Sirsa: दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, न्यायाधीश बोले- रहम की गुंजाइश नहीं
दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। दोषी ने न्यायाधीश के सामने सजा में रहम की गुहार लगाई, जिसपर न्यायाधीश ने कहा कि अपराध बहुत संज्ञेय है।
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हरियाणा के सिरसा में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने वाले आरोपी युवक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी को 50 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अदालत के फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी जसविंदर सिंह ने न्यायाधीश डॉ. प्रवीण कुमार से सजा में रहम की गुहार लगाई, उसने कहा कि वह बहुत गरीब परिवार से है। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि तुमने बहुत संज्ञेय अपराध किया है, इसमें किसी प्रकार के रहम की कोई गुंजाइश नहीं। इसके बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. प्रवीण कुमार ने जसविंदर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुना दी।
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घर में अकेली थी पीड़िता
महिला अधिवक्ता समक्ष महिला थाना पुलिस को दिए बयान में 8 वर्षीय पीड़ित बच्ची ने बताया था कि वह रानियां के सरकारी स्कूल में कक्षा दूसरी में पढ़ती है। 30 जून 2019 को उसकी मां खेत में गई हुई थी और पिता काम करने गए थे। वह घर पर अकेली थी, इसी दौरान दोपहर एक बजे पड़ोसी जसविंदर सिंह जबरन घर में आ गया और उसे 3 रुपये दिए।
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इसके बाद जसविंदर सिंह उसके साथ जबरदस्ती करने लग गया तो इतने में ही उसका भाई घर आ गया। जिसे देख जसविंदर सिंह भाग खड़ा हुआ। इसके बाद सिरसा महिला थाना पुलिस ने पीड़ित बच्ची का नागरिक अस्पताल में मेडिकल करवाया और मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके कलम बंद बयान दर्ज करवाए गए। कलमबंद बयानों के आधार पर एफआईआर में 376 की जगह धारा 376 एबी जोड़ी गई।
इन धाराओं में हुई सजा
- धारा 450 5 साल कैद व 10 हजार जुर्माना
- धारा 376एबी उम्र कैद व 30 हजार जुर्माना
- धारा 506 दो साल कैद व 10 हजार जुर्माना