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Sirsa News: ठंड और धुंध के कारण शिक्षा विभाग हुआ अलर्ट, खुले में नहीं लगेंगी कक्षाएं
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सिरसा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ते बच्चे। संवाद
सिरसा। जिले में लगातार बढ़ती ठंड और घने कोहरे को देखते हुए शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को सभी स्कूलों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सर्द मौसम के दौरान बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी ने निर्देश दिए हैं कि ठंड और धुंध के दौरान सभी कक्षाएं खुले में न लगाकर कक्षा कक्षों के अंदर ही संचालित की जाएं। कक्षा कक्षों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखे जाएं, ताकि ठंडी हवा का सीधा असर बच्चों पर न पड़े। साथ ही पढ़ाई के दौरान कक्षाओं में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अक्सर यह देखा जाता है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को खुले में बैठाकर पढ़ाया जाता है, जिससे ठंड के कारण बच्चे बीमार पड़ जाते हैं और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। इस तरह की शिकायतें पहले भी विभाग तक पहुंच चुकी हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए यह विशेष आदेश जारी किए गए हैं।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं कि ठंड के मौसम में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि इस संबंध में कोई शिकायत या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि सर्द मौसम में बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे और उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
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खुले मैदान या कक्षा के बाहर नहीं होगी गतिविधि
शिक्षकों की ओर से बच्चों को खुले मैदान में बैठाकर पढ़ाई जाती है। यह पूरी तरह से बैन रहेगी। इसके अलावा मैदानों में बच्चों से कोई गतिविधि सर्दी के समय नहीं करवाई जाएगी, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को मैदान में बैठाने के बजाय बेंचों या फिर टाट पट्टी पर बैठाकर पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे ठंड से सुरक्षित रह सकें।
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नियमित रूप से खंड शिक्षा अधिकारी करेंगे निरीक्षण
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्कूल में विभागीय आदेशों की अवहेलना पाई जाती है तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सर्दियों में होती हैं इस प्रकार की घटनाएं
- सर्दी में शिक्षक बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेज देते हैं।
- सर्दी के मौसम में शेड के नीचे बच्चों को पढ़ाया जाता है।
- खुले मैदान में बिना दरी के बच्चों को पढ़ाया जाता है।
- बच्चों को गलियारे में पढ़ाया जाता है।
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हमारा प्रयास है कि सर्दी के मौसम में बच्चों को बीमार होने से बचाया जाए। सर्द हवाओं और ठंडक के कारण खुले में होने के कारण बच्चे बीमार हो जाते हैं। कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं। इसलिए यह निर्देश जारी किए गए हैं।
- डाॅ. विजय लक्ष्मी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी ने निर्देश दिए हैं कि ठंड और धुंध के दौरान सभी कक्षाएं खुले में न लगाकर कक्षा कक्षों के अंदर ही संचालित की जाएं। कक्षा कक्षों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखे जाएं, ताकि ठंडी हवा का सीधा असर बच्चों पर न पड़े। साथ ही पढ़ाई के दौरान कक्षाओं में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि अक्सर यह देखा जाता है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को खुले में बैठाकर पढ़ाया जाता है, जिससे ठंड के कारण बच्चे बीमार पड़ जाते हैं और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। इस तरह की शिकायतें पहले भी विभाग तक पहुंच चुकी हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए यह विशेष आदेश जारी किए गए हैं।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं कि ठंड के मौसम में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि इस संबंध में कोई शिकायत या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि सर्द मौसम में बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे और उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
खुले मैदान या कक्षा के बाहर नहीं होगी गतिविधि
शिक्षकों की ओर से बच्चों को खुले मैदान में बैठाकर पढ़ाई जाती है। यह पूरी तरह से बैन रहेगी। इसके अलावा मैदानों में बच्चों से कोई गतिविधि सर्दी के समय नहीं करवाई जाएगी, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को मैदान में बैठाने के बजाय बेंचों या फिर टाट पट्टी पर बैठाकर पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे ठंड से सुरक्षित रह सकें।
नियमित रूप से खंड शिक्षा अधिकारी करेंगे निरीक्षण
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्कूल में विभागीय आदेशों की अवहेलना पाई जाती है तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सर्दियों में होती हैं इस प्रकार की घटनाएं
- सर्दी में शिक्षक बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेज देते हैं।
- सर्दी के मौसम में शेड के नीचे बच्चों को पढ़ाया जाता है।
- खुले मैदान में बिना दरी के बच्चों को पढ़ाया जाता है।
- बच्चों को गलियारे में पढ़ाया जाता है।
हमारा प्रयास है कि सर्दी के मौसम में बच्चों को बीमार होने से बचाया जाए। सर्द हवाओं और ठंडक के कारण खुले में होने के कारण बच्चे बीमार हो जाते हैं। कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं। इसलिए यह निर्देश जारी किए गए हैं।
- डाॅ. विजय लक्ष्मी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।