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उठान नहीं होने पर भड़के आढ़तियों ने लगाया जाम
sirsa
Updated Tue, 22 Apr 2014 12:22 AM IST
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खरीदी गई गेहूं का उठान नहीं होने से भड़के आढ़तियों ने मंडी में जाम लगा दिया। इस दौरान आढ़तियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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बाद में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उठान का आश्वासन दिया तब जाकर जाम खुला। आढ़तियों ने आरोप लगाया कि उठान के लिए ठेकेदार के कारिंदे उनसे दस रुपये प्रति कट्टे के हिसाब से रिश्वत की मांग कर रहे हैं, जो आढ़ती रिश्वत नहीं देता, उसकी दुकान से खरीदी गई गेहूं की उठान नहीं होता, जिस कारण आढ़तियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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सोमवार सुबह उठान नहीं होने पर अनाज मंडी में आढ़तियों ने जाम लगा दिया। कबीर चौक के निकट आढ़ती नारेबाजी करने लगे। इस दौरान मंडी में आवागमन बंद हो गया। सूचना मिलने के बाद एसडीएम मनजीत सिंह, तहसीलदार ओपी बिश्नोई, डीएफएससी राम अवतार, मंडी सचिव यशपाल मेहता मौके पर पहुंचे और आढ़तियों को उठान कार्य में तेजी लाने के लिए आश्वासन दिया।
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इसके बाद आढ़तियों ने जाम खोल दिया तब जाकर आवागमन शुरू हुआ। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र मिचनाबाद, उपप्रधान विजय चौधरी, मोहन लाल पूनिया, नछत्र सिंह आदि आढ़तियों ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों को बताया कि ठेकेदार की मनमर्जी के कारण उठान नहीं हो पा रहा है।
ठेकेदार के कारिंदे उनसे दस रुपये प्रति कट्टे की रिश्वत मांग रहे हैं। जो आढ़ती रिश्वत दे देता है, उसकी उठान तो कर ली जाती है और जो मना कर देता है उसकी दुकान से उठान नहीं किया जाता। अधिकारियों ने आढ़तियों से कहा कि वे किसी को भी रिश्वत न दें और यदि कोई मांग करता है तो उन्हें बताएं।
इस दौरान आढ़तियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। एक घंटे तक लगाए गए इस जाम के कारण मंडी में गेहूं लेकर आने वाले किसानों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आढ़तियों का आरोप था कि उठान का कार्य बहुत धीमी गति से किया जा रहा है, जिस वजह से मंडी में गेहूं की ढेरियां लगाने के लिए जगह भी नहीं है।
इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने आढ़तियों को मार्केट कमेटी के कार्यालय में बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं और उसके तुरंत प्रभाव से समाधान की बात कही। मौके पर विपणन विभाग के मंडी विकास अधिकारी राम कुमार बैनीवाल भी मंडियों का निरीक्षण करने सिरसा आए हुए थे।
उन्होंने आढ़तियों को सोमवार को ही सभी समस्याओं का निष्पादन करने का आश्वासन दिया तब जाकर आढ़ती शांत हुए। बैनीवाल ने जिले की सभी मंडियों के अलावा कई खरीद केंद्रों का भी दौरा किया और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निष्पादन के लिए निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि मंडी में जोन बनाकर जोन स्तर पर उठान का कार्य शुरू किया जाए ताकि उठान का कार्य सही चलता रहे। उन्होंने उठान कार्य के ठेकेदार को भी बुलाया और उठान के लिए उचित दिशा निर्देश दिए।
मार्केटिंग बोर्ड के मंडी विकास अधिकारी (एमडीओ) रामकुमार बैनीवाल ने बताया कि उन्होंने सिरसा जिले की मंडियों का दौरा किया है। खरीद कार्य सही चल रहा है। जहां भी थोड़ी बहुत समस्या थी, वहां पर तुरंत प्रभाव से समस्या समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
उठान के लिए भी संबंधित ठेकेदारों को कहा गया है कि उठान के कार्य में ढिलाई न बरतें। बैनीवाल ने बताया कि उन्होंने स्वयं मंडी में जाकर आढ़तियों से उठान के लिए पर्ची सिस्टम शुरू करवाया है ताकि किसी की दुकान के आगे ज्यादा दिन तक खरीदी गई गेहूं की बोरियां नहीं पड़ी रहे।
सभी खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। फसल बेचने के लिए मंडी में आने वाले किसानों को यदि रात हो जाती है तो वे किसान भवन में ठहर सकते हैं। मंडी से शिकायत आई है कि उठान के लिए रिश्वत मांगी जा रही है। इस मामले में उन्होंने आढ़तियों से कहा कि वे किसी को रिश्वत न दें।
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे गेहूं की फसल सूखने के बाद ही मंडी में लाएं क्योंकि 12 प्रतिशत से अधिक नमी वाली गेहूं की खरीद नहीं होगी। सभी मंडियों में खरीद का कार्य सुचारु हो चुका है। मंडी में एक साथ गेहूं की आवक होने से थोड़ी अव्यवस्था हो गई थी लेकिन अब सब कुछ कंट्रोल में है। उन्होंने बताया कि कालांवाली मंडी में भी हुए विवाद को उन्होंने स्वयं जाकर सुलझा लिया है।