फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Sirsa News, Hindi News, Crime, Murder, Kill own family, Suicide, psyco killer, Kill, Sirsa

झगड़े के बाद नशे में हावी हुई हैवानियत और कस्सी से काट डाला बीवी और मासूम बच्चों को

Mon, 02 May 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Mon, 02 May 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
Sirsa News, Hindi News, Crime, Murder, Kill own family, Suicide, psyco killer, Kill, Sirsa
मौके से तथ्य जुटाते पुलिसकर्मी - फोटो : Bureau

इलाज के दौरान रविवार देर रात आरोपी की मौत

विज्ञापन


कई वर्षों से चल रहा है उपचार, परिवार में पांचों भाइयों की मानसिक दशा ठीक नहीं

पांच साल पहले की थी आत्महत्या की कोशिश

अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। धोलपालिया में दो बच्चों और एक महिला की निर्मम हत्या को देखकर सिरसा सिहर उठा है। हर किसी की जुबान पर एक ही बात है कि कैसे कोई व्यक्ति इतना निर्दयी हो जाता है। दरअसल इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने का आरोपी महेंद्र सहारण मनोरोगी है। कई वर्षों से उसका उपचार चल रहा है। महेंद्र ही नहीं उनके पूरे परिवार में मनोरोग का इतिहास है। जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती जा रही है।

इस परिवार में पांच भाई हैं और किसी में कम या ज्यादा सभी मनोरोग से पीड़ित हैं। पांच साल पहले महेंद्र ने जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। हत्यारोपी महेंद्र सहारण बीमारी के चलते छोटी सी बात पर बिफर जाता है और उसकी इसी स्थिति ने उसे अपने मासूम बच्चों व पत्नी का कातिल बना दिया।  
विज्ञापन


हुआ यूं कि हर रोज की तरह महेंद्र ने शाम करीब सात बजे अपनी ढाणी में ही शराब का सेवन किया। इसके बाद पत्नी सुनीता के साथ उसकी किसी बात को लेकर बहस हो गई। महेंद्र अपनी चारपाई पर जाकर लेट गया लेकिन उसका क्रोध शांत नहीं हुआ। पत्नी सुनीता व बच्चे 12 वर्षीय पुत्र राहुल तथा आठ वर्षीय पुत्री पलक चारपाई पर सोई हुई थी। महेंद्र चारपाई से उठा और बरामदे में पड़ी कस्सी उठाई। दिमाग में सवार हैवानियत के कारण उसने गहरी नींद में सोई पत्नी व बच्चों पर कस्सी से ताबड़ तोड़ वार करके उनकी गर्दनें काट डालीं। तीनों को मौत के घाट उतारने के बाद उसने कमरे में रखी सल्फास पी ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


बच्चों के शव देखकर कांप उठे लोग
तिहरे हत्याकांड की खबर मिलते ही हर कोई महेंद्र सिंह की ढाणी की ओर दौड़ पड़ा, आंगन में चारपाई पर दोनो बच्चों और उनकी मां के शव देखकर कांप उठे। दोनों बच्चों और पत्नी की गर्दन कस्सी से काटी हुई थी और तीनों शव खून से लथपथ थे। हर कोई एक दूसरे से यहीं सवाल कर रहा था कि आखिर महेंद्र को बच्चों पर रहम क्यों नहीं आया। उसके बच्चों का इसमें क्या कसूर था। परिवार की महिलाओं को रो रोककर बुरा हाल था।  

खुद की जान पर बनी तो तड़प उठा
वारदात के बाद महेंद्र सहारण ने मरने के इरादे से जैसे ही जहर पिया वह मौत के डर से तड़प उठा। जान बचाने के लिए उसका दिमाग भी काम करने लगा और उसने रसोई में रखा सारा घी पी लिया। घी पीने के तुरंत बाद उसे उल्टियां आनी शुरू हो गईं जिससे शरीर के अंदर से ज्यादातर जहर बाहर निकल गया। महेंद्र भी बेसुध होकर घर के बाहर गिर पड़ा। तड़के पास की ढाणी में रहने वाला एक ग्रामीण वहां से गुजरा तो बेसुध हालत में बड़बड़ा रहे महेंद्र के पास पहुंचा। सामने का दृश्य देखकर वह सन्न रह गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र में आग की तरह यह बात फैल गई। सरपंच ने सुबह छह बजे पुलिस थाने में फोन करके वारदात की सूचना दी। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने महेेंद्र को हिरासत में लिया। उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। रविवार देर रात इलाज के दौरान महेंद्र की मौत हो गई।

मैं गुनहगार हूं, मुझे सजा मिलनी चाहिए
अस्पताल में उपचाराधीन हत्यारोपी महेंद्र सहारण का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान हुआ। बयान में महेंद्र ने कहा कि उसकी मानसिक दशा ठीक नहीं रहती। कई वर्षों से इलाज करवा रहा है। मानसिक हालत ठीक नहीं होने के चलते उसने रात को कस्सी से पहले चारपाई पर सोई अपनी पत्नी की हत्या की। उसके बाद बेटी और फिर बेटे की गर्दन काट डाली। इसके बाद उसने सल्फास की गोली खा ली, उल्टी शुरू होने के बाद उसने अपने भाई की ढाणी में जाकर उन्हें सब कुछ बता दिया। वह गुनहगार है और उसे इसकी सजा मिलनी चाहिए।

महेन्द्र के भाई पर भी आरोप
मृतका सुनीता के भाई रोहताश ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपी महेंद्र के भाई राजेंद्र से भी उसकी एक दूसरी बहन सुमन शादीशुदा है। जिसका शनिवार दोपहर फोन आया था कि उसका जीजा महेंद्र उसकी बहन सुनीता से झगड़ा कर रहा है। इस पर वह कुमथला से गांव धोलपालिया महेंद्र के घर गया। उसका कहना है कि उसने सुनीता और महेंद्र को समझा कर मामला शांत करवा दिया। रोहताश ने बताया कि रात्रि में खाना खाने के बाद वह घर से बाहर सो गया जबकि आरोपी महेंद्र, सुनीता, राहुल व पलक घर के अंदर सो गए। रात्रि में करीब एक बजे घर में जोर-जोर से चिल्लाने की आवाजें आई तो उसने उठकर देखा। उस समय उसका जीजा महेंद्र कस्सी से व उसका भाई राजीव उर्फ कालू कस्सिये से इन तीनों को काट रहे थे। जब उसने उन्हें बचाने का प्रयास किया तो राजीव कस्सियां लेकर उसके पीछे भागा, जिससे उसने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। उसने आरोप लगाया है कि उसकी बहन व बच्चों की हत्या महेंद्र व राजीव ने मिलकर की है। पुलिस ने दोनों भाइयों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


हुआ अंतिम संस्कार
सामान्य अस्पताल में मृतक सुनीता, राहुल व पलक के शव का पोस्टमार्टम शाम को हुआ। इसके बाद शवों को गांव धोलपालिया ले जाया गया। जहां शवों का संस्कार किया गया। ऐहतिहात के तौर पर मौके पर पुलिस की तैनाती भी की गई।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed