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धरती हिलते ही सड़कों पर आया सिरसा
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2015 02:01 AM IST
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दो बजकर 43 मिनट पर धरती में हुई हलचल ने सरसाई नगरी
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को हिलाकर रख दिया। घरों, दुकानों, सरकारी और निजी कार्यालयों से लोग एकदम
से बाहर की तरफ भागे।
चंद मिनट में ही पूरा शहर सड़कों या खुले में आ खड़ा हुआ। हर शख्स अपने परिचितों या दोस्तों को मोबाइल से फोन कर इमारतों से बाहर निकलने का सुझाव देता दिखाई दिया।
भूकंप के तेज झटकों से सिरसावासी काफी भयभीत हो गए थे। करीब आधा घंटा खुले आसमान के नीचे बिताने के बाद लोगों को लगा कि अब फिर से भूकंप नहीं आएगा तब जाकर घरों ओर कार्यालयों में लौटे।
हालांकि इस भूकंप के झटके झेलने के बाद सिरसा में जान व माल की हानि नहीं हुई। सोमवार दोपहर ढाई बजे तक सिरसा में सबकुछ शांत था।
बाजारों में त्योहारों के मद्देनजर अच्छी रौनक थी और घरों में महिलाएं व बच्चे लंच करके बैठे थे। सरकारी कार्यालयों और न्यायालयों के कर्मचारी लंच करने के बाद कामकाज शुरू ही किया था कि दो बजकर 43 मिनट पर पैरों तले धरती के हिलने का अहसास हुआ।
इमारतों में टेबल, कुर्सी, पंखे , खिड़कियां हिलनी शुरू हो गईं। हर कोई जोर-जोर से भूचाल-भूचाल बोलकर बाहर की तरफ भागने लगा।
मौत का ऐसा खौफ कि हर शख्स दूसरे से पहले खुले में जाने को आतुर नजर आ रहा था। घरों में महिलाएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर गलियों में आकर खड़ी हुईं। सड़कों पर खड़ा प्रत्येक शख्स चाहे आम हो या खास भगवान का नाम ले रहा था।
कप्तान को अहसास नहीं हुआ , कर्मचारी खुले में आ गए
जब भूकंप आया तब जिला पुलिस कप्तान अश्विन शैणवी अपने कक्ष में फरियादियों से बातचीत कर रहे थे। उन्हें भूकंप की सूचना उप पुलिस अधीक्षक जगदीश काजला ने दी। पुलिस अधीक्षक ने डीएसपी काजला से कहा कि उन्हें तो अहसास तक नहीं हुआ। डीएसपी बोले सर घड़ी की तरफ देखिए हिल रही है। एसपी और डीएसपी भूकंप के बाद भी भयभीत नहीं हुए और लोगों की फरियाद सुनने मेंव्यस्त रहे। इसके विपरित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी एहतियातन इमारत से बाहर खुले में चले गए। कुछ देर बाहर रहने के बाद फिर कामकाज में जुट गए।
काफी देर तक बाधित रहा कामकाज
धरती हिलने के साथ ही सचिवालय में स्थापित हर सरकारी कार्यालय से कर्मचारी बाहर आ गए थे। इसके बाद अधिकांश कर्मचारी इमारत में फिर नहीं गए। काफी देर तक बाहर ही रहे जिससे सरकारी कामकाज बाधित रहा। बैंकों में भी इसी प्रकार की स्थिति रही। सभी चर्चा रहे थे कि भूकंप के झटके ठहर-ठहर के आते रहते हैं।
बेड हिलाते देखा और पड़ोसियों की आवाज सुनकर भागे
मैं,मेरी मां प्रेम देवी, बेटा सचिन और पत्नी लक्ष्मी घर में थे। सभी टीवी देख रहे थे कि एक दम से बेड हिलता दिखाई दिया। इतने में पड़ोसियों की आवाज आई कि भूकंप आ गया जल्दी घर से बाहर निकलो। इसके बाद पूरा परिवार बाहर की तरफ भागा।
गोबिंद लाल, निवासी गली मस्जिद वाली, भादरा बाजार
झूमर हिलते देखा तो पता चला
मैं अपने भाई सुमित कुमार व मां सरोज रानी कमरे में थे। अचानक छत पर लगा झूमर हिलने लगा और बंद पड़ा पंखे की तरफ देखा तो वह भी हिलता नजर आया। इसके बाद अहसास हुआ कि भूकंप आया है। यह देख सभी भयभीत होकर घर से बाहर आ गए।
