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डेंगू का कहर : 20 नए केस मिले, विभाग ने शुरू किया सर्वे
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जिलेभर में डेंगू का कहर अब बढ़ने लगा है। वीरवार को डेंगू के 20 नये मामले सामने आने की पुष्टि हो गई है। विभाग ने इलाज शुरू कर दिया है और संबंधित एरिया में फॉगिंग करवाई जा रही है। लेकिन समस्या ये है कि विभाग केस मिलने के बाद फॉगिंग करवा रहा है, पहले इंतजाम नहीं हो रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने आशंकित मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। अब उनकी रिपोर्ट आ गई है। 20 नये डेंगू के केस कन्फर्म हुए हैं। रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने संक्रमितों के परिजनों के भी सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं और आसपास के एरिया में भी सर्वे का काम शुरू कर दिया है। पहले ही जिले में 240 मामले पाए जा चुके है। इनमें से विभाग ने 150 केस कन्फर्म किए थे लेकिन अब 20 केस और आ गए। इस बार मानूसन की बारिश अच्छी होने के बाद डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि होती जा रही है। इसमें डेंगू बुखार से ज्यादा मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या में भारी गिरावट परेशानी का सबब बनी हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
गंभीर नजर नहीं आ रहा प्रशासन, लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या
प्रशासन की सुस्ती का आलम यह है कि जिस हिसाब से डेंगू के मामले आ रहे हैं उसके अनुरूप फॉगिंग कराने की गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। यही कारण है कि सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। नगर परिषद की ओर से फॉगिंग को केवल उसी जगह पर करवाई जा रही है जहां पर कोई डेेंगू का मरीज मिलता है, लेकिन प्रशासन अभी तक समूचे नगर में फॉगिग कराने में रुचि नहीं दिखा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग दवा उपलब्ध कराता है छिड़काव और फॉगिंग की जिम्मेदारी नगर परिषद, नगरपालिका और ग्राम पंचायत की होती है।
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ये रखें सावधानी
- सप्ताह में एक दिन सूखा दिन मनाना चाहिए। इसमें कूलर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों, हौदी को सुखाना जरूरी है।
- यदि कूलर उपयोग में नहीं हैं तो रगड़कर साफ करके सुखाना चहिए। बरसात के मौसम में कूलर में पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
- पानी से भरे हुए तालाब व गड्ढों को मिट्टी से भरने के साथ सप्ताह में एक दिन काला तेल डालना चाहिए।
- स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से पानी व वाशबेसिन में टेमिफोस दवा डालना चाहिए।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें या मच्छर नाशक क्रीम का प्रयोग करें।
- जोहड़ों में मच्छर के लारवा खाने वाली गंबूजिया मछली पालें।
- तीन के का फार्मूला अपनाएं : कूड़ा, कबाड़ व कपड़े (पूरी बाजू के कपड़े पहनना)
डेंगू के लक्षण
- अचानक तेज बुखार होना
- छाती व ऊपर के हिस्सों में दाने निकलना
- सिर के आगे वाले हिस्से में तेज दर्द
- आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, शरीर के जोड़ों में दर्द
- भूख न लगना, बेचैनी होना और उल्टी होना।
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स्वास्थ्य विभाग ने आशंकित मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। अब उनकी रिपोर्ट आ गई है। 20 नये डेंगू के केस कन्फर्म हुए हैं। रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने संक्रमितों के परिजनों के भी सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं और आसपास के एरिया में भी सर्वे का काम शुरू कर दिया है। पहले ही जिले में 240 मामले पाए जा चुके है। इनमें से विभाग ने 150 केस कन्फर्म किए थे लेकिन अब 20 केस और आ गए। इस बार मानूसन की बारिश अच्छी होने के बाद डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि होती जा रही है। इसमें डेंगू बुखार से ज्यादा मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या में भारी गिरावट परेशानी का सबब बनी हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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गंभीर नजर नहीं आ रहा प्रशासन, लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या
प्रशासन की सुस्ती का आलम यह है कि जिस हिसाब से डेंगू के मामले आ रहे हैं उसके अनुरूप फॉगिंग कराने की गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। यही कारण है कि सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। नगर परिषद की ओर से फॉगिंग को केवल उसी जगह पर करवाई जा रही है जहां पर कोई डेेंगू का मरीज मिलता है, लेकिन प्रशासन अभी तक समूचे नगर में फॉगिग कराने में रुचि नहीं दिखा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग दवा उपलब्ध कराता है छिड़काव और फॉगिंग की जिम्मेदारी नगर परिषद, नगरपालिका और ग्राम पंचायत की होती है।
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ये रखें सावधानी
- सप्ताह में एक दिन सूखा दिन मनाना चाहिए। इसमें कूलर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों, हौदी को सुखाना जरूरी है।
- यदि कूलर उपयोग में नहीं हैं तो रगड़कर साफ करके सुखाना चहिए। बरसात के मौसम में कूलर में पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
- पानी से भरे हुए तालाब व गड्ढों को मिट्टी से भरने के साथ सप्ताह में एक दिन काला तेल डालना चाहिए।
- स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से पानी व वाशबेसिन में टेमिफोस दवा डालना चाहिए।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें या मच्छर नाशक क्रीम का प्रयोग करें।
- जोहड़ों में मच्छर के लारवा खाने वाली गंबूजिया मछली पालें।
- तीन के का फार्मूला अपनाएं : कूड़ा, कबाड़ व कपड़े (पूरी बाजू के कपड़े पहनना)
डेंगू के लक्षण
- अचानक तेज बुखार होना
- छाती व ऊपर के हिस्सों में दाने निकलना
- सिर के आगे वाले हिस्से में तेज दर्द
- आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, शरीर के जोड़ों में दर्द
- भूख न लगना, बेचैनी होना और उल्टी होना।