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Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   DNA test hinges on the future of newborn

डीएनए टेस्ट पर टिका नवजात का भविष्य

Fri, 08 Aug 2014 11:53 PM IST
sirsa
sirsa Updated Fri, 08 Aug 2014 11:53 PM IST
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रेलवे स्टेशन के पास बुधवार रात को झाड़ियों में मिले नवजात शिशु की मां उसे खोजते हुए शुक्रवार को अस्पताल पहुंच गई। महिला ने यहां दिल दहलाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि बुधवार को उसका पति महेश बरनाला रोड स्थित शक्ति नगर से अपने बच्चे को ले गया था, लेकिन उसके बाद नहीं लौटा। हो सकता है उसने ही बच्चे को झाड़ियों में फेंका हो। वहीं अस्पताल प्रशासन ने बच्चे को देने से मना कर दिया। मां ने जन्म प्रमाणपत्र भी दिखाया, लेकिन अस्पताल प्रशासन नहीं माना। महिला ने डीसी से गुहार लगाई तो उन्होंने कहा कि दोनों का डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा। टेस्ट मैच हुआ तो ही बच्चा महिला को सौंपा जाएगा।

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नवजात शिशु के परिजन बरनाला रोड स्थित शक्ति नगर में रहते हैं। मूल रूप से मध्यप्रदेश के छतरपुर जिला निवासी महेश कुमार काफी समय से सिरसा में राज मिस्त्री के रूप में काम कर रहा है। उसकी पत्नी रुक्मिणी ने बताया कि बुधवार को महेश अपने तीन माह के बेटे शिवा को घर से बाहर खिलाने ले गया था लेकिन घर नहीं लौटा।
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अखबारों में बृहस्पतिवार शाम को अपने बेटे की फोटो व खबर पढ़कर वह हैरान हो गई। रुक्मिणी सामान्य अस्पताल पहुंची और एमएस डॉक्टर सुभाषिणी को बताया कि यह नवजात शिशु उसका बेटा शिवा है, लेकिन अस्पताल प्रशासन नहीं माना। मां ने शुक्रवार सुबह डीसी अंशज सिंह से गुहार लगाई। रुक्मिणी ने डीसी को बताया कि उसका पति नशे का आदी है। इसी वजह से उसने बच्चे को फेंका होगा।
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डीसी अंशज के आदेश के बाद शहर थाना पुलिस रुक्मिणी को डीएनए टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल करने के लिए सामान्य अस्पताल में लेकर पहुंची। सिविल अस्पताल की एमएस डॉ. सुभाषिणी ने बताया कि डीएनए टेस्ट के लिए महिला व शिशु का ब्लड सैंपल लिया गया है। सैंपल पुलिस के हवाले किया जाएगा। पुलिस इसे टेस्ट के लिए मधुबन लैब में भेजेगी। डीएनए रिपोर्ट आने में करीब एक माह का समय लग जाता है लेकिन प्रशासन की तरफ से अनुरोध किया जाएगा कि रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर भेजी जाए। रिपोर्ट आने तक नवजात शिशु को अस्पताल की नर्सरी में ही रखा जाएगा।

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