इन वॉलंटियर के माध्यम से जिले के कुल 10 हजार से अधिक बच्चों को शिक्षा दी जा रही है।
जानिए मौखिक भाषा का स्तर सुधारने के लिए क्या करवाया जाता है
पहले व दूसरे दिन : कविताएं व कहानियों पर मौखिक विस्तार
तीसरे दिन : पाठ्य पुस्तक व चित्रात्मक, चित्र चार्ट का प्रयोग
चौथे व पांचवें दिन : बच्चों को सोचने व अनुभव साझा, नई रचना, सामूहिक विचार रखने के लिए प्रेरित
छठे दिन : अपने शब्दों में कहानी, अभिनय करने, नई कहानी बनाने के लिए प्रेरित
समग्र शिक्षा अभियान के तहत विद्यार्थियों की प्रारंभिक भाषा के ऊपर काम किया जा रहा है। 2019 के सर्वे के मिला था कि विद्यार्थियों की प्रारंभिक भाषा पर पकड़ कमजोर है। जिसके चलते विभाग द्वारा प्रारंभिक भाषा शिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। जिसके तहत बच्चों को हिंदी भाषा सेे जोड़ा जा रहा है। इस समय विभाग के 524 वॉलंटियर अभियान पर काम कर रहे हैं।
- शशि सचदेवा, सहायक परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान सिरसा।
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आज हर कोई अंग्रेजी भाषा बोलना चाहता है। लेकिन अंग्रेजी भाषा बोलने व सीखने की भागदौड़ में हिंदी भाषा का ज्ञान आज किसी को भी नहीं है। वहीं विद्यार्थियों में तो मातृ भाषा का ज्ञान बिल्कुल ही खत्म होता जा रहा है। जो एक चिंता का विषय है। शिक्षा विभाग द्वारा जिले के 7 खंडों में मातृ भाषा को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें बच्चों को हिंदी भाषा सिखाई जा रही है।
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विभाग ने करवाया था सर्वे
शिक्षा विभाग द्वारा प्राइमरी कक्षा तक का सर्वे करवाया गया। जिसमें पाया गया कि बच्चों की प्रारंभिक भाषा हिंदी अत्यंत कमजोर है। वहीं सर्वे में पाया गया कि बच्चे हिंदी भाषा में ठीक से पढ़ तक नहीं पा रहे है। ऐसे विभाग ने प्रारंभिक भाषा शिक्षण कार्यक्रम के तहत बच्चों को हिंदी भाषा सीखाने का कार्य शुरू किया।
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इस प्रकार से किया गया विस्तार
2019 में मात्र सिरसा में ही यह कार्यक्रम शुरू किया गया था। जिसके तहत सिर्फ पहली कक्षा के ही विद्यार्थी जोड़े गए। जिसके बाद 2020 में 7 खंडों में कार्यक्रम शुरू किया गया। वहीं सिरसा में पहली के साथ दूसरी कक्षा के विद्यार्थी भी जोड़े गए। इसके बाद 2021 में जिले के 7 खंडों में पहली, दूसरी की कक्षा को जोड़ा और सिरसा खंड में तीसरी की कक्षा को जोड़ा गया।
वॉलंटियर स्कूल के बाद देते हैं शिक्षा
अभियान के तहत पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विभाग द्वारा वॉलंटियर नियुक्त किए गए हैं। जो बच्चों को स्कूल के बाद शिक्षा देते हैं। जिले में इस समय विभाग के 524 से अधिक वॉलंटियर बच्चों को निशुल्क प्रारंभिक भाषा का ज्ञान दे रहे हैं। वहीं इन वॉलंटियर के माध्यम से जिले के कुल 10 हजार से अधिक बच्चों को शिक्षा दी जा रही है।
जानिए मौखिक भाषा का स्तर सुधारने के लिए क्या करवाया जाता है
पहले व दूसरे दिन : कविताएं व कहानियों पर मौखिक विस्तार
तीसरे दिन : पाठ्य पुस्तक व चित्रात्मक, चित्र चार्ट का प्रयोग
चौथे व पांचवें दिन : बच्चों को सोचने व अनुभव साझा, नई रचना, सामूहिक विचार रखने के लिए प्रेरित
छठे दिन : अपने शब्दों में कहानी, अभिनय करने, नई कहानी बनाने के लिए प्रेरित
समग्र शिक्षा अभियान के तहत विद्यार्थियों की प्रारंभिक भाषा के ऊपर काम किया जा रहा है। 2019 के सर्वे के मिला था कि विद्यार्थियों की प्रारंभिक भाषा पर पकड़ कमजोर है। जिसके चलते विभाग द्वारा प्रारंभिक भाषा शिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। जिसके तहत बच्चों को हिंदी भाषा सेे जोड़ा जा रहा है। इस समय विभाग के 524 वॉलंटियर अभियान पर काम कर रहे हैं।
- शशि सचदेवा, सहायक परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान सिरसा।