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Sirsa News: बाजरे की फसल एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग
Tue, 08 Sep 2026 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:06 PM IST
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सिरसा। इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष जसवीर सिंह जस्सा ने राज्य सरकार से बाजरे की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बेरुखी के कारण किसानों को अपनी उपज कम दामों पर बेचनी पड़ रही है।
जस्सा ने बताया कि सरकार ने बाजरे का एमएसपी 2900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। निजी खरीदार किसानों से केवल 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीद रहे हैं। इस अंतर से किसानों को प्रति क्विंटल करीब 1000 रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है। इनेलो जिलाध्यक्ष ने सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि बाजरा खरीद के लिए कोई उचित बाजार व्यवस्था नहीं की गई है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें मजबूरी में अपनी फसल कम दाम पर बेचनी पड़ रही है।
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सरकार से प्रमुख मांगें
जस्सा ने सरकार से मांग की कि बाजरे की फसल को भी पोर्टल पर पंजीकृत किया जाए। इसे गेहूं और सरसों सहित अन्य फसलों की तर्ज पर सरकारी एमएसपी पर खरीदा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मेहनत और लागत को ध्यान में रखना चाहिए। बाजरा खरीद की उचित व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करनी चाहिए। यह कदम उत्पादकों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक है।
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जस्सा ने बताया कि सरकार ने बाजरे का एमएसपी 2900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। निजी खरीदार किसानों से केवल 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीद रहे हैं। इस अंतर से किसानों को प्रति क्विंटल करीब 1000 रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है। इनेलो जिलाध्यक्ष ने सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाए।
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उन्होंने कहा कि बाजरा खरीद के लिए कोई उचित बाजार व्यवस्था नहीं की गई है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें मजबूरी में अपनी फसल कम दाम पर बेचनी पड़ रही है।
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सरकार से प्रमुख मांगें
जस्सा ने सरकार से मांग की कि बाजरे की फसल को भी पोर्टल पर पंजीकृत किया जाए। इसे गेहूं और सरसों सहित अन्य फसलों की तर्ज पर सरकारी एमएसपी पर खरीदा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मेहनत और लागत को ध्यान में रखना चाहिए। बाजरा खरीद की उचित व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करनी चाहिए। यह कदम उत्पादकों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक है।