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Sirsa News: दूध का भुगतान न होने पर किसानों और दुग्ध समितियों ने वीटा मिल्क प्लांट पर जड़ा ताला
Fri, 04 Aug 2023 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 04 Aug 2023 10:56 PM IST
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बेगू रोड स्थित वीटा मिल्क प्लांट के सामने धरने पर बैठे किसान व दुग्ध समितियों के सदस्य
सिरसा। किसानों व सोसायटी संचालकों को दूध का भुगतान न होने से गुस्साए किसानों व सोसायटी संचालकों ने शुक्रवार को सिरसा के बेगू रोड पर स्थित वीटा के मिल्क प्लांट पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। किसानों ने करीब आधा घंटे तक ताला लगाए रखा और प्रदर्शन किया। इसके बाद प्लांट के सीईओ बिशंभर दास उनके बीच पहुंचे और उनकी बात सहकारिता मंत्री व प्लांट के एमडी से करवाई, जिसके बाद किसानों व सोसायटी संचालकों ने ताला खोल दिया।
वीटा प्लांट द्वारा सैकड़ों की संख्या में किसानों व दुग्ध समितियों का भुगतान अटका रखा है। इसी के रोष स्वरूप शुक्रवार को किसान, दुग्ध समितियों के सदस्यों व दुग्ध निदेशकों ने संयुक्त रूप से वीटा प्लांट के आगे प्रदर्शन किया और प्लांट के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। वीटा मिल्क प्लांट के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वीटा प्लांट के पास करोड़ों रुपये होने के बावजूद भी आज संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण सरकारी विभागों से राशि उपलब्ध न होना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वीटा प्लांट के पास 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि है, जबकि वीटा प्लांट का ऑर्डर मिड-डे मील व आंगनबाड़ी केंद्रों को जाता है।
विभाग नहीं दे रहे राशि
भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले काफी समय से आंगनबाड़ी केंद्रों व मिड-डे मील केंद्रों की ओर से सरकार द्वारा वीटा प्लांट को राशि जारी नहीं की गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों का 13 करोड़ व मिड-डे मील के दो करोड़ रुपये अभी भी बकाया है। वहीं, अंबाला में छह करोड़ व कुरुक्षेत्र में 24 करोड़ रुपये बकाया है, जो कुल राशि 47 करोड़ रुपये बनती है। यह राशि अटकने के कारण ही यह समस्या पैदा हुई है।
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10 दिन में भुगतान करने का प्रावधान
ग्रामीण अंचल के दूध विक्रेताओं से दुग्ध समितियाें द्वारा दूध लिया जाता है और उनको 10 दिन के अंदर भुगतान करने का प्रावधान है। पिछले कई माह से राशि सप्लायर के पास न पहुंचने के कारण दुग्ध समितियों को यह समस्या उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
400 के करीब हैं दुग्ध समितियां
ग्रामीण अंचल की दुग्ध समिति के सदस्यों ने बताया कि सिरसा में करीब 400 दुग्ध सहकारी समितियां हैं। किसान को समय पर रुपये न मिलने के कारण उन्हें दुधारू पशुओं को खल व पशु दाना लाने में दिक्कतें आड़े आ रही हैं। वहीं, ब्याज पर रुपये लेकर हमने दुधारू पशु मालिकों को दिया है। पिछले काफी समय से हम ब्याज का भुगतान कर रहे हैं।
मंत्री के आश्वासन के बाद खोला ताला
प्रदर्शन के दौरान वीटा प्लांट के सीईओ बिशंभर दास किसानों के बीच पहुंचे और उनकी सहकारिता मंत्री व प्लांट के एमडी से बातचीत करवाई। किसानों को आश्वासन दिया गया कि उनका बकाया भुगतान जल्द ही करवा दिया जाएगा। इसके बाद किसानों ने ताला खोल दिया।
किसानों व दुग्ध समितियों का कुछ बकाया भुगतान का मामला था। वीटा प्लांट का भुगतान आंगनबाड़ी केंद्रों व मिड-डे मील में अटका हुआ है, जो अगले सप्ताह आ जाएगा। इसके बाद भुगतान कर दिया जाएगा।
बिशंबर सिंह, सीईओ, वीटा प्लांट सिरसा।
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वीटा प्लांट द्वारा सैकड़ों की संख्या में किसानों व दुग्ध समितियों का भुगतान अटका रखा है। इसी के रोष स्वरूप शुक्रवार को किसान, दुग्ध समितियों के सदस्यों व दुग्ध निदेशकों ने संयुक्त रूप से वीटा प्लांट के आगे प्रदर्शन किया और प्लांट के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। वीटा मिल्क प्लांट के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वीटा प्लांट के पास करोड़ों रुपये होने के बावजूद भी आज संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण सरकारी विभागों से राशि उपलब्ध न होना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वीटा प्लांट के पास 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि है, जबकि वीटा प्लांट का ऑर्डर मिड-डे मील व आंगनबाड़ी केंद्रों को जाता है।
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विभाग नहीं दे रहे राशि
भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले काफी समय से आंगनबाड़ी केंद्रों व मिड-डे मील केंद्रों की ओर से सरकार द्वारा वीटा प्लांट को राशि जारी नहीं की गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों का 13 करोड़ व मिड-डे मील के दो करोड़ रुपये अभी भी बकाया है। वहीं, अंबाला में छह करोड़ व कुरुक्षेत्र में 24 करोड़ रुपये बकाया है, जो कुल राशि 47 करोड़ रुपये बनती है। यह राशि अटकने के कारण ही यह समस्या पैदा हुई है।
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10 दिन में भुगतान करने का प्रावधान
ग्रामीण अंचल के दूध विक्रेताओं से दुग्ध समितियाें द्वारा दूध लिया जाता है और उनको 10 दिन के अंदर भुगतान करने का प्रावधान है। पिछले कई माह से राशि सप्लायर के पास न पहुंचने के कारण दुग्ध समितियों को यह समस्या उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
400 के करीब हैं दुग्ध समितियां
ग्रामीण अंचल की दुग्ध समिति के सदस्यों ने बताया कि सिरसा में करीब 400 दुग्ध सहकारी समितियां हैं। किसान को समय पर रुपये न मिलने के कारण उन्हें दुधारू पशुओं को खल व पशु दाना लाने में दिक्कतें आड़े आ रही हैं। वहीं, ब्याज पर रुपये लेकर हमने दुधारू पशु मालिकों को दिया है। पिछले काफी समय से हम ब्याज का भुगतान कर रहे हैं।
मंत्री के आश्वासन के बाद खोला ताला
प्रदर्शन के दौरान वीटा प्लांट के सीईओ बिशंभर दास किसानों के बीच पहुंचे और उनकी सहकारिता मंत्री व प्लांट के एमडी से बातचीत करवाई। किसानों को आश्वासन दिया गया कि उनका बकाया भुगतान जल्द ही करवा दिया जाएगा। इसके बाद किसानों ने ताला खोल दिया।
किसानों व दुग्ध समितियों का कुछ बकाया भुगतान का मामला था। वीटा प्लांट का भुगतान आंगनबाड़ी केंद्रों व मिड-डे मील में अटका हुआ है, जो अगले सप्ताह आ जाएगा। इसके बाद भुगतान कर दिया जाएगा।
बिशंबर सिंह, सीईओ, वीटा प्लांट सिरसा।