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Sirsa News: उम्र की दहलीज पार...अंगूठे से हस्ताक्षर तक के सफर को तैयार, उल्लास कार्यक्रम से अक्षरों और अंकों से जुड़ रहे निरक्षर, 20 सितंबर को 19,338 लोग देंगे साक्षरता परीक्षा

Wed, 09 Sep 2026 10:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 09 Sep 2026 10:29 PM IST
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Crossing the threshold of age... ready for the journey from thumbprints to signatures, the illiterate are connecting with letters and numbers through fun programs. On September 20, 19,338 people will take the literacy test.
सिरसा। कभी सरकारी कागज पर नाम लिखने की जगह अंगूठा लगाना मजबूरी थी। बैंक का फार्म भरना हो या कोई दस्तावेज समझना, दूसरों का सहारा लेना पड़ता था। अब जिले में 43,249 लोगों की यह तस्वीर बदल रही है।
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उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम ने उम्र की बंदिश पीछे छोड़ते हुए इन्हें सीखने का अवसर दिया है। इनमें कई ऐसे लोग हैं, जिनकी पढ़ाई कभी शुरू नहीं हो सकी या जीवन की जिम्मेदारियों के कारण अधूरी रह गई।
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खेत-खलिहान, घर-परिवार और रोजी-रोटी के बीच किताबें पीछे छूट गईं। अब यही लोग पढ़ना-लिखना सीख रहे हैं। किसी के लिए अपना नाम लिखना बड़ी उपलब्धि है तो किसी के लिए बाजार का हिसाब खुद करना। कई लोगों के लिए अंगूठे की जगह अपने हाथ से हस्ताक्षर करना आत्मविश्वास की नई शुरुआत है।
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उल्लास कार्यक्रम के तहत 43,249 लोगों ने पढ़ने, लिखने और संख्यात्मक ज्ञान की बुनियादी दक्षता हासिल की है। इनमें से 23,911 लोग परीक्षा देकर साक्षर श्रेणी में शामिल हो चुके हैं। अब शेष 19,338 लोगों के ज्ञान का आकलन 20 सितंबर को होने वाली परीक्षा में किया जाएगा। विभाग का प्रयास है कि कार्यक्रम से जुड़े अधिक से अधिक लोग परीक्षा में शामिल हों।
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष फुटेला ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने या नाम लिखने तक सीमित नहीं है। इसका संबंध आत्मविश्वास और रोजमर्रा की जिंदगी में आत्मनिर्भरता से भी है। उन्होंने कहा कि गांवों और मोहल्लों में अभी भी कई लोग शिक्षा से दूर हैं। परिवार और समाज उन्हें उल्लास कार्यक्रम से जोड़कर बदलाव की राह खोल सकते हैं।

स्कूल की उम्र निकल गई, सीखने की नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम में सीखने के लिए उम्र को बाधा नहीं माना गया है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु का कोई भी निरक्षर व्यक्ति इससे जुड़ सकता है। इसके लिए नजदीकी राजकीय विद्यालय में जाकर पंजीकरण करवाया जा सकता है।
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