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Sirsa News: डेयरी किसानों का वीटा कार्यालय पर धरना
Tue, 11 Aug 2026 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 11 Aug 2026 12:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रगतिशील डेयरी फार्म एसोसिएशन से जुड़े किसानों ने सोमवार को वीटा कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने दुग्ध उत्पादकों के लंबित भुगतान और दूध खरीद मूल्य में बढ़ोतरी सहित 11 मांगों को उठाया। संगठन ने हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक को मांगपत्र सौंपा।
किसानों ने लंबित भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की। उन्होंने भविष्य में भुगतान के लिए अधिकतम समय सीमा तय करने को कहा। इससे किसानों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। किसानों ने वीटा की खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग भी की।
उन्होंने दूध का मूल्य उत्पादन लागत के अनुरूप निर्धारित करने को कहा। एसोसिएशन ने वीटा द्वारा दूध खरीद मूल्य तय करने के आधार सार्वजनिक करने की मांग की। एसोसिएशन के प्रधान दलबीर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक इस अवसर पर मौजूद रहे।
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किसानों ने सरकारी प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर करने की मांग की। उन्होंने स्वीकृत राशि और भुगतान की जानकारी में पारदर्शिता मांगी। किसानों ने बताया कि पशु आहार महंगा होने के बावजूद दूध का मूल भाव कम है।
वर्ष 2021-22 में पशु आहार करीब 34 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो अब बढ़कर 44 से 45 रुपये प्रति किलोग्राम है। उन्होंने लागत आधारित स्थायी मूल्य समीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की।
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सिरसा। प्रगतिशील डेयरी फार्म एसोसिएशन से जुड़े किसानों ने सोमवार को वीटा कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने दुग्ध उत्पादकों के लंबित भुगतान और दूध खरीद मूल्य में बढ़ोतरी सहित 11 मांगों को उठाया। संगठन ने हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक को मांगपत्र सौंपा।
किसानों ने लंबित भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की। उन्होंने भविष्य में भुगतान के लिए अधिकतम समय सीमा तय करने को कहा। इससे किसानों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। किसानों ने वीटा की खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग भी की।
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उन्होंने दूध का मूल्य उत्पादन लागत के अनुरूप निर्धारित करने को कहा। एसोसिएशन ने वीटा द्वारा दूध खरीद मूल्य तय करने के आधार सार्वजनिक करने की मांग की। एसोसिएशन के प्रधान दलबीर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक इस अवसर पर मौजूद रहे।
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किसानों ने सरकारी प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर करने की मांग की। उन्होंने स्वीकृत राशि और भुगतान की जानकारी में पारदर्शिता मांगी। किसानों ने बताया कि पशु आहार महंगा होने के बावजूद दूध का मूल भाव कम है।
वर्ष 2021-22 में पशु आहार करीब 34 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो अब बढ़कर 44 से 45 रुपये प्रति किलोग्राम है। उन्होंने लागत आधारित स्थायी मूल्य समीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की।