अमित कुमार, निवासी प्रीत नगर, सिरसा।
भूकंप के झटके से सहमे लोग
गोरीवाला। उपतहसील गोरीवाला के गांवों में सोमवार को दोपहर करीब 2:45 बजे अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान लोगों को काफी देर तक यह समझ में ही नहीं आया कि हो क्या रहा है और घरों व दुकानों में रखे सामान के साथ-साथ लोग खुद भी हिलने लगे। ग्रामीण हरीश मेहता, संदीप बिरट, अमरजीत, पवन कुमार, जसवंत व कालुराम ने बताया कि दोपहर को वे अपने-अपने कामों में लगे हुए थे और उसी दौरान अचानक धरती हिलने लगी, जिसे देख सभी अचंभित रह गए। वहीं गलियों व मोहल्लों में अफरा-तफरी सी मच गई तथा लोग घरों से निकलकर कुछ देर के लिए बाहर एकत्रित हो गए और काफी देर तक भूकंप के डर से लोग अपने बच्चों के साथ घरों के बाहर ही बैठे दिखाई दिए।
दुकान छोडकर भागे
रोड़ी। कस्बा रोड़ी में दो बजकर 43 मिनट पर भूकंप के झटके लगे। मेन बाजार में बैठे दुकानदार अचानक धरती पर के नीचे से हुई हलचल के कारण दुकानों से बाहर दौड़ पड़े तथा दुकानों में बैठे ग्राहक कुछ समझ पाते लगातार तीन जोरदार झटके महसूस किए गए।
ग्लूकोज की बोतल हाथ में लेकर दौड़े मरीज
कालांवाली। मंडी में सोमवार दोपहर करीब दो बजकर 44 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटकों के कारण लोग घबरा कर अपने घरों व दुकानों से बाहर आ गए। ये झटके कुछ सेकेंड तक महसूस किए गए। झटकों के कारण बेंचों पर पड़ा सामान, कुर्सियां आदि हिलने लगी जिस पर लोगों को भूकंप का अहसास हुआ और वह अपने घरों और दुकानों के बाहर सड़कों पर आ गए और अपने-अपने परिचितों से फोन कर उनकी कुशलक्षेम पूछते नजर आए। ाूकंप के कारण बैंकों व अन्य कार्यालयों में करीब 15 मिनट तक कार्य प्रावित हुआ। डॉक्टर मार्केट में स्थिति उस समय ज्यादा गंाीर बन गई जब पहले से ही परेशान मरीज ाूकंप के चलते ग्लूकोज की बोतलें लिए अस्पतालों से बाहर निकल आए
रानियां में भूकंप के झटके
रानियां। भूकंप के तेज झटकों से लोगों का दिल दहल गया। भूकंप के झटके लगते ही लोग अपना काम धंधा छोड़ घरों व दुकानों से बाहर आ गए। सोमवार दोपहर करीब 2:42 मिनट पर भूकंप के एक के बाद एक दो झटके लगे। भूकंप के लगे तेज झटकों के कारण धरती हिलने से काम में व्यस्थ सभी लोग अपनी दुकान व घरों से बाहर निकल आए। अचानक हिली धरती को देख बच्चे, बूढ़े व जवान तमाम लोगों के दिल दहल गए। अचानक यह क्या हुआ शब्द प्रत्येक व्यक्ति की जुबान पर नजर आया। रानियां क्षेत्र में किसी प्रकार के जानी माली नुकसान का समाचार नहीं है। एक के बाद एक भूकंप के दो झटक लगने के बाद से ही लोग सहमे हुए हैं कि कहीं झटके दोबारा न आएं।
अपने आप बजने लगी मंदिर की घंटियां
नाथूसरी चौपटा। चौपटा क्षेत्र में सोमवार दोपहर को भूकंप के झटके लगे। जिसको लेकर चौपटा में दुकानदार दुकानों से बाहर निकाल आए। भूकंप से मंदिरों की घंटी अपने आप बजने लगी। इसके बाद सभी एक दूसरे से भूकंप आने की कहने लगे। इसके बाद अपने परिजनों को भूकंप की सूचना मोबाइल पर देते नजर आए।
बज उठी खिड़कियां
ओढ़ां। सोमवार की दोपहर दो बजकर 40-45 मिनट पर ओढ़ां क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। देखते ही देखते लोग घरों, दतरों व दुकानों से बाहर निकल आए और आप बीती सुनने लगे। ओढ़ां निवासी कालूराम ने बताया कि ाड़े खड़े अचानक उसे लगा कि वो चक्कर आने के कारण अपना संतुलन खो रहा है और गिरने को है तो वो अपना सिर पकड़कर नीचे बैठ गया। महावीर सिंह के अनुसार उसने धरती को हिलते हुए स्पष्ट रूप से महसूस किया तथा ाूकंप का याल आते ही घर से बाहर की ओर भागा। हालांकि कहीं से नुकसान का समाचार नहीं मिला।
चंद मिनट में ही पूरा शहर सड़कों या खुले में आ खड़ा हुआ। हर शख्स अपने परिचितों या दोस्तों को मोबाइल से फोन कर इमारतों से बाहर निकलने का सुझाव देता दिखाई दिया।
भूकंप के तेज झटकों से सिरसावासी काफी भयभीत हो गए थे। करीब आधा घंटा खुले आसमान के नीचे बिताने के बाद लोगों को लगा कि अब फिर से भूकंप नहीं आएगा तब जाकर घरों ओर कार्यालयों में लौटे।
हालांकि इस भूकंप के झटके झेलने के बाद सिरसा में जान व माल की हानि नहीं हुई। सोमवार दोपहर ढाई बजे तक सिरसा में सबकुछ शांत था।
बाजारों में त्योहारों के मद्देनजर अच्छी रौनक थी और घरों में महिलाएं व बच्चे लंच करके बैठे थे। सरकारी कार्यालयों और न्यायालयों के कर्मचारी लंच करने के बाद कामकाज शुरू ही किया था कि दो बजकर 43 मिनट पर पैरों तले धरती के हिलने का अहसास हुआ।
इमारतों में टेबल, कुर्सी, पंखे , खिड़कियां हिलनी शुरू हो गईं। हर कोई जोर-जोर से भूचाल-भूचाल बोलकर बाहर की तरफ भागने लगा।
मौत का ऐसा खौफ कि हर शख्स दूसरे से पहले खुले में जाने को आतुर नजर आ रहा था। घरों में महिलाएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर गलियों में आकर खड़ी हुईं। सड़कों पर खड़ा प्रत्येक शख्स चाहे आम हो या खास भगवान का नाम ले रहा था।
कप्तान को अहसास नहीं हुआ , कर्मचारी खुले में आ गए
जब भूकंप आया तब जिला पुलिस कप्तान अश्विन शैणवी अपने कक्ष में फरियादियों से बातचीत कर रहे थे। उन्हें भूकंप की सूचना उप पुलिस अधीक्षक जगदीश काजला ने दी। पुलिस अधीक्षक ने डीएसपी काजला से कहा कि उन्हें तो अहसास तक नहीं हुआ। डीएसपी बोले सर घड़ी की तरफ देखिए हिल रही है। एसपी और डीएसपी भूकंप के बाद भी भयभीत नहीं हुए और लोगों की फरियाद सुनने मेंव्यस्त रहे। इसके विपरित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी एहतियातन इमारत से बाहर खुले में चले गए। कुछ देर बाहर रहने के बाद फिर कामकाज में जुट गए।
काफी देर तक बाधित रहा कामकाज
धरती हिलने के साथ ही सचिवालय में स्थापित हर सरकारी कार्यालय से कर्मचारी बाहर आ गए थे। इसके बाद अधिकांश कर्मचारी इमारत में फिर नहीं गए। काफी देर तक बाहर ही रहे जिससे सरकारी कामकाज बाधित रहा। बैंकों में भी इसी प्रकार की स्थिति रही। सभी चर्चा रहे थे कि भूकंप के झटके ठहर-ठहर के आते रहते हैं।
बेड हिलाते देखा और पड़ोसियों की आवाज सुनकर भागे
मैं,मेरी मां प्रेम देवी, बेटा सचिन और पत्नी लक्ष्मी घर में थे। सभी टीवी देख रहे थे कि एक दम से बेड हिलता दिखाई दिया। इतने में पड़ोसियों की आवाज आई कि भूकंप आ गया जल्दी घर से बाहर निकलो। इसके बाद पूरा परिवार बाहर की तरफ भागा।
गोबिंद लाल, निवासी गली मस्जिद वाली, भादरा बाजार
झूमर हिलते देखा तो पता चला
मैं अपने भाई सुमित कुमार व मां सरोज रानी कमरे में थे। अचानक छत पर लगा झूमर हिलने लगा और बंद पड़ा पंखे की तरफ देखा तो वह भी हिलता नजर आया। इसके बाद अहसास हुआ कि भूकंप आया है। यह देख सभी भयभीत होकर घर से बाहर आ गए।
अमित कुमार, निवासी प्रीत नगर, सिरसा।
भूकंप के झटके से सहमे लोग
गोरीवाला। उपतहसील गोरीवाला के गांवों में सोमवार को दोपहर करीब 2:45 बजे अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान लोगों को काफी देर तक यह समझ में ही नहीं आया कि हो क्या रहा है और घरों व दुकानों में रखे सामान के साथ-साथ लोग खुद भी हिलने लगे। ग्रामीण हरीश मेहता, संदीप बिरट, अमरजीत, पवन कुमार, जसवंत व कालुराम ने बताया कि दोपहर को वे अपने-अपने कामों में लगे हुए थे और उसी दौरान अचानक धरती हिलने लगी, जिसे देख सभी अचंभित रह गए। वहीं गलियों व मोहल्लों में अफरा-तफरी सी मच गई तथा लोग घरों से निकलकर कुछ देर के लिए बाहर एकत्रित हो गए और काफी देर तक भूकंप के डर से लोग अपने बच्चों के साथ घरों के बाहर ही बैठे दिखाई दिए।
दुकान छोडकर भागे
रोड़ी। कस्बा रोड़ी में दो बजकर 43 मिनट पर भूकंप के झटके लगे। मेन बाजार में बैठे दुकानदार अचानक धरती पर के नीचे से हुई हलचल के कारण दुकानों से बाहर दौड़ पड़े तथा दुकानों में बैठे ग्राहक कुछ समझ पाते लगातार तीन जोरदार झटके महसूस किए गए।
ग्लूकोज की बोतल हाथ में लेकर दौड़े मरीज
कालांवाली। मंडी में सोमवार दोपहर करीब दो बजकर 44 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटकों के कारण लोग घबरा कर अपने घरों व दुकानों से बाहर आ गए। ये झटके कुछ सेकेंड तक महसूस किए गए। झटकों के कारण बेंचों पर पड़ा सामान, कुर्सियां आदि हिलने लगी जिस पर लोगों को भूकंप का अहसास हुआ और वह अपने घरों और दुकानों के बाहर सड़कों पर आ गए और अपने-अपने परिचितों से फोन कर उनकी कुशलक्षेम पूछते नजर आए। ाूकंप के कारण बैंकों व अन्य कार्यालयों में करीब 15 मिनट तक कार्य प्रावित हुआ। डॉक्टर मार्केट में स्थिति उस समय ज्यादा गंाीर बन गई जब पहले से ही परेशान मरीज ाूकंप के चलते ग्लूकोज की बोतलें लिए अस्पतालों से बाहर निकल आए
रानियां में भूकंप के झटके
रानियां। भूकंप के तेज झटकों से लोगों का दिल दहल गया। भूकंप के झटके लगते ही लोग अपना काम धंधा छोड़ घरों व दुकानों से बाहर आ गए। सोमवार दोपहर करीब 2:42 मिनट पर भूकंप के एक के बाद एक दो झटके लगे। भूकंप के लगे तेज झटकों के कारण धरती हिलने से काम में व्यस्थ सभी लोग अपनी दुकान व घरों से बाहर निकल आए। अचानक हिली धरती को देख बच्चे, बूढ़े व जवान तमाम लोगों के दिल दहल गए। अचानक यह क्या हुआ शब्द प्रत्येक व्यक्ति की जुबान पर नजर आया। रानियां क्षेत्र में किसी प्रकार के जानी माली नुकसान का समाचार नहीं है। एक के बाद एक भूकंप के दो झटक लगने के बाद से ही लोग सहमे हुए हैं कि कहीं झटके दोबारा न आएं।
अपने आप बजने लगी मंदिर की घंटियां
नाथूसरी चौपटा। चौपटा क्षेत्र में सोमवार दोपहर को भूकंप के झटके लगे। जिसको लेकर चौपटा में दुकानदार दुकानों से बाहर निकाल आए। भूकंप से मंदिरों की घंटी अपने आप बजने लगी। इसके बाद सभी एक दूसरे से भूकंप आने की कहने लगे। इसके बाद अपने परिजनों को भूकंप की सूचना मोबाइल पर देते नजर आए।
बज उठी खिड़कियां
ओढ़ां। सोमवार की दोपहर दो बजकर 40-45 मिनट पर ओढ़ां क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। देखते ही देखते लोग घरों, दतरों व दुकानों से बाहर निकल आए और आप बीती सुनने लगे। ओढ़ां निवासी कालूराम ने बताया कि ाड़े खड़े अचानक उसे लगा कि वो चक्कर आने के कारण अपना संतुलन खो रहा है और गिरने को है तो वो अपना सिर पकड़कर नीचे बैठ गया। महावीर सिंह के अनुसार उसने धरती को हिलते हुए स्पष्ट रूप से महसूस किया तथा ाूकंप का याल आते ही घर से बाहर की ओर भागा। हालांकि कहीं से नुकसान का समाचार नहीं मिला।